पीएमएफएमई योजना से शेखपुरा के गिरधारी कुमार ने खड़ा किया 'महाकाल मसाला ट्रेडर्स' ब्रांड, पटना-बेगूसराय तक पहुँची पहचान

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पीएमएफएमई योजना से शेखपुरा के गिरधारी कुमार ने खड़ा किया 'महाकाल मसाला ट्रेडर्स' ब्रांड, पटना-बेगूसराय तक पहुँची पहचान

सारांश

शेखपुरा के गिरधारी कुमार की कहानी महज़ एक कारोबारी सफलता नहीं — यह पीएमएफएमई योजना की ज़मीनी ताकत का प्रमाण है। 35% सब्सिडी और प्रशिक्षण से 'महाकाल मसाला ट्रेडर्स' ने पाँच जिलों में पहचान बनाई और स्थानीय युवाओं-महिलाओं को रोज़गार दिया।

मुख्य बातें

शेखपुरा के गिरधारी कुमार ने पीएमएफएमई योजना की सहायता से 'महाकाल मसाला ट्रेडर्स' ब्रांड स्थापित किया।
योजना के तहत 35 प्रतिशत सब्सिडी , ऋण सुविधा और बाज़ार लिंकेज का लाभ मिला।
मसालों की सप्लाई अब पटना , नवादा , लखीसराय और बेगूसराय समेत कई जिलों तक पहुँच रही है।
कारखाने में स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोज़गार मिला, कई परिवारों की आजीविका जुड़ी।
बिहार सरकार और जिला प्रशासन के सहयोग से शेखपुरा में अन्य लाभार्थी भी इस योजना से सफलता पा रहे हैं।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) बिहार के छोटे उद्यमियों की आर्थिक तस्वीर बदल रही है। शेखपुरा जिले के गिरधारी कुमार इस योजना के सबसे चर्चित लाभार्थियों में से एक बन चुके हैं, जिन्होंने सरकारी सहायता और अपनी मेहनत के दम पर 'महाकाल मसाला ट्रेडर्स' के नाम से एक पहचाना ब्रांड तैयार किया है। उनके मसाले अब केवल शेखपुरा तक सीमित नहीं, बल्कि पटना, नवादा, लखीसराय और बेगूसराय समेत कई जिलों में पहुँच रहे हैं।

कैसे बदली गिरधारी कुमार की राह

गिरधारी कुमार के अनुसार, पीएमएफएमई से जुड़ने से पहले उनका कारोबार बेहद सीमित दायरे में था। योजना के तहत मिले 35 प्रतिशत सब्सिडी, ऋण सुविधा, प्रशिक्षण और बाज़ार लिंकेज ने उनके व्यवसाय को नई दिशा दी। उन्होंने कहा, 'पीएमएफएमई योजना से जुड़ने के बाद मुझे आर्थिक सहयोग, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिला। इसके बाद मैंने अपने कारोबार को विस्तार दिया और आज महाकाल मसाला ट्रेडर्स के नाम से मेरी पहचान शेखपुरा जिले के साथ-साथ आसपास के कई जिलों और शहरों तक बन गई है।'

गौरतलब है कि यह वही योजना है जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को औपचारिक रूप देने, उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने और आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया था।

शुद्धता और गुणवत्ता बनी ब्रांड की पहचान

गिरधारी कुमार ने बताया कि उनके उत्पादों की सबसे बड़ी खासियत उनकी शुद्धता और ताज़गी है। उनके शब्दों में, 'हम बिल्कुल शुद्ध और ताजे मसाले तैयार करते हैं। यही वजह है कि ग्राहक हमारे उत्पादों पर भरोसा करते हैं और माँग लगातार बढ़ रही है।' ग्राहकों का यह भरोसा ही महाकाल मसाला ट्रेडर्स की बढ़ती माँग की बुनियाद बना है।

रोज़गार सृजन: आत्मनिर्भरता से आगे

पीएमएफएमई योजना का लाभ मिलने के बाद गिरधारी कुमार न केवल खुद आत्मनिर्भर हुए, बल्कि उनके छोटे कारखाने में स्थानीय युवाओं और महिलाओं को भी रोज़गार मिला है। इससे कई परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब ग्रामीण बिहार में रोज़गार के अवसर सीमित माने जाते हैं।

पीएमएफएमई योजना: मुख्य प्रावधान

इस केंद्रीय योजना के तहत उद्यमियों को 35 प्रतिशत सब्सिडी, ऋण सुविधा और बाज़ार लिंकेज का सीधा लाभ मिलता है। योजना का मूल लक्ष्य असंगठित क्षेत्र की खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में लाना और उन्हें तकनीकी व वित्तीय रूप से सशक्त बनाना है। शेखपुरा जिले में गिरधारी कुमार के अलावा भी कई लाभार्थी सफलता की नई इबारत लिख रहे हैं।

आगे की राह

जिला प्रशासन और बिहार सरकार के सक्रिय सहयोग से पीएमएफएमई के तहत छोटे उद्यमी आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को ज़मीनी स्तर पर साकार कर रहे हैं। गिरधारी कुमार ने कहा, 'पीएमएफएमई योजना उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है जो छोटे स्तर से बड़ा सपना देखते हैं। इस योजना ने मुझे आत्मनिर्भर बनाया और आगे बढ़ने का हौसला दिया।' उनकी यह यात्रा बिहार के ग्रामीण उद्यमिता परिदृश्य में एक प्रेरक अध्याय बन चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एकल उदाहरण पीएमएफएमई की समग्र प्रभावशीलता का पैमाना नहीं बन सकता। असली सवाल यह है कि बिहार में इस योजना के कितने लाभार्थियों ने वास्तव में टिकाऊ आय वृद्धि और रोज़गार सृजन हासिल किया — और कितने आवेदन प्रक्रिया या बैंक लिंकेज की जटिलताओं में अटक गए। ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने की मंशा सराहनीय है, पर बिना स्वतंत्र मूल्यांकन और पारदर्शी आँकड़ों के, ऐसी सफलता की कहानियाँ नीतिगत जवाबदेही की जगह नहीं ले सकतीं।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएमएफएमई योजना क्या है और इसका लाभ कैसे मिलता है?
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) केंद्र सरकार की एक पहल है जो छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को औपचारिक रूप देने और सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई है। इसके तहत 35 प्रतिशत सब्सिडी, ऋण सुविधा, तकनीकी प्रशिक्षण और बाज़ार लिंकेज का लाभ मिलता है।
शेखपुरा के गिरधारी कुमार ने पीएमएफएमई से क्या हासिल किया?
गिरधारी कुमार ने पीएमएफएमई योजना की सहायता से 'महाकाल मसाला ट्रेडर्स' ब्रांड स्थापित किया और अपने कारोबार को शेखपुरा से पटना, नवादा, लखीसराय व बेगूसराय तक विस्तारित किया। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोज़गार भी दिया।
महाकाल मसाला ट्रेडर्स के उत्पाद कहाँ-कहाँ उपलब्ध हैं?
महाकाल मसाला ट्रेडर्स के मसाले शेखपुरा के अलावा पटना, नवादा, लखीसराय और बेगूसराय समेत बिहार के कई जिलों में सप्लाई किए जा रहे हैं। गिरधारी कुमार के अनुसार शुद्धता और गुणवत्ता के कारण माँग लगातार बढ़ रही है।
पीएमएफएमई योजना से बिहार के ग्रामीण उद्यमियों को क्या फ़ायदा हो रहा है?
बिहार में पीएमएफएमई योजना के तहत शेखपुरा जैसे जिलों में कई लाभार्थी अपने छोटे खाद्य प्रसंस्करण व्यवसाय को विस्तार दे रहे हैं। योजना से मिली सब्सिडी, ऋण और प्रशिक्षण ने उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोज़गार सृजन में भी मदद की है।
पीएमएफएमई योजना में आवेदन के लिए क्या पात्रता है?
पीएमएफएमई योजना के तहत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँ, किसान उत्पादक संगठन (FPO), स्वयं सहायता समूह और व्यक्तिगत उद्यमी आवेदन कर सकते हैं। योजना का विस्तृत ब्यौरा और आवेदन प्रक्रिया जिला उद्योग केंद्र और संबंधित सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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