ईरान युद्ध की इच्छा नहीं रखता, केवल आत्मरक्षा कर रहा है: राष्ट्रपति पेजेश्कियन
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तेहरान, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने यह स्पष्ट किया है कि उनका देश किसी भी प्रकार के युद्ध का समर्थन नहीं करता और वर्तमान परिस्थितियों में वे केवल आत्मरक्षा के लिए कदम उठा रहे हैं।
ईरानी स्टूडेंट न्यूज एजेंसी (आईएसएनए) के अनुसार, पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान ने कभी किसी भी देश पर हमला नहीं किया है और न ही इसका कोई इरादा है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना तेहरान की प्राथमिकता है।
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों ने नागरिक संरचनाओं को निशाना बनाया है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। इसे उन्होंने मानवाधिकारों के प्रति “दोहरे मापदंड” का उदाहरण बताया।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की और कहा कि ट्रंप के पास ईरान को उसके परमाणु अधिकारों से वंचित करने का कोई ठोस आधार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “ट्रंप कहते हैं कि ईरान अपने न्यूक्लियर अधिकारों का उपयोग नहीं कर सकता, लेकिन वे यह नहीं बताते कि किस अपराध के लिए। वे कौन होते हैं किसी देश को उसके अधिकारों से वंचित करने वाले?”
रिपोर्ट के अनुसार, वाशिंगटन और तेहरान के बीच परमाणु मुद्दे को लेकर तनाव बना हुआ है। इस बीच, ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा है कि देश अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की रक्षा करेगा।
इसके अलावा, ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर कालिबफ ने कहा कि उनका देश स्थायी शांति चाहता है। एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने अमेरिका पर अविश्वास जताते हुए कहा कि ईरान की नीयत स्पष्ट है और वह ऐसा वातावरण चाहता है जहां भविष्य में युद्ध की संभावनाएं समाप्त हों।
उन्होंने कहा, “हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती अमेरिका पर भरोसे की कमी है, लेकिन हम स्थायी शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं।”