क्या छत्तीसगढ़ में 1.41 करोड़ रुपए के इनाम वाले 52 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं?

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क्या छत्तीसगढ़ में 1.41 करोड़ रुपए के इनाम वाले 52 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं?

सारांश

छत्तीसगढ़ में माओवादी विरोधी अभियान ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। 52 माओवादी सदस्यों ने आत्मसमर्पण कर दिया है, जो बस्तर क्षेत्र में शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जानिए इस घटनाक्रम के पीछे का कारण और इसके प्रभाव।

Key Takeaways

  • 52 माओवादी ने आत्मसमर्पण किया है।
  • इन पर कुल 1.41 करोड़ रुपए का इनाम था।
  • बस्तर क्षेत्र में शांति की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

रायपुर/बीजापुर, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ में माओवादी विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के 52 सदस्यों ने गुरुवार को सुरक्षा बलों के सामने हथियार डाल दिए हैं। इसे बस्तर क्षेत्र में शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कार्यकर्ताओं में 21 महिलाएं और 31 पुरुष शामिल हैं, जिन पर कुल 1.41 करोड़ रुपए का इनाम रखा गया था।

ये सभी दक्षिण उप-क्षेत्रीय ब्यूरो, दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति, आंध्र-ओडिशा सीमा प्रभाग और भामरागढ़ क्षेत्र समिति जैसे प्रमुख माओवादी संगठनों से जुड़े थे।

हिंसा छोड़ने का उनका यह निर्णय जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स, कोबरा, और सीआरपीएफ के निरंतर संयुक्त अभियानों के साथ-साथ शांति और विकास की अपीलों से प्रभावित था।

आत्मसमर्पण करने वालों में कई प्रमुख सदस्य शामिल हैं, जिनमें 8 लाख रुपए का इनाम पाने वाला डीवीसी सदस्य लक्खु करम उर्फ अनिल और पीपीसी सदस्य लक्ष्मी माडवी उर्फ रत्ना शामिल हैं। रत्ना पर भी सरकार ने 8 लाख रुपए का इनाम रखा था।

अन्य महत्वपूर्ण माओवादी कार्यकर्ताओं में चिन्नी सोढ़ी उर्फ शांति, भीमा करम, विष्णु मांडवी उर्फ किरण उर्फ मोती और मोती कोरसा शामिल हैं, जिन पर 5 से 8 लाख रुपए तक का इनाम था।

इस समूह में एसीएम, पीपीसी सदस्य, मिलिशिया कमांडर और विभिन्न माओवादी संगठनों या समितियों और जनताना सरकार से संबंधित नेता भी शामिल थे।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ सीआरपीएफ और पुलिस अधिकारियों के साथ पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार याद ने आत्मसमर्पण को उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि माओवादियों ने हिंसा की निरर्थकता को पहचान लिया है और अब वे पुनर्वास कार्यक्रमों के माध्यम से प्रगति को अपना रहे हैं, जिनमें वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण, आवास और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाते हैं।

यह घटना बीजापुर की बढ़ती सफलता में एक और कड़ी जोड़ती है, जहां जनवरी 2024 से अब तक 824 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, 1,126 को गिरफ्तार किया गया है, और 223 मुठभेड़ों में मारे गए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साई के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में 2,000 से अधिक माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।

Point of View

NationPress
15/01/2026

Frequently Asked Questions

कितने माओवादी आत्मसमर्पण किए हैं?
कुल 52 माओवादी आत्मसमर्पण किए हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी पर कितना इनाम था?
इन माओवादी पर कुल 1.41 करोड़ रुपए का इनाम था।
यह आत्मसमर्पण क्यों महत्वपूर्ण है?
यह बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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