क्या झारखंड के हजारीबाग में एक करोड़ के अफीम के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार हुए?
सारांश
Key Takeaways
- हजारीबाग में पुलिस ने 20.5 किलोग्राम अफीम जब्त की।
- गिरफ्तार तस्करों का किसी बड़े नेटवर्क से संबंध हो सकता है।
- पुलिस ने विशेष जांच टीम का गठन किया।
- आरोपियों से पूछताछ जारी है।
- एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
हजारीबाग, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के हजारीबाग जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। शुक्रवार को लोहसिंघना थाना क्षेत्र में पुलिस ने 20.5 किलोग्राम अफीम जब्त करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।
सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर के कोलघटी इलाके में सफेद रंग की अपाचे बाइक पर सवार तीन युवक संदिग्ध सामान के साथ घूम रहे हैं और किसी बड़ी डील की योजना बना रहे हैं।
इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए उस पर तत्काल कार्रवाई की गई। सूचना की पुष्टि के बाद एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। इसके बाद कोलघटी और आसपास के क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया। इस दौरान एक अपाचे बाइक को रोका गया और उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बाइक पर रखी बोरी से 20.5 किलोग्राम अफीम बरामद की गई।
पुलिस ने मौके से बाइक को जब्त करते हुए तीनों युवकों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक कुमार दांगी, बरुण कुमार और सुदेश यादव के रूप में हुई है। तीनों आरोपी चतरा जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
एसडीपीओ अमित आनंद ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि गिरफ्तार आरोपी किसी बड़े अफीम तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अफीम की आपूर्ति कहां से की गई थी और इसे किन इलाकों में खपाने की योजना थी।
आरोपियों से पूछताछ के आधार पर संभावित नेटवर्क और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश की जा रही है। इस मामले में लोहसिंघना थाना में कांड संख्या 07/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।