23 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आजमगढ़ के शम्भूपुर में अरविंद ने पत्नी व 2 पुजारियों की हत्या की, मुठभेड़ में ढेर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आजमगढ़ के शम्भूपुर में अरविंद ने पत्नी व 2 पुजारियों की हत्या की, मुठभेड़ में ढेर

सारांश

आजमगढ़ के शम्भूपुर में पूजा के दौरान विवाद के बाद अरविंद ने पत्नी बबीता और दो पुजारियों की हत्या कर दी, फिर बच्चों सहित कमरे में बंद हो गया। पुलिस के बातचीत के प्रयासों के बीच उसने अपने बेटे को भी गोली मार दी — जिसके बाद हुई मुठभेड़ में आरोपी खुद मारा गया।

मुख्य बातें

आजमगढ़ के ग्राम शम्भूपुर में अरविंद ने मंगलवार देर रात पूजा के दौरान विवाद के बाद पत्नी बबीता और 2 पुजारियों की गोली मारकर हत्या की।
हत्या के बाद आरोपी ने अपने 3 बच्चों के साथ कमरे में खुद को बंद कर लिया।
पुलिस के सरेंडर कराने के प्रयासों के दौरान आरोपी ने अपने एक बेटे को भी गोली मारी, जिसकी बाद में अस्पताल में मृत्यु हो गई।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी अरविंद गंभीर रूप से घायल हुआ और अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस ने 2 बच्चों को सकुशल बाहर निकाला; घटनास्थल पर SOG और फॉरेंसिक टीम जाँच में जुटी है।

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के थाना अहरौला क्षेत्र के ग्राम शम्भूपुर में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब अरविंद नाम के व्यक्ति ने अपनी पत्नी बबीता और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में आरोपी और उसका एक बेटा भी मारे गए, जबकि दो अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

घटनाक्रम की शुरुआत

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को अरविंद के घर में पूजा का आयोजन हो रहा था। इस दौरान किसी बात को लेकर विवाद छिड़ गया, जो इतना बढ़ा कि अरविंद ने अपनी पत्नी बबीता और वहाँ उपस्थित दो पुजारियों पर गोली चला दी। तीनों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। इसके बाद आरोपी ने अपने तीन बच्चों को साथ लेकर कमरे में खुद को बंद कर लिया।

पुलिस का समझाने का प्रयास और संकट

पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुँची। आरोपी को बच्चों सहित कमरे से बाहर निकालने और सरेंडर कराने के लिए व्यापक प्रयास किए गए। इसमें उसके परिजनों का भी सहयोग लिया गया। हालाँकि, आरोपी ने बच्चों और परिजनों को गोली मारने की धमकी देता रहा।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) नवीन अरोड़ा ने बताया कि पुलिस ने पूरे संयम का परिचय देते हुए कमांडो के ज़रिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की कोशिश की। जब एसपी आजमगढ़ की टीम बातचीत के लिए कमरे के भीतर पहुँची, उसी दौरान आरोपी ने अपने एक बेटे को गोली मार दी।

मुठभेड़ और आरोपी का अंत

गोली की आवाज़ सुनते ही पुलिस कमरे में दाखिल हुई, जिस पर अरविंद ने पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पर्याप्त चेतावनियों के बावजूद आरोपी ने गोलियाँ चलाना जारी रखा। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे और घायल बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहाँ उपचार के दौरान दोनों की मृत्यु हो गई।

बच्चों का बचाव और फॉरेंसिक जाँच

पुलिस द्वारा दो बच्चों को सकुशल और सुरक्षित घटनास्थल से बाहर निकाल लिया गया। ADG नवीन अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि पुलिस के पास बच्चों की जान बचाने के लिए जवाबी कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं था। घटनास्थल पर पर्याप्त पुलिस बल, SOG (स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप) और फॉरेंसिक टीम तैनात है। साक्ष्य संकलन और अन्य विधिक कार्यवाही जारी है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जाँच कर रही है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। अधिकारियों के अनुसार, विवाद की असली वजह की पड़ताल की जा रही है और पूरी घटना को लेकर विधिसम्मत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बातचीत के दौरान बच्चे की मौत गंभीर सवाल उठाती है — क्या रेस्क्यू प्रोटोकॉल पर्याप्त था? ADG और SP के बयान पुलिस की कार्यप्रणाली को उचित ठहराते हैं, परंतु स्वतंत्र मजिस्ट्रेटी जाँच ही वास्तविक तथ्य सामने ला सकती है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आजमगढ़ के शम्भूपुर में क्या हुआ?
आजमगढ़ के थाना अहरौला क्षेत्र के ग्राम शम्भूपुर में अरविंद नामक व्यक्ति ने मंगलवार देर रात पूजा के दौरान विवाद के बाद अपनी पत्नी बबीता और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद हुई पुलिस मुठभेड़ में आरोपी और उसका एक बेटा भी मारे गए।
पुलिस ने मुठभेड़ क्यों की?
हत्या के बाद आरोपी ने अपने तीन बच्चों सहित कमरे में खुद को बंद कर लिया और पुलिस तथा परिजनों के समझाने पर भी सरेंडर नहीं किया। जब पुलिस बच्चों को बचाने अंदर घुसी तो आरोपी ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई की।
घटना में कितने लोगों की मौत हुई?
कुल पाँच लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है — पत्नी बबीता, दो पुजारी, आरोपी अरविंद, और उसका एक बेटा। दो अन्य बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला।
क्या पुलिस की कार्रवाई की जाँच होगी?
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के अनुसार, घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम और SOG मौजूद है और साक्ष्य संकलन जारी है। पूरे प्रकरण की विधिसम्मत जाँच प्रक्रिया चल रही है।
विवाद की वजह क्या थी?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अरविंद के घर पूजा के दौरान किसी बात पर विवाद हो गया, जो बाद में हत्या तक पहुँच गया। पुलिस विवाद की असली वजह की जाँच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले