बारामूला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: तंगमर्ग में अवैध अफीम की खेती नष्ट, NDPS के तहत FIR दर्ज

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बारामूला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: तंगमर्ग में अवैध अफीम की खेती नष्ट, NDPS के तहत FIR दर्ज

सारांश

बारामूला पुलिस ने तंगमर्ग के तांतरायपोरा में अवैध अफीम की खेती नष्ट कर NDPS के तहत FIR दर्ज की, जबकि बनिहाल में एक तस्कर से 4.54 ग्राम हेरोइन जैसा पदार्थ बरामद हुआ। दोनों कार्रवाइयाँ जम्मू-कश्मीर में नशे के खिलाफ जारी व्यापक अभियान का हिस्सा हैं।

Key Takeaways

बारामूला पुलिस ने 2 मई 2026 को तंगमर्ग के तांतरायपोरा में अवैध अफीम की खेती नष्ट की। कार्रवाई आबकारी विभाग , कृषि विभाग और एनटी खैपोरा के समन्वय से की गई; मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में नमूने जब्त हुए। NDPS अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत तंगमर्ग पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज। बनिहाल में तौहीद अहमद खान को गिरफ्तार कर उसके पास से 4.54 ग्राम हेरोइन जैसा पदार्थ बरामद। दोनों मामलों में आगे की जाँच जारी; पुलिस ने जनता से ड्रग नेटवर्क की सूचना देने की अपील की।

बारामूला पुलिस ने 2 मई 2026 को तंगमर्ग के तांतरायपोरा इलाके में अवैध अफीम की खेती को नष्ट कर एक अहम कार्रवाई को अंजाम दिया। लेथिपोरा हरदुइचलू निवासी अहमद भट की विश्वसनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर फसल नष्ट की और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत तंगमर्ग पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में नशे के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान की कड़ी है।

मुख्य घटनाक्रम

सूचना मिलते ही तंगमर्ग पुलिस स्टेशन की एक टीम ने एनटी खैपोरा, आबकारी विभाग और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर तांतरायपोरा में छापा मारा। अभियान के दौरान अवैध अफीम की पूरी फसल मौके पर ही नष्ट कर दी गई। मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में कानूनी प्रक्रिया के अनुसार नमूने जब्त किए गए और आगे की जाँच शुरू कर दी गई है।

बनिहाल में भी ड्रग तस्कर गिरफ्तार

इसी क्रम में, इससे एक दिन पहले शुक्रवार को बनिहाल पुलिस ने रेलवे चौक पर नियमित नाका जाँच के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्ति ने अपनी पहचान तौहीद अहमद खान पुत्र जान मोहम्मद खान, निवासी हमदानिया कॉलोनी, बेमिना, श्रीनगर के रूप में बताई। तलाशी के दौरान उसके पास से 4.54 ग्राम हेरोइन जैसा पदार्थ और पॉलीथीन बरामद हुई।

कानूनी कार्रवाई और जाँच की स्थिति

बनिहाल मामले में भी NDPS अधिनियम के तहत बनिहाल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार व्यापक ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अग्रिम और पश्चवर्ती कड़ियों का पता लगाने हेतु जाँच जारी है। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में हाल के महीनों में नशे से जुड़े मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिसके मद्देनज़र पुलिस ने अपने अभियान तेज़ किए हैं।

पुलिस की अपील और जीरो टोलरेंस नीति

बारामूला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह नशीले पदार्थों से संबंधित अपराधों के खिलाफ जीरो टोलरेंस नीति पर कायम है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मादक पदार्थों की खेती या तस्करी से जुड़ी किसी भी जानकारी की सूचना तत्काल नज़दीकी पुलिस स्टेशन को दें। यह दोहरी कार्रवाई — अवैध खेती का विनाश और तस्कर की गिरफ्तारी — दर्शाती है कि पुलिस आपूर्ति श्रृंखला के दोनों सिरों पर एक साथ प्रहार कर रही है।

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये छिटपुट अभियान आपूर्ति श्रृंखला को स्थायी रूप से तोड़ पाते हैं। जम्मू-कश्मीर में अफीम की अवैध खेती और हेरोइन तस्करी की जड़ें गहरी हैं और अकेले FIR दर्ज करने से नेटवर्क नहीं टूटता। पुलिस की जीरो टोलरेंस नीति तब तक अधूरी है जब तक तस्करी के वित्तीय ढाँचे और ऊपरी कड़ियों पर कार्रवाई न हो।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

बारामूला पुलिस ने तंगमर्ग में क्या कार्रवाई की?
बारामूला पुलिस ने 2 मई 2026 को तंगमर्ग के तांतरायपोरा में अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया और NDPS अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की। कार्रवाई आबकारी विभाग, कृषि विभाग और एनटी खैपोरा के समन्वय से की गई।
तंगमर्ग अफीम मामले में FIR किसकी सूचना पर दर्ज हुई?
लेथिपोरा हरदुइचलू निवासी अहमद भट की विश्वसनीय सूचना के आधार पर तंगमर्ग पुलिस स्टेशन ने कार्रवाई की। मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में नमूने जब्त किए गए और आगे की जाँच शुरू की गई।
बनिहाल में किसे गिरफ्तार किया गया और क्या बरामद हुआ?
बनिहाल पुलिस ने रेलवे चौक पर नाका जाँच के दौरान तौहीद अहमद खान, निवासी हमदानिया कॉलोनी, बेमिना, श्रीनगर को गिरफ्तार किया। उसके पास से 4.54 ग्राम हेरोइन जैसा पदार्थ और पॉलीथीन बरामद हुई।
NDPS अधिनियम के तहत क्या सज़ा हो सकती है?
NDPS अधिनियम के तहत नशीले पदार्थों की खेती, तस्करी या कब्ज़े पर मात्रा के अनुसार कठोर दंड का प्रावधान है, जिसमें न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सज़ा हो सकती है। दोनों मामलों में आगे की जाँच जारी है।
जम्मू-कश्मीर में नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान कितना प्रभावी है?
बारामूला और बनिहाल की ये कार्रवाइयाँ जम्मू-कश्मीर पुलिस के व्यापक नशा-विरोधी अभियान का हिस्सा हैं। पुलिस ने जीरो टोलरेंस नीति अपनाई है और जनता से सहयोग की अपील की है, हालाँकि विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक सफलता के लिए ड्रग नेटवर्क की ऊपरी कड़ियों पर कार्रवाई ज़रूरी है।
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