झारखंड की मोस्ट वांटेड माओवादी नेता श्रद्धा बिस्वास कोलकाता में गिरफ्तार, ₹15 लाख का था इनाम

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झारखंड की मोस्ट वांटेड माओवादी नेता श्रद्धा बिस्वास कोलकाता में गिरफ्तार, ₹15 लाख का था इनाम

सारांश

झारखंड में ₹15 लाख की इनामी और 20 से अधिक मामलों में वांछित माओवादी नेता श्रद्धा बिस्वास उर्फ बेला को कोलकाता के कोसीपोर से गिरफ्तार किया गया। 2005 से सक्रिय बेला घाटशिला और सिंहभूम क्षेत्रों में काम करती थीं। उसी दिन हुगली के मधाई पात्रा ने भी आत्मसमर्पण किया।

मुख्य बातें

कोलकाता पुलिस ने 12 मई को झारखंड की वरिष्ठ माओवादी नेता श्रद्धा बिस्वास उर्फ बेला को उत्तरी कोलकाता के कोसीपोर से गिरफ्तार किया।
बेला 2005 से झारखंड में सक्रिय थीं; उनके खिलाफ राज्य में 20 से अधिक मामले दर्ज हैं।
झारखंड पुलिस ने उन पर ₹15 लाख का इनाम घोषित कर रखा था।
वह मुख्य रूप से घाटशिला , पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम क्षेत्रों में सक्रिय थीं।
हुगली जिले के जांगीपारा निवासी माओवादी मधाई पात्रा ने भी उसी दिन पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया।

कोलकाता पुलिस ने मंगलवार, 12 मई को झारखंड की वरिष्ठ माओवादी नेता श्रद्धा बिस्वास उर्फ बेला को उत्तरी कोलकाता के कोसीपोर इलाके से गिरफ्तार किया। बेला झारखंड की माओवादी क्षेत्रीय समिति की सदस्य हैं और उनके खिलाफ राज्य में 20 से अधिक मामले दर्ज हैं। झारखंड पुलिस ने उन पर ₹15 लाख का इनाम घोषित कर रखा था।

गिरफ्तारी का विवरण

नदिया जिले के चकदाहा की निवासी बेला 2005 से झारखंड में सक्रिय थीं। वह मुख्य रूप से घाटशिला, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम क्षेत्रों में काम करती थीं। गुप्त सूत्रों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने उन्हें कोसीपोर से दबोचा। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह कोलकाता क्यों आई थीं और कितने समय से यहाँ रह रही थीं।

पुलिस आयुक्त की प्रतिक्रिया

कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद ने मंगलवार दोपहर अलीपुर बॉडीगार्ड लाइन्स में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार माओवादी नेता से पूछताछ के ज़रिए और अधिक जानकारी हासिल की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि बेला की शारीरिक स्थिति ठीक नहीं है। साथ ही, झारखंड पुलिस भी उनसे पूछताछ के लिए कोलकाता आएगी।

पुराना आपराधिक इतिहास

पुलिस आयुक्त के अनुसार, 2004-05 में पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले के बेलपहाड़ी में बेला का नाम एक मामले से जुड़ा था और उन्हें उस मामले में गिरफ्तार भी किया गया था। जमानत मिलने के बाद वह राज्य में वापस नहीं लौटीं और बाद में किसी कारणवश कोलकाता आ गईं।

एक और माओवादी का आत्मसमर्पण

इसी दिन हुगली जिले के जांगीपारा निवासी माओवादी मधाई पात्रा ने भी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। वह भी झारखंड में सक्रिय थे। यह गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण ऐसे समय में हुए हैं जब सुरक्षा बल माओवादी नेटवर्क को कमज़ोर करने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं।

आगे की कार्रवाई

पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि पूछताछ के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि बेला कब से कोलकाता में थीं और उनके यहाँ आने का उद्देश्य क्या था। झारखंड पुलिस के कोलकाता पहुँचने के बाद संयुक्त पूछताछ की संभावना है, जिससे माओवादी नेटवर्क के बारे में और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बेला के कोलकाता आने का कारण अभी अस्पष्ट है — यह जानकारी पूछताछ में सामने आए तो माओवादी संगठन के शहरी नेटवर्क की व्यापकता का पता चल सकता है। मधाई पात्रा का एक साथ आत्मसमर्पण यह भी दर्शाता है कि ज़मीनी स्तर पर माओवादी कैडर में दबाव बढ़ रहा है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रद्धा बिस्वास उर्फ बेला को कहाँ और कब गिरफ्तार किया गया?
श्रद्धा बिस्वास उर्फ बेला को 12 मई 2026 को कोलकाता के उत्तरी इलाके कोसीपोर से गिरफ्तार किया गया। गुप्त सूत्रों से मिली सूचना के आधार पर कोलकाता पुलिस ने यह कार्रवाई की।
श्रद्धा बिस्वास पर कितने मामले दर्ज हैं और कितना इनाम था?
झारखंड में उनके खिलाफ 20 से अधिक मामले दर्ज हैं और झारखंड पुलिस ने उन पर ₹15 लाख का इनाम घोषित कर रखा था। वह 2005 से राज्य में सक्रिय थीं।
बेला झारखंड में किन क्षेत्रों में सक्रिय थीं?
बेला मुख्य रूप से घाटशिला , पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम क्षेत्रों में सक्रिय थीं। वह झारखंड की माओवादी क्षेत्रीय समिति की सदस्य हैं।
मधाई पात्रा कौन हैं और उन्होंने आत्मसमर्पण क्यों किया?
मधाई पात्रा हुगली जिले के जांगीपारा के निवासी हैं और झारखंड में सक्रिय माओवादी थे। उन्होंने 12 मई को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया; आत्मसमर्पण के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है।
राष्ट्र प्रेस