ईरानी राष्ट्रपति का दावा: 'हम युद्ध नहीं, संवाद की ओर बढ़ना चाहते हैं'

Click to start listening
ईरानी राष्ट्रपति का दावा: 'हम युद्ध नहीं, संवाद की ओर बढ़ना चाहते हैं'

सारांश

तेहरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के अनुसार, ईरान युद्ध नहीं बल्कि संवाद चाहता है। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह ईरान पर अपनी शर्तें थोपने का प्रयास न करे। ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।

Key Takeaways

  • ईरान का संवाद का आग्रह
  • संप्रभुता की रक्षा की आवश्यकता
  • अमेरिका से बातचीत की संभावनाएँ
  • मानवाधिकार का महत्व
  • सीजफायर के प्रभाव

तेहरान, १५ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। इस अवसर पर ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह युद्ध नहीं, बल्कि संवाद की इच्छा रखता है। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने आईआरएनए न्यूज एजेंसी को बताया कि ईरान किसी भी प्रकार की टकराव में नहीं जाना चाहता और विवादों का समाधान केवल संवाद के माध्यम से ही संभव है।

पेजेश्कियन ने अमेरिका को भी चेतावनी दी है कि वह ईरान पर अपनी शर्तें नहीं थोपे और न ही उसे आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करने का प्रयास करे, क्योंकि ऐसी कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी।

उन्होंने हालिया हमलों पर भी सवाल उठाए, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सिद्धांतों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार के नियमों के अनुसार नागरिकों, बच्चों, बुद्धिजीवियों, स्कूलों और अस्पतालों को निशाना बनाना उचित नहीं है।

उन्होंने दोहराया कि ईरान शांति और संवाद के पक्ष में है, लेकिन अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।

यह बयान अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर बढ़ती नाकेबंदी के बीच आया है। वर्तमान में दो हफ्ते का सीजफायर लागू है। इसी बीच इस्लामाबाद टॉक्स में स्थायी सुलह की आशा बनी, लेकिन ९-१० अप्रैल को हुई बातचीत बेनतीजा रही।

अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इसका खामियाजा ईरान को उठाना पड़ेगा। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह ऐलान किया कि होर्मुज का निगरानी अब अमेरिकी सेना करेगी। वहां से गुजरने वाले उन जहाजों पर नजर रखी जाएगी जो ईरान को कथित टोल दे रहे हैं और क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जाएगा।

वहीं, यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि नाकेबंदी को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि नाकेबंदी शुरू होने के महज ३६ घंटों के भीतर, अमेरिकी सेना ने ईरान में आने-जाने वाले सभी समुद्री व्यापार को रोक दिया था।

Point of View

यह स्पष्ट है कि ईरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करने के लिए दृढ़ है। राष्ट्रपति पेजेश्कियन का संवाद का आग्रह, संघर्ष के बजाय शांति की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। अमेरिका के साथ बातचीत के लिए ईरान की तत्परता महत्वपूर्ण है।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

ईरान ने युद्ध की बजाय संवाद की आवश्यकता क्यों बताई?
ईरान का मानना है कि विवादों का समाधान केवल संवाद के माध्यम से संभव है।
पेजेश्कियन ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी?
उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका ईरान पर अपनी शर्तें थोपने का प्रयास न करे।
ईरान की संप्रभुता का क्या महत्व है?
ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।
सीजफायर का क्या असर है?
सीजफायर से तनाव कम करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही है।
अमेरिका की नाकेबंदी का क्या प्रभाव है?
अमेरिका ने नाकेबंदी लागू कर दी है, जिससे ईरान में समुद्री व्यापार पर रोक लग गई है।
Nation Press