नशा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई: सोपोर में प्रतिबंधित कैप्सूल-टैबलेट के साथ तस्कर गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- 24 अप्रैल को सोपोर के बाग-ए-सुंदरी क्रॉसिंग पर नाका चेकिंग में एक तस्कर गिरफ्तार।
- आरोपी ज़ैद बशीर भट, निवासी अपर अशपीर के पास से स्पैस्मोप्रॉक्सीवॉन प्लस और अल्प्राज़ोलम टैबलेट बरामद।
- एनडीपीएस अधिनियम के तहत सोपोर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज, आपूर्ति नेटवर्क की जांच जारी।
- 20 अप्रैल को पुलवामा में 7.50 ग्राम हेरोइन के साथ मोहम्मद अल्ताफ लोन और समीर अहमद डार गिरफ्तार।
- यह कार्रवाई 100 दिवसीय नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत हुई जो पूरे जिले में जारी है।
- पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने और समाज को नशामुक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
सोपोर, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर के तहत चल रहे 100 दिवसीय मादक पदार्थ विरोधी अभियान में सोपोर पुलिस ने एक और सफलता हासिल की है। 24 अप्रैल को फ्रूट मंडी पुलिस चौकी क्षेत्र में बाग-ए-सुंदरी क्रॉसिंग पर नाका चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध तस्कर को प्रतिबंधित दवाओं सहित रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई दर्शाती है कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन नशे के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम
बाग-ए-सुंदरी क्रॉसिंग पर तैनात पुलिस दल ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से स्पैस्मोप्रॉक्सीवॉन प्लस कैप्सूल और अल्प्राज़ोलम टैबलेट बरामद किए गए, जो बिना वैध पर्चे के रखना और बेचना कानूनी अपराध है। इन दोनों दवाओं का नशे के लिए दुरुपयोग किया जाता है और ये नशा तस्करों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान ज़ैद बशीर भट, पुत्र बशीर अहमद भट, निवासी अपर अशपीर के रूप में हुई है। उसके खिलाफ सोपोर पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर दी गई है।
जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि उसके आपूर्ति स्रोत और तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का मानना है कि यह तस्कर किसी बड़े नेटवर्क की कड़ी हो सकता है जो सोपोर और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति करता है।
गौरतलब है कि स्पैस्मोप्रॉक्सीवॉन प्लस और अल्प्राज़ोलम जैसी दवाएं मुख्यतः युवाओं को नशे की लत लगाने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं क्योंकि ये बाजार में आसानी से उपलब्ध दिखती हैं और हेरोइन जैसे पारंपरिक नशीले पदार्थों की तुलना में सस्ती होती हैं।
पुलवामा में भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
इससे पहले 20 अप्रैल को पुलवामा जिले में पुलिस पोस्ट नेवा ने एक मोटरसाइकिल को रोका जो हसनवानी से सिंगू नारबल की ओर आ रही थी। मोटरसाइकिल की सीट के नीचे से हरे रंग के पॉलीथीन बैग में छिपाई गई लगभग 7.50 ग्राम हेरोइन बरामद की गई।
दोनों आरोपियों की पहचान मोहम्मद अल्ताफ लोन, निवासी तुरका वाघम और समीर अहमद डार, निवासी बटपोरा के रूप में हुई। पुलिस स्टेशन पुलवामा में दोनों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान का व्यापक संदर्भ
जम्मू-कश्मीर में नशे की समस्या वर्षों से गंभीर चिंता का विषय रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, घाटी में नशे की लत से पीड़ित युवाओं की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 100 दिवसीय नशा मुक्त अभियान इसी समस्या से निपटने के लिए एक संगठित प्रयास है जिसमें पुलिस, प्रशासन और समाज सेवी संगठन मिलकर काम कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी सीमापार नेटवर्क से जुड़ी है और इसे तोड़ने के लिए केवल गिरफ्तारियां नहीं, बल्कि युवाओं में जागरूकता और पुनर्वास कार्यक्रम भी जरूरी हैं।
सोपोर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में और भी बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना जताई जा रही है।