13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पेजेश्कियन का सैन्य आधुनिकीकरण पर जोर, ईरानी कमांडरों से बैठक में बोले — दुश्मन हमारी ताकत से हैरान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पेजेश्कियन का सैन्य आधुनिकीकरण पर जोर, ईरानी कमांडरों से बैठक में बोले — दुश्मन हमारी ताकत से हैरान

सारांश

ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने सैन्य कमांडरों के साथ बैठक में साफ संदेश दिया — अमेरिका-इज़रायल संघर्ष ने ईरान की ताकत उजागर की, लेकिन अब और तेज़ आधुनिकीकरण ज़रूरी है। शोध संस्थानों और ज्ञान-आधारित कंपनियों को रक्षा क्षेत्र से जोड़ने की योजना है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 26 मई 2026 को तेहरान में सैन्य कमांडरों और रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की।
हाल के अमेरिका-इज़रायल संघर्ष में ईरानी सशस्त्र बलों की भूमिका की सराहना की गई; पेजेश्कियन ने कहा दुश्मन ईरान की ताकत से हैरान था।
सेना को विश्वविद्यालयों, शोध केंद्रों और ज्ञान-आधारित कंपनियों के सहयोग से आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया।
सैन्य कर्मियों और शहीदों के परिवारों को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया गया।
पेजेश्कियन ने कहा कि क्षेत्रीय देश अब समझ चुके हैं कि अमेरिका पर सुरक्षा निर्भरता स्थायी नहीं है।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने मंगलवार, 26 मई 2026 को तेहरान में सैन्य कमांडरों और रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें उन्होंने ईरान की सशस्त्र सेनाओं को तेज़ी से आधुनिक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, बैठक में हाल के अमेरिका-इज़रायल संघर्ष के दौरान ईरानी सेना की भूमिका की भी समीक्षा की गई।

संघर्ष में सेना की भूमिका की सराहना

पेजेश्कियन ने हालिया संघर्ष में ईरानी सशस्त्र बलों द्वारा प्रदर्शित साहस और रणनीतिक तैयारी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'दुश्मन ने कभी नहीं सोचा था कि ईरान के सशस्त्र बल इतनी मजबूत आक्रामक क्षमता, ऑपरेशनल तैयारी और रणनीतिक तत्परता रखते हैं। यह उपलब्धियाँ वर्षों की लगातार योजना और आधुनिकीकरण के प्रयासों का परिणाम हैं।' उनके अनुसार, इस संघर्ष ने ईरान की प्रतिरोधक क्षमता और रक्षा शक्ति को और सुदृढ़ किया है।

सैन्य आधुनिकीकरण की जरूरत

राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में शत्रु पक्षों के पास अत्याधुनिक तकनीक और उपकरण उपलब्ध हैं, इसलिए ईरान को भी तीव्र गति से नई और उन्नत रक्षा तकनीकों की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने विश्वविद्यालयों, शोध केंद्रों और ज्ञान-आधारित कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाने को अनिवार्य बताया। पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान के रक्षा उद्योग में पहले ही महत्त्वपूर्ण प्रगति हो चुकी है, लेकिन अब इस प्रगति की गति और तेज़ करने की आवश्यकता है।

बुनियादी ढाँचे और मानव संसाधन पर ज़ोर

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि रक्षा और सुरक्षा ढाँचों को आधुनिक तकनीकी बदलावों के अनुरूप नए सिरे से तैयार करना होगा और बुनियादी ढाँचे को मज़बूत कर राष्ट्रीय रक्षा क्षमता को अधिक लचीला बनाना होगा। उन्होंने सैन्य कर्मियों और शहीदों के परिवारों को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और कहा कि मानव संसाधन ही देश की रक्षा शक्ति की असली नींव हैं।

राष्ट्रीय एकता और विभाजन के खिलाफ चेतावनी

पेजेश्कियन ने राष्ट्रीय एकता और सामाजिक एकजुटता को देश की ताकत का महत्त्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि शत्रु देश के भीतर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं और इससे सावधान रहना ज़रूरी है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान क्षेत्रीय तनावों और आंतरिक आर्थिक दबावों दोनों का एक साथ सामना कर रहा है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर संकेत

बैठक के समापन पर पेजेश्कियन ने परोक्ष रूप से कहा कि 'क्षेत्र के कई देश अब यह समझ चुके हैं कि अमेरिका पर सुरक्षा के लिए निर्भर रहना स्थायी सुरक्षा प्रदान करने में विफल रहा है।' यह टिप्पणी क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को लेकर तेहरान के बदलते दृष्टिकोण को दर्शाती है। आने वाले समय में ईरान की रक्षा नीति और सैन्य आधुनिकीकरण की दिशा पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि आधुनिकीकरण की माँग स्वीकार करती है कि मौजूदा क्षमताएँ पर्याप्त नहीं हैं। अमेरिका पर निर्भरता को 'विफल मॉडल' कहना क्षेत्रीय देशों को एक वैकल्पिक सुरक्षा ढाँचे की ओर आकर्षित करने का संकेत है। असली परीक्षा यह होगी कि प्रतिबंधों के बीच ईरान विश्वविद्यालयों और निजी कंपनियों को रक्षा तकनीक से कितनी प्रभावी रूप से जोड़ पाता है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने सैन्य कमांडरों के साथ बैठक में क्या कहा?
पेजेश्कियन ने ईरानी सेना को तेज़ी से आधुनिक बनाने की ज़रूरत पर बल दिया और कहा कि दुश्मन को ईरान की रणनीतिक तैयारी की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने विश्वविद्यालयों और शोध केंद्रों के साथ सहयोग बढ़ाने को अनिवार्य बताया।
ईरान के सैन्य आधुनिकीकरण की योजना क्या है?
ईरान विश्वविद्यालयों, शोध केंद्रों और ज्ञान-आधारित कंपनियों के सहयोग से उन्नत रक्षा तकनीक विकसित करना चाहता है। राष्ट्रपति पेजेश्कियन के अनुसार रक्षा और सुरक्षा ढाँचों को आधुनिक तकनीकी बदलावों के अनुरूप नए सिरे से तैयार किया जाएगा।
अमेरिका-इज़रायल संघर्ष में ईरानी सेना की क्या भूमिका रही?
सरकारी एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, पेजेश्कियन ने कहा कि इस संघर्ष में ईरानी सशस्त्र बलों ने मज़बूत आक्रामक क्षमता और ऑपरेशनल तैयारी का प्रदर्शन किया, जिसने देश की प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ किया।
पेजेश्कियन ने राष्ट्रीय एकता पर क्यों ज़ोर दिया?
पेजेश्कियन ने चेतावनी दी कि शत्रु देश के भीतर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय एकता और सामाजिक एकजुटता को देश की रक्षा शक्ति का महत्त्वपूर्ण आधार बताया।
पेजेश्कियन ने अमेरिका पर निर्भरता के बारे में क्या कहा?
राष्ट्रपति ने परोक्ष रूप से कहा कि क्षेत्र के कई देश अब यह समझ चुके हैं कि अमेरिका पर सुरक्षा के लिए निर्भर रहना स्थायी सुरक्षा प्रदान करने में विफल रहा है। यह टिप्पणी क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन को लेकर ईरान के बदलते दृष्टिकोण को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले