आंध्र प्रदेश: अमरावती की 'क्वांटम वैली' बनेगी टेक्नोलॉजी का नया केंद्र
सारांश
Key Takeaways
- आंध्र प्रदेश की अमरावती को 'क्वांटम वैली' बनाने की योजना।
- गूगल का 15 अरब डॉलर का निवेश।
- क्वांटम कंप्यूटरों का निर्माण अगले दो वर्षों में।
- तकनीकी-प्रेरित शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।
- युवाओं के लिए स्किलिंग प्रोग्राम।
अमरावती, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रायसीना डायलॉग 2026 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य को उन्नत तकनीक का वैश्विक केंद्र बनाने की योजना पेश की।
उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश क्वांटम कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में एक प्रमुख स्थान ग्रहण करेगा और अमरावती को 'क्वांटम वैली' के रूप में स्थापित किया जाएगा, जो भविष्य में सिलिकॉन वैली के समान प्रसिद्धि प्राप्त करेगा।
सीएम नायडू ने उल्लेख किया कि गूगल आंध्र प्रदेश में एआई के लिए 15 अरब डॉलर (लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये) का निवेश कर रहा है। यह भारत में आर्थिक सुधारों के बाद का सबसे बड़ा निवेश है। यह प्रोजेक्ट विशाखापत्तनम में गीगावाट स्केल का डेटा सेंटर स्थापित करेगा, जो एआई सेवाओं को वैश्विक स्तर पर समर्थन देगा। इसके साथ ही, एक नया अंतरराष्ट्रीय सबसी गेटवे भी स्थापित किया जाएगा, जो भारत को वैश्विक डिजिटल नेटवर्क से जोड़ेगा।
क्वांटम तकनीक पर जोर देते हुए नायडू ने कहा कि अमरावती में क्वांटम वैली का कार्य तेजी से प्रगति पर है। फरवरी 2026 में ही अमरावती में क्वांटम वैली की नींव रखी गई है, जिसमें आईबीएम, टीसीएस, एलएंडटी और आईआईटी मद्रास जैसे प्रमुख संगठन शामिल हैं। राज्य का उद्देश्य यह है कि अमरावती में क्वांटम कंप्यूटिंग का एक संपूर्ण इकोसिस्टम विकसित हो, जिसमें हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, अनुसंधान और स्किलिंग शामिल हों। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अगले दो वर्षों में यहां क्वांटम कंप्यूटरों का निर्माण होगा और उन्हें वैश्विक स्तर पर आपूर्ति की जाएगी। साल के अंत तक कई परियोजनाएं प्रारंभ हो जाएंगी।
उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में सिलिकॉन वैली (कैलिफोर्निया, अमेरिका) की चर्चा होती है, जहां डिजिटल क्रांति का आरंभ हुआ। लेकिन भविष्य में लोग 'क्वांटम वैली' के बारे में बात करेंगे और यह अमरावती से होगी, आंध्र प्रदेश से होगी। इसे राज्य की तकनीकी-प्रेरित शासन और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
यह पहल नेशनल क्वांटम मिशन से जुड़ी हुई है और राज्य में हजारों युवाओं को स्किलिंग प्रोग्राम के माध्यम से तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि इससे रोजगार, निर्यात और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। रायसीना डायलॉग में उनके बयान ने राजनीतिक और तकनीकी क्षेत्रों में चर्चा का विषय बना दिया है, क्योंकि आंध्र प्रदेश अब वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है।