PM मोदी का स्वीडन दौरा: गुटेनबर्ग में भारतीय समुदाय का उत्साहपूर्ण स्वागत, द्विपक्षीय व्यापार ₹64,000 करोड़ पार
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार, 17 मई को स्वीडन पहुँचे, जहाँ गुटेनबर्ग हवाई अड्डे पर स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। हवाई अड्डे के बाहर बड़ी संख्या में जमा भारतीय समुदाय के लोगों ने 'मोदी-मोदी' और 'जय श्रीराम' के नारों के साथ उनका अभिनंदन किया। मोदी ने दोनों हाथ उठाकर उनके स्नेह का प्रतिउत्तर दिया।
मोदी का एक्स पर संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गुटेनबर्ग हवाई अड्डे का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि 'गुटेनबर्ग में भारतीय समुदाय का स्नेह और प्रेम वास्तव में अत्यंत उत्साहवर्धक था। भारत के साथ उनका गहरा जुड़ाव और भारत-स्वीडन संबंधों को मजबूत करने में उनका योगदान हम सभी के लिए बहुत गर्व की बात है।' यह पोस्ट तेज़ी से वायरल हुई और प्रवासी भारतीयों की भावनाओं को प्रतिबिंबित करती है।
दौरे का उद्देश्य और एजेंडा
प्रधानमंत्री मोदी रविवार और सोमवार को स्वीडन में रहेंगे। यह यात्रा स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के निमंत्रण पर हो रही है। दोनों नेता भारत-स्वीडन द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे और व्यापार, निवेश तथा नई तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग विस्तार पर चर्चा करेंगे। स्वीडन में भारत के राजदूत अनुराग भूषण के अनुसार, यह दौरा दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने और लोगों के बीच जुड़ाव को गहरा करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
व्यापार और तकनीकी सहयोग
भारत और स्वीडन के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2025 में 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹64,000 करोड़) तक पहुँच चुका है। दोनों देशों के बीच पर्यावरण हितैषी तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), उभरती प्रौद्योगिकियाँ, स्टार्टअप, लचीली सप्लाई चेन, रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
व्यापारिक जगत से संवाद
राजदूत भूषण ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन की बिजनेस कम्युनिटी के साथ बातचीत करेंगे और यूरोपीय राउंडटेबल ऑफ इंडस्ट्री के सदस्यों को भी संबोधित करेंगे — जो यूरोप की शीर्ष कंपनियों का एक प्रतिष्ठित समूह है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वीडन में रहने वाले भारतीय इस दौरे को लेकर बेहद उत्साहित हैं, जिससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक जुड़ाव और मजबूत होने की उम्मीद है।
आगे की राह
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी भूमिका विस्तारित करने और यूरोपीय देशों के साथ तकनीकी साझेदारी गहरी करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। गौरतलब है कि स्वीडन Ericsson, Volvo, IKEA जैसी वैश्विक कंपनियों का गृह देश है, जिनकी भारत में पहले से महत्वपूर्ण उपस्थिति है। सोमवार को होने वाली बैठकों के परिणाम भारत-स्वीडन संबंधों की अगली दिशा तय करेंगे।