आंध्र प्रदेश में 25 लाख के इनामी माओवादी ने आठ साथी सहित आत्मसमर्पण किया
सारांश
Key Takeaways
- चेल्लूरी नारायण राव ने आठ साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया।
- आत्मसमर्पण के तहत 25 लाख रुपए का इनाम मिलेगा।
- पुलिस ने 19 हथियार बरामद किए।
- सरकार की पुनर्वास नीति ने सकारात्मक प्रभाव डाला है।
- माओवादी गतिविधियों में कमी आई है।
अमरावती, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश में सीपीआई-माओवादी के प्रमुख नेता चेल्लूरी नारायण राव उर्फ सुरेश ने सोमवार को अपने आठ साथियों के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। पुलिस महानिदेशक हरीश कुमार गुप्ता ने इन्हें मीडिया के सामने पेश किया।
श्रीकाकुलम जिले के निवासी नारायण राव लगभग 36 वर्षों से माओवादी गतिविधियों में संलग्न था और उस पर 25 लाख रुपए का इनाम था।
नारायण राव ने 1990 में माओवादी आंदोलन में कदम रखा। वह कई महत्वपूर्ण मामलों में शामिल रहा, जिनमें 2018 में विशाखापत्तनम में विधायक किदारी सर्वेश्वर राव और पूर्व विधायक सिवेरी सोमेश्वर राव की हत्या, और तीन पुलिसकर्मियों की हत्या शामिल है।
पुलिस के अनुसार, उनके आत्मसमर्पण के पीछे कई कारण हैं, जैसे संगठन के कई नेताओं की मृत्यु या गिरफ्तारी, पुरानी विचारधारा से निराशा, स्थानीय लोगों का घटता समर्थन, भर्ती में कमी, और सरकार की प्रभावी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति। इसके अलावा, आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों और पुलिस के संपर्क अभियानों ने भी लोगों को माओवादी गतिविधियों से दूर किया है।
नारायण राव के साथ आत्मसमर्पण करने वालों में करतम लच्छू, पोडियम राजे (रामे), करतम अदामे (नांगी), मुचाकी मासा (अजीत), मादवी जोगी (रुकनी), मुचाकी लक्ष्मण (लाकमा), मादवी अदाम, और कदिथी हुर्रे (उर्रा) शामिल हैं।
सरकार की नीति के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों को इनाम की राशि दी जाएगी। नारायण राव को 25 लाख रुपए मिलेंगे, जबकि अन्य को 1 लाख से 5 लाख रुपए तक दिए जाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान 19 हथियार भी बरामद किए गए, जिनमें एक इंसास राइफल, दो बीजीएल, पांच .303 राइफलें, पांच एसबीबीएल बंदूकें, और छह अन्य हथियार शामिल हैं।
पुलिस महानिदेशक हरीश कुमार गुप्ता ने कहा कि पिछले एक वर्ष में राज्य पुलिस को वामपंथी उग्रवादियों के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता मिली है। इस दौरान 7 मुठभेड़18 माओवादी मारे गए, जिनमें तीन केंद्रीय समिति के सदस्य (सीसीएम) और तीन विशेष जोनल समिति के सदस्य भी शामिल थे।
आंध्र प्रदेश पुलिस ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा की पुलिस की भी सहायता की। इन संयुक्त अभियानों में 2 सीसीएम और कई अन्य प्रमुख माओवादी मारे गए।
पुलिस ने माओवादियों की कई योजनाओं को नाकाम किया। ये लोग कृष्णा, एलुरु, एनटीआर, काकीनाडा, और डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनासीमा जिलों में बड़ी घटनाएं करने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने 50 कैडरों को गिरफ्तार किया और उनके पास से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया।
डीजीपी के अनुसार, 31 माओवादी गिरफ्तार किए गए, जबकि 106 ने आत्मसमर्पण किया। पिछले एक वर्ष में पुलिस ने कुल 120 हथियार बरामद किए हैं।
उन्होंने कहा कि इन टीमों ने कई वर्षों से उग्रवाद के खिलाफ लगातार प्रयास किए हैं और अब ये अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन गई हैं।