श्रीनगर में 'शक्ति संवाद' का चौथा संस्करण: जितेंद्र सिंह करेंगे एनसीडब्ल्यू सम्मेलन का उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह 16 मई 2026 को श्रीनगर में राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) के प्रमुख दो-दिवसीय परामर्श कार्यक्रम 'शक्ति संवाद' के चौथे संस्करण का उद्घाटन करेंगे। 16 और 17 मई को आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के राज्य महिला आयोगों के प्रतिनिधि महिलाओं के अधिकारों, संस्थागत समन्वय और सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श करेंगे।
सम्मेलन की संरचना और प्रमुख वक्ता
उद्घाटन सत्र में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया राहटकर भी सभा को संबोधित करेंगी। राहटकर जवाबदेह शासन, मजबूत संस्थागत सहयोग और जमीनी स्तर पर महिलाओं की गरिमा एवं अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने वाले तंत्र के महत्व पर विशेष जोर देंगी।
इस कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, कानूनी विशेषज्ञ, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधि, नीति-निर्माता और राज्य महिला आयोगों के सदस्य शामिल होंगे।
चर्चा के प्रमुख विषय
दो दिनों के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें शामिल हैं:
राज्यों की प्रगति की समीक्षा; महिलाओं के अधिकारों के दृष्टिकोण से राज्य कानूनों का विश्लेषण; सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के हालिया फैसलों का अध्ययन; पीछा करने (स्टॉकिंग) की घटनाओं से निपटने की कानूनी और संस्थागत प्रतिक्रिया; तथा नए श्रम संहिता के तहत महिलाओं के अधिकार, कल्याण और कार्यस्थल पर गरिमा की सुरक्षा।
'शक्ति संवाद' की पृष्ठभूमि
'शक्ति संवाद' एनसीडब्ल्यू की एक प्रमुख परामर्श पहल है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय और राज्य महिला आयोगों के बीच निरंतर संवाद और घनिष्ठ समन्वय को बढ़ावा देना है। इस श्रृंखला का पहला संस्करण अयोध्या में आयोजित हुआ था, इसके बाद मुंबई और नई दिल्ली में इसका आयोजन किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर समानता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर नीतिगत बहस तेज हो रही है।
श्रीनगर में आयोजन का महत्व
गौरतलब है कि इस बार सम्मेलन का आयोजन श्रीनगर में किया जा रहा है, जो जम्मू और कश्मीर के संस्थानों और हितधारकों की राष्ट्रीय नीति-निर्माण प्रक्रियाओं में बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करता है। यह आयोजन समावेशी शासन और महिलाओं के अधिकारों को न्याय तक पहुँच सुनिश्चित करने में संवाद की भूमिका को भी प्रतिबिंबित करता है। एनसीडब्ल्यू का यह कदम सहयोगात्मक नीति-निर्माण के प्रति आयोग की प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करता है।
आगे की राह
दो दिनों की चर्चाओं के बाद सम्मेलन में राज्य महिला आयोगों के बीच समन्वय को और प्रभावी बनाने के लिए ठोस सिफारिशें तैयार किए जाने की उम्मीद है। 17 मई को समापन सत्र में इन सिफारिशों को औपचारिक रूप दिया जाएगा, जो आगे की नीतिगत दिशा तय करने में सहायक होंगी।