होर्मुज संकट: राजस्थान के श्रीगंगानगर का नाविक संजय महार ईरानी घेराबंदी में फंसा, परिवार से संपर्क टूटा

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होर्मुज संकट: राजस्थान के श्रीगंगानगर का नाविक संजय महार ईरानी घेराबंदी में फंसा, परिवार से संपर्क टूटा

सारांश

होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी बलों ने कंटेनर जहाज 'एपामिनोंडास' को घेरा। राजस्थान के श्रीगंगानगर के सेकेंड ऑफिसर संजय महार समेत 21 क्रू सदस्य फंसे हैं। इंटरनेट बंद होने से परिवार का संपर्क टूटा। विधायक जयदीप बिहानी ने PM मोदी और CM भजनलाल को पत्र लिखकर तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप मांगा।

Key Takeaways

  • श्रीगंगानगर (राजस्थान) के 38 वर्षीय संजय महार कंटेनर जहाज 'एपामिनोंडास' पर सेकेंड ऑफिसर के रूप में तैनात हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हैं।
  • जहाज पर भारत, फिलीपींस, यूक्रेन और श्रीलंका के कुल 21 क्रू सदस्य सवार हैं।
  • कथित तौर पर ईरानी IRGC ने जहाज को घेरा, गोलीबारी की भी खबरें आईं और क्रू सुरक्षित कक्षों में चले गए।
  • इंटरनेट सेवाएं बंद होने के कारण परिवार का संजय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
  • विधायक जयदीप बिहानी ने PM नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और CM भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप मांगा।
  • जहाज गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर जा रहा था और 23 अप्रैल तक वहां पहुंचने वाला था।

जयपुर, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा कथित तौर पर रोके गए लाइबेरियाई झंडे वाले कंटेनर जहाज 'एपामिनोंडास' पर राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी 38 वर्षीय मर्चेंट नेवी अधिकारी संजय महार भी सवार हैं। जहाज पर कुल 21 क्रू सदस्य हैं और इंटरनेट सेवाएं बंद होने के बाद से परिवार का संपर्क पूरी तरह टूट चुका है।

घटनाक्रम: कैसे रोका गया जहाज?

जानकारी के मुताबिक, संजय महार करीब 20 दिन पहले दुबई गए थे और जहाज रोके जाने से महज चार दिन पहले जहाज पर सवार हुए थे। जहाज गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर जा रहा था और गुरुवार तक वहां पहुंचने वाला था।

संजय के भाई सुभाष महार ने बताया कि करीब 30 घंटे पहले जब जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था, तभी ईरानी बलों ने उसे घेर लिया। इस दौरान गोलीबारी की भी खबरें आईं, जिससे परिवार की बेचैनी कई गुना बढ़ गई।

घटना के बाद जहाज के सभी क्रू सदस्य सुरक्षित कक्षों में चले गए। संपर्क टूटने से पहले संजय ने एक वीडियो भेजा था, जिसमें क्रू सदस्य स्पष्ट रूप से चिंतित और भयभीत दिख रहे थे।

क्रू सदस्यों की राष्ट्रीयता और जहाज का विवरण

जहाज पर सवार 21 क्रू सदस्यों में भारत, फिलीपींस, यूक्रेन और श्रीलंका के नागरिक शामिल हैं। संजय महार इस जहाज पर सेकेंड ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। यह जहाज लाइबेरिया के झंडे तले संचालित होता है, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत एक जटिल राजनयिक स्थिति पैदा करता है।

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक रूप से संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है। इस रास्ते से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है और यहां तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ता है।

विधायक ने PM मोदी और CM भजनलाल को लिखा पत्र

विधायक जयदीप बिहानी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की। एक वीडियो संदेश में उन्होंने इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए सभी फंसे हुए क्रू सदस्यों की सुरक्षित रिहाई की अपील की।

उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी अनुरोध किया कि संजय महार और उनके साथी क्रू सदस्यों की जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए।

परिवार की पीड़ा और सरकार से अपील

श्रीगंगानगर में संजय के परिजन गहरे सदमे और चिंता में हैं। इंटरनेट सेवाएं बंद होने के कारण जहाज से कोई भी संचार संभव नहीं हो पा रहा है। परिवार ने केंद्र सरकार से अपील की है कि इस मामले में राजनयिक स्तर पर तत्काल कदम उठाए जाएं।

यह ऐसे समय में हुआ है जब भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक संबंध संवेदनशील दौर में हैं। पिछले कुछ वर्षों में ईरान द्वारा होर्मुज क्षेत्र में जहाजों को रोकने की यह कोई पहली घटना नहीं है — 2023 और 2024 में भी इस जलडमरूमध्य में कई जहाजों को ईरानी बलों ने रोका था, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गंभीर चिंता उत्पन्न हुई थी।

आगे क्या?

भारत सरकार का विदेश मंत्रालय इस मामले पर नजर रख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि लाइबेरियाई ध्वज वाले जहाज पर भारतीय नागरिकों की उपस्थिति इस मामले को बहुपक्षीय राजनयिक मुद्दा बनाती है। संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) के तहत किसी भी देश के जहाज को अंतरराष्ट्रीय जल में मनमाने ढंग से नहीं रोका जा सकता।

आने वाले घंटों में भारत सरकार की राजनयिक प्रतिक्रिया और ईरान का रुख इस संकट की दिशा तय करेगा। परिवार और देश की निगाहें अब नई दिल्ली में सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

Point of View

और हर बार भारतीय नागरिक संकट में फंसते हैं। विडंबना यह है कि भारत ईरान के साथ चाबहार बंदरगाह जैसे महत्वाकांक्षी समझौते करता है, लेकिन जब भारतीय नाविक ईरानी बलों के निशाने पर आते हैं तो राजनयिक प्रतिक्रिया धीमी और कमज़ोर नजर आती है। सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा किसी भी द्विपक्षीय व्यापारिक हित से ऊपर है।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

होर्मुज जलडमरूमध्य में कौन सा भारतीय जहाज फंसा है?
लाइबेरिया के झंडे वाला कंटेनर जहाज 'एपामिनोंडास' होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसा है। यह जहाज गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर जा रहा था जब ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इसे कथित तौर पर रोक लिया।
राजस्थान का कौन सा नाविक होर्मुज में फंसा है?
राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी 38 वर्षीय संजय महार जहाज पर सेकेंड ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। वे करीब 20 दिन पहले दुबई गए थे और घटना से चार दिन पहले जहाज पर सवार हुए थे।
जहाज पर कितने क्रू सदस्य हैं और वे किन देशों के हैं?
जहाज पर कुल 21 क्रू सदस्य सवार हैं जो भारत, फिलीपींस, यूक्रेन और श्रीलंका के नागरिक हैं। इंटरनेट सेवाएं बंद होने के कारण सभी का संपर्क उनके परिजनों से टूट गया है।
विधायक जयदीप बिहानी ने इस मामले में क्या कदम उठाए?
विधायक जयदीप बिहानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर सभी फंसे क्रू सदस्यों की सुरक्षित रिहाई की अपील की।
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने पहले भी जहाज रोके हैं?
हां, 2023 और 2024 में भी ईरानी बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कई जहाजों को रोका था, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गंभीर चिंता उत्पन्न हुई थी। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लगभग 20 प्रतिशत का मार्ग है।
Nation Press