भोजशाला विवाद: वीएचपी नेता विनोद बंसल का दिग्विजय सिंह पर तीखा हमला, कांग्रेस पर हिंदू विरोधी मानसिकता का आरोप

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भोजशाला विवाद: वीएचपी नेता विनोद बंसल का दिग्विजय सिंह पर तीखा हमला, कांग्रेस पर हिंदू विरोधी मानसिकता का आरोप

सारांश

भोजशाला विवाद पर दिग्विजय सिंह के बयान के जवाब में वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल ने कांग्रेस पर हिंदू विरोधी मानसिकता, राम मंदिर विरोध और UCC के खिलाफ खड़े होने के आरोप लगाए — यह टकराव दर्शाता है कि धार्मिक स्थलों का मुद्दा 2026 की राजनीति का केंद्र बन रहा है।

मुख्य बातें

वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल ने 17 मई 2026 को दिग्विजय सिंह के भोजशाला संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
बंसल ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने राम मंदिर पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को मानने से इनकार किया था और सर्वोच्च न्यायालय में 25 वकीलों की टीम उतारी थी।
ASI संरक्षित भोजशाला स्थल पर पूजा अधिनियम के अनुप्रयोग को लेकर न्यायिक बनाम राजनीतिक अधिकार पर सवाल उठाया गया।
बंसल ने मौलाना महमूद मदनी पर UCC और वंदे मातरम विरोध का आरोप लगाया।
कांग्रेस पर तीन तलाक और हलाला जैसे मुद्दों पर मुस्लिम महिलाओं के हक में आवाज़ न उठाने का भी आरोप लगाया गया।

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के प्रवक्ता विनोद बंसल ने 17 मई 2026 को नई दिल्ली में धार-भोजशाला विवाद पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान का कड़ा प्रतिवाद किया। बंसल ने आरोप लगाया कि 'भगवा आतंकवाद' जैसे पदों का इस्तेमाल और हिंदुओं को आतंकवादी की श्रेणी में रखना कांग्रेस की मूल विचारधारा का हिस्सा बन चुका है।

राम मंदिर और न्यायपालिका प्रसंग

बंसल ने कांग्रेस के ऐतिहासिक रुख का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राम मंदिर पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को मानने से इनकार किया था और मामले को सर्वोच्च न्यायालय में ले जाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान 25 वकीलों की टीम खड़ी की गई और जब निर्णय अनुकूल नहीं आया तो तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश के विरुद्ध महाभियोग प्रस्ताव तक लाया गया।

भोजशाला मामले में दिग्विजय सिंह पर निशाना

वीएचपी प्रवक्ता ने कहा कि दिग्विजय सिंह स्वयं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उनके कार्यकाल में भोजशाला विवाद अनसुलझा रहा। बंसल ने सवाल उठाया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) संरक्षित स्थल पर पूजा अधिनियम लागू करना-न करना न्यायालय का अधिकार है या किसी नेता का — यह जनता को तय करना चाहिए।

यूसीसी और वंदे मातरम पर आरोप

बंसल ने मौलाना महमूद मदनी का नाम लेते हुए कहा कि वे समान नागरिक संहिता (UCC) और वंदे मातरम के विरोधी रहे हैं। उनके अनुसार, जो राष्ट्रगीत सीमा पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की प्रेरणा बनता है, उसका विरोध देश की एकता के प्रतिकूल है। बंसल ने यह भी कहा कि तीन तलाक, बुर्का और हलाला जैसी प्रथाओं से मुस्लिम महिलाओं को मुक्ति दिलाने की बात कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने कभी नहीं उठाई।

कांग्रेस की राजनीतिक दिशा पर टिप्पणी

बंसल ने कहा कि कांग्रेस पहले वामपंथी विचारधारा के सहारे चलती थी और अब सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राह पर है। उनके अनुसार पार्टी को हिंदू विरोधी मानसिकता छोड़नी होगी, अन्यथा वह और अधिक राजनीतिक अप्रासंगिकता की ओर बढ़ेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भोजशाला मामले में न्यायालयीन प्रक्रिया जारी है और राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक स्थलों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी दोनों पक्ष मीडिया में अपनी-अपनी व्याख्या पेश करते हैं। इससे यह सवाल उठता है कि क्या न्यायिक प्रक्रिया राजनीतिक बयानबाजी से प्रभावित होती है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस पहलू को नज़रअंदाज़ करती है कि ASI-संरक्षित स्थलों पर धार्मिक दावों का कानूनी ढाँचा क्या कहता है — जो इस पूरी बहस की असली धुरी है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोजशाला विवाद क्या है और इसमें दिग्विजय सिंह का बयान क्यों चर्चा में है?
भोजशाला मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित एक ASI-संरक्षित परिसर है, जिसे हिंदू समूह सरस्वती मंदिर और मुस्लिम समुदाय मस्जिद मानता है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के इस मामले पर दिए गए बयान को वीएचपी ने हिंदू विरोधी करार दिया, जिसके बाद विनोद बंसल ने सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी।
विनोद बंसल ने दिग्विजय सिंह पर क्या आरोप लगाए?
बंसल ने कहा कि दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए भोजशाला मामले को अनसुलझा रखने के लिए ज़िम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ASI-संरक्षित स्थल पर पूजा अधिनियम लागू करना न्यायालय का काम है, न कि किसी नेता का।
वीएचपी ने कांग्रेस और सोनिया गांधी पर क्या आरोप लगाया?
विनोद बंसल ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने राम मंदिर पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को नहीं माना, सर्वोच्च न्यायालय में 25 वकीलों की टीम उतारी और प्रतिकूल निर्णय आने पर तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश के विरुद्ध महाभियोग प्रस्ताव लाया गया। ये आरोप वीएचपी के हैं और कांग्रेस का पक्ष इसमें शामिल नहीं है।
मौलाना महमूद मदनी और UCC का इस विवाद से क्या संबंध है?
बंसल ने मौलाना महमूद मदनी पर समान नागरिक संहिता (UCC) और वंदे मातरम के विरोध का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो लोग तीन तलाक और हलाला जैसी प्रथाओं पर चुप रहे, वे UCC का विरोध करके कट्टरपंथी एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं।
भोजशाला मामले में अब आगे क्या होने की संभावना है?
भोजशाला मामला न्यायालय में विचाराधीन है और ASI-संरक्षित स्थल होने के कारण किसी भी धार्मिक उपयोग पर अंतिम निर्णय न्यायपालिका करेगी। राजनीतिक बयानबाजी जारी रहने के बावजूद कानूनी प्रक्रिया ही इसका निर्णायक मंच है।
राष्ट्र प्रेस
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