अमित शाह का बंगाल पर बड़ा हमला: 'ट्यूबलाइट-पंखे पर भी कमीशन, 50 साल में विकास शून्य'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार, 17 मई को गांधीनगर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल में दशकों के शासन पर तीखा प्रहार किया और आरोप लगाया कि आम नागरिकों को रोज़मर्रा की आर्थिक गतिविधियों में भ्रष्टाचार और राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने बंगाल की मौजूदा स्थिति की तुलना गुजरात के विकास-पथ से करते हुए कहा कि पूर्वी राज्य लंबे समय से प्रगति की दौड़ में पिछड़ता रहा है।
मुख्य आरोप: कमीशनखोरी का जाल
शाह ने दावा किया कि लगभग 50 वर्षों तक बंगाल में विकास से जुड़ी गतिविधियाँ नगण्य रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्यूबलाइट, पंखा, ईंट या सीमेंट जैसी साधारण वस्तुएँ खरीदने के लिए भी सत्ताधारी दल को कमीशन चुकाना पड़ता था। उनके अनुसार, जो लोग पड़ोसी राज्यों से सस्ता सामान लाते थे, उनसे भी 'अनाधिकारिक वसूली' की जाती थी।
शाह ने एक विशिष्ट उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति ट्रेन से दूसरे राज्य से सस्ता पंखा लाता था, तो रेलवे स्टेशनों पर लोग अनौपचारिक 'टैक्स' वसूलने के लिए तैयार खड़े रहते थे। उल्लेखनीय है कि ये आरोप राजनीतिक प्रकृति के हैं और सत्तारूढ़ दल ने इन पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
गुजरात-बंगाल तुलना
शाह ने अपने तर्क को स्पष्ट करने के लिए एक काल्पनिक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यदि 1964 में गुजरात पर और आज के बंगाल पर अलग-अलग फिल्में बनाई जाएँ, तो उस दौर का गुजरात आज के बंगाल से बेहतर स्थिति में दिखेगा। यह तुलना उनके इस व्यापक राजनीतिक तर्क का हिस्सा थी कि बेहतर शासन और विकास की तलाश में लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का साथ दिया।
बूथ-स्तर संगठन और BJP का विस्तार
शाह ने देश के विभिन्न हिस्सों में BJP के बढ़ते प्रभाव का श्रेय पार्टी की जमीनी संगठनात्मक संरचना को दिया। उनके अनुसार, बूथ-स्तर के कार्यकर्ताओं ने गाँवों और शहरों में सीधा जनसंपर्क बनाए रखा और स्थानीय समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड-19 महामारी जैसे कठिन दौर में पार्टी कार्यकर्ताओं के कार्य ने BJP की चुनावी सफलता में योगदान दिया।
गुजरात स्थानीय निकाय चुनावों में BJP का प्रदर्शन
अपने संबोधन में शाह ने गुजरात के हाल के स्थानीय निकाय चुनावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने उन सभी नगर निगमों में जीत दर्ज की जहाँ चुनाव हुए, और अधिकांश नगर पालिकाओं, जिला पंचायतों तथा तालुका पंचायतों में भी सफलता प्राप्त की।
गांधीनगर में नागरिक परियोजनाएँ
राजनीतिक बयानों के साथ-साथ शाह ने गांधीनगर में चल रही नागरिक परियोजनाओं की जानकारी भी दी। इनमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, जल आपूर्ति व्यवस्था, आंतरिक सड़कें, झीलों के सौंदर्यीकरण, सामुदायिक भवन, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, योग स्टूडियो और खेल अवसंरचना शामिल हैं। आगामी महीनों में बंगाल और गुजरात की राजनीतिक गतिशीलता पर इन बयानों का असर देखा जाएगा।