पीएमएफएमई योजना से शेखपुरा के गिरधारी कुमार ने खड़ा किया 'महाकाल मसाला ट्रेडर्स' ब्रांड, पटना-बेगूसराय तक पहुँची पहचान
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) बिहार के छोटे उद्यमियों की आर्थिक तस्वीर बदल रही है। शेखपुरा जिले के गिरधारी कुमार इस योजना के सबसे चर्चित लाभार्थियों में से एक बन चुके हैं, जिन्होंने सरकारी सहायता और अपनी मेहनत के दम पर 'महाकाल मसाला ट्रेडर्स' के नाम से एक पहचाना ब्रांड तैयार किया है। उनके मसाले अब केवल शेखपुरा तक सीमित नहीं, बल्कि पटना, नवादा, लखीसराय और बेगूसराय समेत कई जिलों में पहुँच रहे हैं।
कैसे बदली गिरधारी कुमार की राह
गिरधारी कुमार के अनुसार, पीएमएफएमई से जुड़ने से पहले उनका कारोबार बेहद सीमित दायरे में था। योजना के तहत मिले 35 प्रतिशत सब्सिडी, ऋण सुविधा, प्रशिक्षण और बाज़ार लिंकेज ने उनके व्यवसाय को नई दिशा दी। उन्होंने कहा, 'पीएमएफएमई योजना से जुड़ने के बाद मुझे आर्थिक सहयोग, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिला। इसके बाद मैंने अपने कारोबार को विस्तार दिया और आज महाकाल मसाला ट्रेडर्स के नाम से मेरी पहचान शेखपुरा जिले के साथ-साथ आसपास के कई जिलों और शहरों तक बन गई है।'
गौरतलब है कि यह वही योजना है जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को औपचारिक रूप देने, उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने और आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया था।
शुद्धता और गुणवत्ता बनी ब्रांड की पहचान
गिरधारी कुमार ने बताया कि उनके उत्पादों की सबसे बड़ी खासियत उनकी शुद्धता और ताज़गी है। उनके शब्दों में, 'हम बिल्कुल शुद्ध और ताजे मसाले तैयार करते हैं। यही वजह है कि ग्राहक हमारे उत्पादों पर भरोसा करते हैं और माँग लगातार बढ़ रही है।' ग्राहकों का यह भरोसा ही महाकाल मसाला ट्रेडर्स की बढ़ती माँग की बुनियाद बना है।
रोज़गार सृजन: आत्मनिर्भरता से आगे
पीएमएफएमई योजना का लाभ मिलने के बाद गिरधारी कुमार न केवल खुद आत्मनिर्भर हुए, बल्कि उनके छोटे कारखाने में स्थानीय युवाओं और महिलाओं को भी रोज़गार मिला है। इससे कई परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब ग्रामीण बिहार में रोज़गार के अवसर सीमित माने जाते हैं।
पीएमएफएमई योजना: मुख्य प्रावधान
इस केंद्रीय योजना के तहत उद्यमियों को 35 प्रतिशत सब्सिडी, ऋण सुविधा और बाज़ार लिंकेज का सीधा लाभ मिलता है। योजना का मूल लक्ष्य असंगठित क्षेत्र की खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में लाना और उन्हें तकनीकी व वित्तीय रूप से सशक्त बनाना है। शेखपुरा जिले में गिरधारी कुमार के अलावा भी कई लाभार्थी सफलता की नई इबारत लिख रहे हैं।
आगे की राह
जिला प्रशासन और बिहार सरकार के सक्रिय सहयोग से पीएमएफएमई के तहत छोटे उद्यमी आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को ज़मीनी स्तर पर साकार कर रहे हैं। गिरधारी कुमार ने कहा, 'पीएमएफएमई योजना उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है जो छोटे स्तर से बड़ा सपना देखते हैं। इस योजना ने मुझे आत्मनिर्भर बनाया और आगे बढ़ने का हौसला दिया।' उनकी यह यात्रा बिहार के ग्रामीण उद्यमिता परिदृश्य में एक प्रेरक अध्याय बन चुकी है।