पेजेश्कियन का सैन्य आधुनिकीकरण पर जोर, ईरानी कमांडरों से बैठक में बोले — दुश्मन हमारी ताकत से हैरान
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने मंगलवार, 26 मई 2026 को तेहरान में सैन्य कमांडरों और रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें उन्होंने ईरान की सशस्त्र सेनाओं को तेज़ी से आधुनिक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, बैठक में हाल के अमेरिका-इज़रायल संघर्ष के दौरान ईरानी सेना की भूमिका की भी समीक्षा की गई।
संघर्ष में सेना की भूमिका की सराहना
पेजेश्कियन ने हालिया संघर्ष में ईरानी सशस्त्र बलों द्वारा प्रदर्शित साहस और रणनीतिक तैयारी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'दुश्मन ने कभी नहीं सोचा था कि ईरान के सशस्त्र बल इतनी मजबूत आक्रामक क्षमता, ऑपरेशनल तैयारी और रणनीतिक तत्परता रखते हैं। यह उपलब्धियाँ वर्षों की लगातार योजना और आधुनिकीकरण के प्रयासों का परिणाम हैं।' उनके अनुसार, इस संघर्ष ने ईरान की प्रतिरोधक क्षमता और रक्षा शक्ति को और सुदृढ़ किया है।
सैन्य आधुनिकीकरण की जरूरत
राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में शत्रु पक्षों के पास अत्याधुनिक तकनीक और उपकरण उपलब्ध हैं, इसलिए ईरान को भी तीव्र गति से नई और उन्नत रक्षा तकनीकों की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने विश्वविद्यालयों, शोध केंद्रों और ज्ञान-आधारित कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाने को अनिवार्य बताया। पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान के रक्षा उद्योग में पहले ही महत्त्वपूर्ण प्रगति हो चुकी है, लेकिन अब इस प्रगति की गति और तेज़ करने की आवश्यकता है।
बुनियादी ढाँचे और मानव संसाधन पर ज़ोर
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि रक्षा और सुरक्षा ढाँचों को आधुनिक तकनीकी बदलावों के अनुरूप नए सिरे से तैयार करना होगा और बुनियादी ढाँचे को मज़बूत कर राष्ट्रीय रक्षा क्षमता को अधिक लचीला बनाना होगा। उन्होंने सैन्य कर्मियों और शहीदों के परिवारों को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और कहा कि मानव संसाधन ही देश की रक्षा शक्ति की असली नींव हैं।
राष्ट्रीय एकता और विभाजन के खिलाफ चेतावनी
पेजेश्कियन ने राष्ट्रीय एकता और सामाजिक एकजुटता को देश की ताकत का महत्त्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि शत्रु देश के भीतर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं और इससे सावधान रहना ज़रूरी है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान क्षेत्रीय तनावों और आंतरिक आर्थिक दबावों दोनों का एक साथ सामना कर रहा है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर संकेत
बैठक के समापन पर पेजेश्कियन ने परोक्ष रूप से कहा कि 'क्षेत्र के कई देश अब यह समझ चुके हैं कि अमेरिका पर सुरक्षा के लिए निर्भर रहना स्थायी सुरक्षा प्रदान करने में विफल रहा है।' यह टिप्पणी क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को लेकर तेहरान के बदलते दृष्टिकोण को दर्शाती है। आने वाले समय में ईरान की रक्षा नीति और सैन्य आधुनिकीकरण की दिशा पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।