7 नवंबर 2026
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महाराष्ट्र एटीएस ने ठाणे से पकड़ा ₹10 लाख इनामी माओवादी, झारखंड पुलिस को सौंपा

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महाराष्ट्र एटीएस ने ठाणे से पकड़ा ₹10 लाख इनामी माओवादी, झारखंड पुलिस को सौंपा

सारांश

महाराष्ट्र एटीएस ने ठाणे के ठाकुरली इलाके से झारखंड पुलिस के ₹10 लाख इनामी माओवादी संजय यादव उर्फ गोदाराम यादव को दबोचा। वह 10 दिनों से वहाँ छिपा था। गिरफ्तारी के बाद उसे झारखंड पुलिस को सौंप दिया गया। यह घटना माओवादियों के शहरी इलाकों में पलायन की गहरी चिंता उठाती है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र एटीएस ने 7 नवंबर 2026 को ठाणे के ठाकुरली से ₹10 लाख इनामी माओवादी संजय सरजू यादव उर्फ गोदाराम यादव को गिरफ्तार किया।
आरोपी झारखंड के पलामू जिले के देवगन गांव का निवासी है और कथित तौर पर एक माओवादी संगठन की क्षेत्रीय समिति का सदस्य है।
यादव पिछले 10 दिनों से ठाकुरली इलाके में छिपा था; उसे गिरफ्तारी के बाद झारखंड पुलिस को सौंप दिया गया।
झारखंड पुलिस ने राज्यव्यापी सुरक्षा अलर्ट जारी कर सीपीआई (माओवादी) गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।
जुलाई 2026 में रांची में 16 नक्सलियों ने ₹39 लाख के कुल इनाम के साथ आत्मसमर्पण किया था; अक्टूबर में एक उप-क्षेत्रीय कमांडर मारा गया।

महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने 7 नवंबर 2026 को ठाणे जिले के ठाकुरली इलाके से ₹10 लाख के इनामी माओवादी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 45 वर्षीय संजय सरजू यादव उर्फ गोदाराम यादव के रूप में हुई है, जो झारखंड पुलिस का वांछित आरोपी था। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

एटीएस के वरिष्ठ अधिकारियों को खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली थी कि झारखंड पुलिस का यह वांछित माओवादी ठाकुरली इलाके में छिपा हुआ है। इस सूचना की पुष्टि के बाद संबंधित एटीएस इकाई को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

पूछताछ के दौरान यादव ने जांचकर्ताओं को बताया कि वह पिछले 10 दिनों से ठाकुरली इलाके में अधिकारियों की पकड़ से बचता हुआ रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र एटीएस ने उसे झारखंड पुलिस को सौंप दिया, जिसने औपचारिक रूप से उसे अपनी हिरासत में ले लिया।

आरोपी की पृष्ठभूमि

एटीएस अधिकारियों के अनुसार, संजय यादव झारखंड के पलामू जिले के छतरपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के देवगन गांव का मूल निवासी है। रिपोर्टों के अनुसार, वह एक माओवादी संगठन की क्षेत्रीय समिति का सदस्य बताया जाता है। झारखंड पुलिस ने उस पर ₹10 लाख का इनाम घोषित कर रखा था।

जांच अभी जारी है और आगे के खुलासों की प्रतीक्षा है।

झारखंड में सुरक्षा अलर्ट और हालिया कार्रवाइयाँ

इस गिरफ्तारी के साथ ही झारखंड पुलिस ने राज्यव्यापी सुरक्षा अलर्ट जारी कर सभी पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को माओवादी गतिविधियों में हालिया पुनरुत्थान के मद्देनजर निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है। सीपीआई (माओवादी) कैडरों की पुनः सक्रियता की खबरों के बाद सभी जिलों में कड़ी चौकसी के आदेश दिए गए हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले अक्टूबर में सुरक्षा बलों ने झारखंड में उप-क्षेत्रीय कमांडर कुंवर मांझी उर्फ सहदेव मांझी को मार गिराया था। इसी साल जुलाई में रांची में क्षेत्रीय कमांडर संतोष महतो समेत 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था, जिन पर कुल ₹39 लाख का इनाम था।

वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध व्यापक अभियान

सुरक्षा बल भारत से माओवादी नेटवर्क को समूल नष्ट करने के लक्ष्य के साथ लगातार अभियान चला रहे हैं। इसी वर्ष की शुरुआत में गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की थी कि लक्षित सुरक्षा अभियानों और बड़े पैमाने पर आत्मसमर्पण की पहलों के बाद भारत काफी हद तक वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) से मुक्त हो चुका है।

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब सुरक्षा एजेंसियाँ माओवादी नेटवर्क के शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में फैलाव को रोकने पर विशेष ध्यान दे रही हैं। ठाकुरली जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में एक इनामी माओवादी की मौजूदगी इस नेटवर्क की पहुँच की ओर संकेत करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इनामी आरोपी महाराष्ट्र के शहरी इलाकों तक पहुँचने में कैसे सफल होते हैं।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र एटीएस ने किसे और कहाँ से गिरफ्तार किया?
महाराष्ट्र एटीएस ने 7 नवंबर 2026 को ठाणे जिले के ठाकुरली इलाके से 45 वर्षीय संजय सरजू यादव उर्फ गोदाराम यादव को गिरफ्तार किया। वह झारखंड पुलिस का वांछित माओवादी था, जिस पर ₹10 लाख का इनाम घोषित था।
संजय यादव कौन है और उस पर क्या आरोप हैं?
संजय यादव झारखंड के पलामू जिले के देवगन गांव का निवासी है। रिपोर्टों के अनुसार वह एक माओवादी संगठन की क्षेत्रीय समिति का सदस्य है और झारखंड पुलिस उसे काफी समय से तलाश कर रही थी।
गिरफ्तारी के बाद यादव को क्या हुआ?
महाराष्ट्र एटीएस ने संजय यादव को गिरफ्तार करने के बाद उसे झारखंड पुलिस को सौंप दिया। झारखंड पुलिस ने उसे औपचारिक रूप से अपनी हिरासत में ले लिया और आगे की जांच जारी है।
झारखंड में माओवादी गतिविधियों को लेकर क्या स्थिति है?
झारखंड पुलिस ने सीपीआई (माओवादी) कैडरों की पुनः सक्रियता के मद्देनजर राज्यव्यापी सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। अक्टूबर 2026 में एक उप-क्षेत्रीय कमांडर को मार गिराया गया था और जुलाई 2026 में ₹39 लाख के इनामी 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था।
गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद पर क्या कहा था?
गृह मंत्री अमित शाह ने इसी वर्ष की शुरुआत में घोषणा की थी कि लक्षित सुरक्षा अभियानों और बड़े पैमाने पर आत्मसमर्पण की पहलों के बाद भारत काफी हद तक वामपंथी उग्रवाद यानी नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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