कानून व्यवस्था के उल्लंघन पर कार्रवाई होनी चाहिए: पप्पू यादव
सारांश
Key Takeaways
- राष्ट्रपति मुर्मु के प्रोटोकॉल में लापरवाही पर गंभीर चर्चा हो रही है।
- पप्पू यादव ने कानून व्यवस्था के उल्लंघन पर कार्रवाई की आवश्यकता बताई।
- राजनीतिक नेताओं के बीच विचारधारा की लड़ाई जारी है।
नई दिल्ली, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के दौरे के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रोटोकॉल में हुई लापरवाही पर राजनीतिक चर्चाएँ तेज हो गई हैं। इस पर सांसद पप्पू यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मैं नहीं जानता कि हालात कैसे हैं, लेकिन अगर राष्ट्रपति मुर्मु ने ऐसा महसूस किया तो मैं उनसे क्षमा मागूंगा। अन्य स्थानों पर क्या होता है, मुझे जानकारी नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा, "लेकिन यह बताएं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को कितनी इज्जत दी जाती है। इस देश में स्वायत्त संस्थाओं का कितना सम्मान है। जब संघीय व्यवस्था ही समाप्त हो गई है और केवल एक व्यक्ति का प्रोटोकॉल बचा है, तो यह चिंताजनक है। जबकि भारत के प्रधानमंत्री का प्रोटोकॉल विदेश में लागू नहीं होता।"
उन्होंने कहा, "भारत का संविधान सर्वोच्च है, और यदि किसी ने कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किया है, तो उस पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए।"
लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी केरल में थे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री पिन्नाराई विजयन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, जिसके बाद सीपीआई नेता ने राहुल गांधी को भाजपा की 'बी' टीम कहा। पप्पू यादव ने इसे निराधार बताया।
उन्होंने कहा, "इस देश के कई राज्यों में विचारधारा की लड़ाई है। राहुल गांधी ने किसी पार्टी के बारे में कुछ नहीं कहा। अगर मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप है, तो उसे उठाना चाहिए। यदि कांग्रेस को लगता है कि भाजपा के लोग राहुल गांधी पर दया दिखा रहे हैं, तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट में जाना चाहिए और अपनी बात स्पष्ट करनी चाहिए।"
यदि राहुल गांधी अपनी पार्टी के अभियान के लिए वहां गए हैं और अगर कांग्रेस पर कोई भ्रष्टाचार है, तो सीपीआई इस पर बोले। लेकिन हमें लगता है कि भाजपा की भाषा का उपयोग सीपीआई और सीपीएम के सांसद भी कर रहे हैं।
bihar के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के विरोध पर पप्पू यादव ने कहा, "बिहार की जनता के हित में नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना उचित नहीं है।"