तिलजला बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में पार्क सर्कस में हिंसक प्रदर्शन, 3 पुलिसकर्मी घायल

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तिलजला बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में पार्क सर्कस में हिंसक प्रदर्शन, 3 पुलिसकर्मी घायल

सारांश

तिलजला में अवैध फैक्ट्री अग्निकांड के बाद शुरू हुई बुलडोजर कार्रवाई का विरोध रविवार को पार्क सर्कस में हिंसक हो गया — पुलिस पर पथराव, तीन वाहन क्षतिग्रस्त और तीन पुलिसकर्मी घायल। ACP अशेष बिस्वास ने कहा कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्य बातें

तिलजला में बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में पार्क सर्कस सेवन-पॉइंट क्रॉसिंग पर रविवार को हिंसक प्रदर्शन हुआ।
कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर ईंट-पत्थर फेंके गए; 3 पुलिसकर्मी घायल , 3 पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त।
पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया; केंद्रीय बल भी मौके पर तैनात।
पुलिस का दावा — प्रदर्शन में स्थानीय लोगों के साथ बाहरी तत्व भी शामिल थे।
तिलजला अग्निकांड में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हुई — रविवार को एक और घायल की मौत।
ACP अशेष बिस्वास ने कहा — सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

कोलकाता के तिलजला इलाके में अवैध निर्माणों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में 18 मई 2025 को मध्य कोलकाता के पार्क सर्कस सेवन-पॉइंट क्रॉसिंग पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस से टकराव हुआ और पूरे इलाके में तनाव फैल गया। पुलिस के अनुसार इस घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए और तीन पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की गई।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए पूर्व में कोई अनुमति नहीं ली गई थी। जब पुलिस ने सड़क खाली कराने और भीड़ को हटाने की कोशिश की, तो कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर ईंट-पत्थर फेंके गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर चल रही कुछ बसों को भी नुकसान पहुँचा। कोलकाता पुलिस ने मौके पर केंद्रीय बलों को भी तैनात किया।

पुलिस की प्रतिक्रिया

कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ACP) अशेष बिस्वास ने घटना को 'अवैध जमावड़ा' करार देते हुए कहा, 'यह एक अवैध जमावड़ा था। प्रदर्शनकारी सड़क जाम करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस उन्हें हटाने गई तो पुलिस पर हमला किया गया। तीन पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की गई।' उन्होंने आगे कहा, 'हम जाँच कर रहे हैं कि इसके पीछे कौन लोग हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और सख्त कार्रवाई होगी।'

प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के आरोपों पर बिस्वास ने कहा, 'अगर पुलिस पर हमला होगा तो लाठीचार्ज किया जाएगा। इसमें किसी तरह का लैंगिक भेदभाव नहीं होगा।' पुलिस ने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन में स्थानीय लोगों के अलावा बाहरी लोग भी शामिल थे।

तिलजला अग्निकांड की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह प्रदर्शन उस बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में हुआ, जो तिलजला इलाके में एक रिहायशी इमारत के भीतर चल रही अवैध फैक्ट्री में भीषण आग लगने की घटना के बाद शुरू की गई थी। उस आग में पहले दो लोगों की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हुए थे। रविवार को एक और घायल व्यक्ति की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई। यह ऐसे समय में आया है जब कोलकाता में अवैध निर्माणों और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर प्रशासनिक दबाव बढ़ रहा है।

आम जनता पर असर

पार्क सर्कस क्रॉसिंग मध्य कोलकाता का एक अत्यंत व्यस्त यातायात केंद्र है। प्रदर्शन और उसके बाद की हिंसा से इलाके में यातायात बाधित हुआ और आम नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ी। सड़क पर चल रही बसों को नुकसान पहुँचने से सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हुआ।

क्या होगा आगे

ACP बिस्वास ने स्पष्ट किया कि पुलिस को घटना से पहले खुफिया सूचना मिली थी, इसीलिए बड़ी अनहोनी टल गई। अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी रहेगा और जाँच में यह पता लगाया जाएगा कि प्रदर्शन के पीछे किन बाहरी तत्वों का हाथ था। तिलजला में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई भी जारी रहने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उसके जवाब में बुलडोजर चलाने और प्रदर्शनकारियों पर 'बाहरी तत्वों' का ठप्पा लगाने की रणनीति सवाल उठाती है — क्या प्रभावित परिवारों से पर्याप्त संवाद हुआ? पुलिस की यह स्वीकारोक्ति कि उन्हें पहले से खुफिया सूचना थी, यह भी बताती है कि असंतोष अचानक नहीं उभरा था। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि विस्थापित परिवारों के पुनर्वास का कोई ठोस खाका सामने नहीं आया है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पार्क सर्कस में प्रदर्शन किस बात के विरोध में हुआ?
यह प्रदर्शन कोलकाता के तिलजला इलाके में अवैध निर्माणों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में हुआ। तिलजला में एक रिहायशी इमारत के भीतर चल रही अवैध फैक्ट्री में आग लगने से तीन लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने वहाँ अवैध ढाँचों को गिराना शुरू किया था।
पार्क सर्कस हिंसा में कितने पुलिसकर्मी घायल हुए?
ACP अशेष बिस्वास के अनुसार इस घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए और तीन पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की गई। सड़क पर चल रही कुछ बसों को भी नुकसान पहुँचा।
तिलजला अग्निकांड में कितने लोगों की मौत हुई?
तिलजला की अवैध फैक्ट्री में लगी आग में पहले दो लोगों की मौत हुई थी और तीन घायल हुए थे। रविवार को एक और घायल व्यक्ति की मौत के बाद मृतकों की कुल संख्या तीन हो गई।
कोलकाता पुलिस ने पार्क सर्कस प्रदर्शन पर क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया और मौके पर केंद्रीय बलों को भी तैनात किया। ACP बिस्वास ने स्पष्ट किया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और जाँच जारी है कि प्रदर्शन में कौन-से बाहरी तत्व शामिल थे।
क्या पार्क सर्कस प्रदर्शन के लिए पुलिस की अनुमति ली गई थी?
नहीं। पुलिस के अनुसार इस सभा के लिए पहले से कोई अनुमति नहीं ली गई थी, इसीलिए इसे 'अवैध जमावड़ा' करार दिया गया। पुलिस को पहले से खुफिया सूचना मिली थी, इसलिए वे तैयार थे।
राष्ट्र प्रेस
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