पीएम मोदी और मित्र मैक्रों के बीच फोन वार्ता, पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की गई।
- होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर सहमति बनी।
- तनाव कम करने के लिए संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
- भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने की बात की गई।
- ईरान-यूएस संघर्ष के बीच यह वार्ता महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नई दिल्ली, १६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फोन किया। पीएम मोदी ने इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की। चर्चा का मुख्य विषय होर्मुज की सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता था।
पीएम मोदी ने लिखा, "मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति मैक्रों का फोन आया। हमने पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की और होर्मुज जलडमरूमध्य में तुरंत सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही बहाल करने की आवश्यकता पर सहमति बनाई।" उनके अनुसार, तनावपूर्ण क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के लिए दोनों देशों को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
यह पश्चिम एशिया के संकट के बीच पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच दूसरी बार फोन पर बातचीत हुई है। इससे पहले १९ मार्च को भी दोनों ने बातचीत की थी, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि मौजूदा हालात में तनाव को कम करने के लिए तत्काल संवाद और कूटनीति की आवश्यकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत और फ्रांस क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करेंगे।
इसके बाद पीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति पर बातचीत हुई। हमने तनाव कम करने की आवश्यकता और संवाद व कूटनीति की ओर लौटने पर जोर दिया। क्षेत्र और उससे आगे शांति और स्थिरता के लिए हम मिलकर काम करेंगे।'
यह फोन बातचीत तब हुई जब ईरान-यूएस के बीच अस्थाई संघर्ष की घोषणा हुई।
१४ अप्रैल को ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पीएम मोदी को फोन किया था। इस बातचीत में दोनों ने ४० मिनट तक चर्चा की। पीएम मोदी ने बताया कि हमने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर भी बल दिया।