घुसपैठियों को चुन-चुनकर निकालेंगे: अमित शाह की बंगाल में बड़ी चेतावनी
सारांश
Key Takeaways
- अमित शाह ने 23 अप्रैल 2026 को पुरसुराह, पश्चिम बंगाल में विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित किया।
- शाह ने वादा किया कि भाजपा सरकार बनने पर बंगाल से हर घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकाला जाएगा।
- टीएमसी के शासन को 'जंगल राज' करार देते हुए कहा कि यह 4 मई को समाप्त होगा।
- ममता सरकार द्वारा आलू निर्यात पर रोक लगाने से बंगाल के किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
- पहले चरण में शाम 4:30 बजे तक 80 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया।
- शाह ने टीएमसी के गुंडों को चेतावनी दी — 29 तारीख को घर से बाहर न निकलें।
कोलकाता, 23 अप्रैल 2026 (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार, 23 अप्रैल को पुरसुराह में आयोजित एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो राज्य के हर घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकाला जाएगा।
टीएमसी के खिलाफ जनाक्रोश का किया जिक्र
अमित शाह ने कहा कि आज बंगाल के कोने-कोने में तृणमूल कांग्रेस के विरुद्ध भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। प्रदेश की जनता मौजूदा ममता सरकार से तंग आ चुकी है और आमूल बदलाव की मांग कर रही है। उन्होंने दावा किया कि यह जनाक्रोश आने वाले चुनाव परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
शाह ने कहा कि 5 तारीख को जनता भाजपा की सरकार बनाए। उन्होंने वादा किया, "हम पूरे बंगाल से चुन-चुनकर एक-एक घुसपैठिए को बाहर निकाल देंगे।" उन्होंने तृणमूल के शासन को 'जंगल राज' करार देते हुए कहा कि यह राज 4 मई को समाप्त होने जा रहा है।
घुसपैठ और मतदाता सूची पर तीखा प्रहार
गृह मंत्री ने घुसपैठ के मुद्दे को सभा में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि बंगाल में घुसपैठ एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जिसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाना अनिवार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब एसआईआर (Special Intensive Revision) के दौरान घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाते हैं, तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इससे तकलीफ होती है।
शाह ने स्पष्ट किया कि भाजपा सत्ता में आने के बाद हर घुसपैठिए को चिह्नित करके राज्य से बाहर करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि टीएमसी शासन में किसानों की जमीन पर कब्जे और गरीबों के अधिकार सिंडिकेट को सौंपने की परंपरा बन चुकी है, जो अब समाप्त होगी।
किसानों की दुर्दशा पर ममता सरकार को घेरा
केंद्रीय गृह मंत्री ने बंगाल के आलू किसानों की दुर्दशा का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, फिर भी ममता सरकार पूरी तरह उदासीन बनी हुई है। उन्होंने बताया कि ममता सरकार ने आलू के निर्यात पर रोक लगा दी है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
शाह ने वादा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद किसानों को उनकी उपज के निर्यात में पूरी सहायता प्रदान की जाएगी और वह हर हाल में किसानों के साथ खड़ी रहेगी।
टीएमसी के 'गुंडों' को कड़ी चेतावनी
जनसभा में अमित शाह ने बताया कि उन्हें स्थानीय लोगों ने बताया कि मतदाता वोट देना चाहते हैं, लेकिन गुंडों के डर से हिचकिचाते हैं। इस पर उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा, "इनसे मत डरना।"
उन्होंने दीदी के गुंडों को सीधी चेतावनी दी — "29 तारीख को घर के बाहर मत निकलना, वरना 5 तारीख के बाद हम तुम्हें सीधा कर देंगे।" शाह ने दावा किया कि पहले चरण में शाम 4:30 बजे तक 80 प्रतिशत से अधिक मतदान हो चुका था, जो यह संकेत देता है कि पहले चरण में टीएमसी को करारी शिकस्त मिलने वाली है।
अब सभी की निगाहें 5 मई के चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि बंगाल की जनता किस दिशा में अपना भविष्य देखती है — परिवर्तन या यथास्थिति।