श्रीनगर में NCW का 'शक्ति संवाद': 20 से अधिक राज्यों के महिला आयोगों ने मिलाया हाथ

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श्रीनगर में NCW का 'शक्ति संवाद': 20 से अधिक राज्यों के महिला आयोगों ने मिलाया हाथ

सारांश

श्रीनगर में NCW का 'शक्ति संवाद' महज एक सम्मेलन नहीं था — यह केंद्र और राज्यों की महिला संस्थाओं के बीच एकजुट मोर्चा बनाने की कोशिश थी। 20 से अधिक राज्यों की भागीदारी और स्टॉकिंग से लेकर नए श्रम संहिता तक के विषयों पर चर्चा ने इसे नीतिगत दिशा देने वाला मंच बनाया।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने 16-17 मई 2025 को श्रीनगर में दो दिवसीय 'शक्ति संवाद' सम्मेलन आयोजित किया।
20 से अधिक राज्यों के महिला आयोगों की अध्यक्षों, सदस्यों और सदस्य सचिवों ने भाग लिया।
NCW अध्यक्ष विजया राहटकर ने उद्घाटन किया; महिला आयोगों को 'विश्वास, समर्थन और न्याय के संस्थान' बताया।
सत्रों में स्टॉकिंग, नए श्रम संहिता, सर्वोच्च न्यायालय के फैसले और राज्य कानून समीक्षा जैसे विषय शामिल रहे।
जितेंद्र सिंह (राज्य मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) ने महिला नेतृत्व वाले विकास पर जोर दिया।

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने 16-17 मई 2025 को श्रीनगर में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 'शक्ति संवाद' का आयोजन किया, जिसमें 20 से अधिक राज्यों के महिला आयोगों की अध्यक्षों, सदस्यों और सदस्य सचिवों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य राज्य महिला आयोगों और NCW के बीच संस्थागत समन्वय को सुदृढ़ करना, क्षमता निर्माण को गति देना और महिला सशक्तिकरण के लिए नीतिगत संवाद को प्रोत्साहित करना था।

उद्घाटन सत्र: विजया राहटकर का संदेश

NCW अध्यक्ष विजया राहटकर ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने संबोधन में रेखांकित किया कि आज महिलाएं शासन, न्यायपालिका, विज्ञान, मीडिया और सार्वजनिक जीवन के हर क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। उनका कहना था कि महिला आयोग केवल शिकायत निवारण के मंच नहीं हैं — ये विश्वास, समर्थन और न्याय के संस्थान हैं, और उनकी सुरक्षा व गरिमा सुनिश्चित करना एक सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्य सत्र: कानून, कार्यस्थल और उभरती चुनौतियाँ

दो दिनों में आयोजित विशेष सत्रों में महिला अधिकारों के परिप्रेक्ष्य से राज्य कानून समीक्षा, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के हालिया फैसले, स्टॉकिंग की समस्या पर कानूनी और संस्थागत प्रतिक्रिया, तथा नए श्रम संहिता और महिलाओं पर उनके प्रभाव जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। विशेषज्ञों ने कार्यस्थल पर गरिमा, विकसित हो रहे कानूनी ढाँचे और देशभर में महिलाओं को प्रभावित करने वाली उभरती चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।

समापन सत्र: डॉ. जितेंद्र सिंह का आह्वान

समापन सत्र में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने भारत में महिला नेतृत्व वाले विकास को आगे बढ़ाने के लिए समन्वित संस्थागत प्रयासों और नीतिगत समर्थन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी सामाजिक परिवर्तन के शक्तिशाली साधन हैं, और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, उद्यमिता एवं डिजिटल अवसरों तक पहुँच बढ़ाकर महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार लाया जा सकता है।

साझा प्रतिबद्धता के साथ समापन

कार्यक्रम का समापन सहभागी राज्य महिला आयोगों और NCW के बीच सहयोग को और मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने संस्थागत तंत्रों में सुधार और राष्ट्रव्यापी स्तर पर महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लक्ष्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। यह आयोजन NCW की उस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत केंद्र और राज्य स्तर की महिला संस्थाओं के बीच एकजुट कार्यप्रणाली विकसित की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली सवाल यह है कि इन सम्मेलनों के प्रस्ताव ज़मीनी नीति में कितनी बार तब्दील होते हैं — राज्य महिला आयोगों के पास अक्सर बजट और कानूनी अधिकार दोनों की कमी रहती है। स्टॉकिंग और नए श्रम संहिता जैसे विषयों पर चर्चा सही दिशा में है, लेकिन क्रियान्वयन की जवाबदेही तय किए बिना ये संवाद केवल संकल्पों तक सीमित रह जाते हैं।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'शक्ति संवाद' कार्यक्रम क्या है और इसका उद्देश्य क्या था?
'शक्ति संवाद' राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसका उद्देश्य NCW और राज्य महिला आयोगों के बीच संस्थागत समन्वय मजबूत करना, क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना और महिला सशक्तिकरण पर नीतिगत संवाद को प्रोत्साहित करना है। इसका 16-17 मई 2025 को श्रीनगर में आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में किन राज्यों ने भाग लिया?
कार्यक्रम में 20 से अधिक राज्यों के महिला आयोगों की अध्यक्षों, सदस्यों और सदस्य सचिवों ने भाग लिया। स्रोत में राज्यों के नाम अलग से सूचीबद्ध नहीं किए गए हैं।
कार्यक्रम में किन विषयों पर चर्चा हुई?
सम्मेलन में महिला अधिकारों के परिप्रेक्ष्य से राज्य कानून समीक्षा, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के हालिया फैसले, स्टॉकिंग पर कानूनी और संस्थागत प्रतिक्रिया, तथा नए श्रम संहिता और महिलाओं पर उनके प्रभाव जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।
NCW अध्यक्ष विजया राहटकर ने क्या कहा?
NCW अध्यक्ष विजया राहटकर ने कहा कि महिला आयोग केवल शिकायत निवारण निकाय नहीं हैं, बल्कि ये महिलाओं के लिए विश्वास, समर्थन और न्याय के संस्थान हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और समान अवसर सुनिश्चित करना एक सामूहिक जिम्मेदारी है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने समापन सत्र में क्या संदेश दिया?
राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी सामाजिक परिवर्तन के शक्तिशाली साधन हैं और शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता एवं डिजिटल अवसरों तक पहुँच बढ़ाकर महिलाओं का जीवन स्तर बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने महिला नेतृत्व वाले विकास के लिए समन्वित संस्थागत प्रयासों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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