गोपालगंज में अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़, पुलिस ने की कार्रवाई
सारांश
Key Takeaways
- गोपालगंज में अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़
- पुलिस ने लाखों रुपये की फसल को नष्ट किया
- एक युवक गिरफ्तार, जांच जारी
- स्थानीय लोगों का समर्थन, नशे के खिलाफ अभियान में मजबूती
- पुलिस की कार्रवाई से स्थानीय कानून व्यवस्था मजबूत होगी
गोपालगंज, ८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के गोपालगंज जिले में पुलिस ने अवैध अफीम की खेती के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। भोरे थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव में छापेमारी कर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने लाखों रुपये कीमत की अफीम की फसल को पूर्ण रूप से नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है और मामले की गहन जांच प्रारंभ की गई है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रघुनाथपुर गांव में कुछ लोग गुप्त तरीके से अफीम की खेती कर रहे हैं। सूचना के आधार पर गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर हथुआ एसडीएम अभिषेक कुमार चंदन और हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की।
जांच में पता चला कि करीब चार धुर जमीन में अफीम के पौधे उगाए गए थे। ये पौधे लगभग तैयार थे और बाजार में इनकी अनुमानित कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। टीम ने मौके पर ही फसल को नष्ट कर दिया।
इस कार्रवाई के दौरान राजन कुमार नामक एक युवक को गिरफ्तार किया गया, जिसे विधि-विरुद्ध बालक के रूप में निरुद्ध किया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध खेती में और कौन लोग शामिल हैं।
हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। अफीम की खेती के मास्टरमाइंड और अन्य संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और खेती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस घटना से स्थानीय समुदाय में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोग पुलिस की इस कड़ी कार्रवाई से खुश हैं, क्योंकि इससे नशे के खिलाफ अभियान को मजबूती मिली है। गोपालगंज पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और ऐसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी।