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कुपवाड़ा में अफीम की खेती नष्ट और चरस के साथ एक गिरफ्तार, पुलिस की दोहरी कार्रवाई

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कुपवाड़ा में अफीम की खेती नष्ट और चरस के साथ एक गिरफ्तार, पुलिस की दोहरी कार्रवाई

सारांश

कुपवाड़ा पुलिस ने २७ अप्रैल को दो बड़े ऑपरेशन में अफीम की अवैध खेती नष्ट की और चरस के साथ एजाज अहमद भट को गिरफ्तार किया। एनडीपीएस एक्ट के तहत दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज, जांच जारी है।

मुख्य बातें

२७ अप्रैल को कुपवाड़ा पुलिस ने दो अलग-अलग ऑपरेशन में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।
गांव गूशी निवासी मोहम्मद रमजान शेख के परिसर में अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़, पौधे मौके पर नष्ट।
कार्यकारी मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की मौजूदगी में अफीम के पौधे नष्ट किए गए, नमूने जब्त।
एजाज अहमद भट , निवासी शुमनाग , को शालूरा गांव में चरस के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया।
दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज, विस्तृत जांच जारी।

कुपवाड़ा, २७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में पुलिस ने २७ अप्रैल को नशे के खिलाफ दो अलग-अलग ऑपरेशन में बड़ी सफलता हासिल की — एक मामले में अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़ कर उसे नष्ट किया गया, जबकि दूसरे में चरस के साथ एक संदिग्ध को रंगे हाथ पकड़ा गया। एनडीपीएस एक्ट के तहत दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

अफीम की अवैध खेती का भंडाफोड़

पुलिस पोस्ट हत्मुल्ला को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली कि गांव गूशी के शीख मोहल्ला निवासी मोहम्मद रमजान शेख अपने आवासीय परिसर में अवैध रूप से अफीम की खेती कर रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए परिसर की तलाशी ली और अवैध पौधों का पता लगाया।

प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत कार्यकारी मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की मौजूदगी में अफीम के सभी पौधों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। जांच के लिए पौधों के नमूने जब्त किए गए हैं और एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

चरस के साथ संदिग्ध गिरफ्तार

पुलिस थाना क्रालपोरा की गश्ती टीम शालूरा गांव में नियमित पेट्रोलिंग कर रही थी, तभी एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगा। सतर्क टीम ने उसे घेरकर पकड़ लिया।

पूछताछ में उस व्यक्ति की पहचान एजाज अहमद भट, पुत्र गुलाम मोहिउद्दीन भट, निवासी शुमनाग के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से चरस जैसा संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद हुआ। आरोपी घोफाबाल से शालूरा की ओर जा रहा था। ड्रग्स की पुष्टि होने के बाद उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया और एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स विरोधी अभियान का व्यापक संदर्भ

यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब जम्मू-कश्मीर पुलिस पूरे केंद्र शासित प्रदेश में ड्रग्स माफियाओं और अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है। गौरतलब है कि कुपवाड़ा सीमावर्ती जिला होने के कारण यहां नशे की तस्करी की आशंका अन्य जिलों की तुलना में अधिक मानी जाती है।

आलोचकों का कहना है कि सीमापार से नशे की आपूर्ति रोकने के लिए केवल स्थानीय कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि एक समन्वित रणनीति की जरूरत है। फिर भी, इस तरह की त्वरित पुलिस कार्रवाई स्थानीय युवाओं को नशे की लत से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

आम जनता और युवाओं पर असर

नशे का कारोबार न केवल कानून-व्यवस्था के लिए खतरा है, बल्कि यह क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को भी गहरी क्षति पहुंचाता है। कुपवाड़ा जैसे संवेदनशील जिले में अफीम की खेती और चरस की तस्करी का पर्दाफाश होना पुलिस की सक्रियता का प्रमाण है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ड्रग्स के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में इन दोनों मामलों में गहन जांच से और भी बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ये नेटवर्क कहां से संचालित हो रहे हैं। अफीम की खेती और चरस की तस्करी अलग-अलग आपूर्ति श्रृंखलाओं का हिस्सा हो सकती हैं, जिनकी जड़ें सीमापार तक फैली हो सकती हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि स्थानीय गिरफ्तारियां बड़े माफिया नेटवर्क को तोड़ने के लिए पर्याप्त नहीं हैं — जब तक आर्थिक और सामाजिक कारणों पर भी ध्यान न दिया जाए। जम्मू-कश्मीर में युवाओं को नशे से बचाने के लिए पुलिसिया कार्रवाई के साथ-साथ पुनर्वास नीति भी उतनी ही जरूरी है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुपवाड़ा में अफीम की खेती किसने और कहां की थी?
गांव गूशी के शीख मोहल्ला निवासी मोहम्मद रमजान शेख ने अपने आवासीय परिसर में अवैध अफीम की खेती की थी। पुलिस पोस्ट हत्मुल्ला को सूचना मिलने पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पौधों को नष्ट किया।
कुपवाड़ा में चरस के साथ किसे गिरफ्तार किया गया?
एजाज अहमद भट , पुत्र गुलाम मोहिउद्दीन भट, निवासी शुमनाग को शालूरा गांव में चरस के साथ गिरफ्तार किया गया। वह घोफाबाल से शालूरा की ओर जा रहा था और पुलिस को देखकर भागने की कोशिश कर रहा था।
इन मामलों में कौन सा कानून लागू हुआ?
दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह कानून नशीले पदार्थों की खेती, तस्करी और रखने पर कड़ी सजा का प्रावधान करता है।
अफीम के पौधों को नष्ट करने की प्रक्रिया क्या थी?
कार्यकारी मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की मौजूदगी में प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत अफीम के पौधों को मौके पर ही नष्ट किया गया। जांच के लिए पौधों के नमूने भी जब्त किए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ड्रग्स के खिलाफ क्या कदम उठा रही है?
जम्मू-कश्मीर पुलिस पूरे केंद्र शासित प्रदेश में ड्रग्स माफियाओं और अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ व्यापक अभियान चला रही है। कुपवाड़ा जैसे सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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