आजमगढ़ के शम्भूपुर में अरविंद ने पत्नी व 2 पुजारियों की हत्या की, मुठभेड़ में ढेर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के थाना अहरौला क्षेत्र के ग्राम शम्भूपुर में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब अरविंद नाम के व्यक्ति ने अपनी पत्नी बबीता और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में आरोपी और उसका एक बेटा भी मारे गए, जबकि दो अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटनाक्रम की शुरुआत
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को अरविंद के घर में पूजा का आयोजन हो रहा था। इस दौरान किसी बात को लेकर विवाद छिड़ गया, जो इतना बढ़ा कि अरविंद ने अपनी पत्नी बबीता और वहाँ उपस्थित दो पुजारियों पर गोली चला दी। तीनों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। इसके बाद आरोपी ने अपने तीन बच्चों को साथ लेकर कमरे में खुद को बंद कर लिया।
पुलिस का समझाने का प्रयास और संकट
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुँची। आरोपी को बच्चों सहित कमरे से बाहर निकालने और सरेंडर कराने के लिए व्यापक प्रयास किए गए। इसमें उसके परिजनों का भी सहयोग लिया गया। हालाँकि, आरोपी ने बच्चों और परिजनों को गोली मारने की धमकी देता रहा।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) नवीन अरोड़ा ने बताया कि पुलिस ने पूरे संयम का परिचय देते हुए कमांडो के ज़रिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की कोशिश की। जब एसपी आजमगढ़ की टीम बातचीत के लिए कमरे के भीतर पहुँची, उसी दौरान आरोपी ने अपने एक बेटे को गोली मार दी।
मुठभेड़ और आरोपी का अंत
गोली की आवाज़ सुनते ही पुलिस कमरे में दाखिल हुई, जिस पर अरविंद ने पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पर्याप्त चेतावनियों के बावजूद आरोपी ने गोलियाँ चलाना जारी रखा। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे और घायल बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहाँ उपचार के दौरान दोनों की मृत्यु हो गई।
बच्चों का बचाव और फॉरेंसिक जाँच
पुलिस द्वारा दो बच्चों को सकुशल और सुरक्षित घटनास्थल से बाहर निकाल लिया गया। ADG नवीन अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि पुलिस के पास बच्चों की जान बचाने के लिए जवाबी कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं था। घटनास्थल पर पर्याप्त पुलिस बल, SOG (स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप) और फॉरेंसिक टीम तैनात है। साक्ष्य संकलन और अन्य विधिक कार्यवाही जारी है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जाँच कर रही है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। अधिकारियों के अनुसार, विवाद की असली वजह की पड़ताल की जा रही है और पूरी घटना को लेकर विधिसम्मत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।