भोजशाला फैसले पर दिग्विजय सिंह बोले — 'संकट में हिंदू-मुस्लिम विवाद उचित नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ द्वारा भोजशाला परिसर को मंदिर घोषित करने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब देश आर्थिक और सामाजिक तनाव से गुज़र रहा है, तब हिंदू-मुस्लिम विवाद को हवा देना उचित नहीं है। सिंह ने यह भी कहा कि फैसले का विधिवत अध्ययन किया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला परिसर को लेकर हाई कोर्ट का यह फैसला हाल ही में आया है, जिसके बाद राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज़ हो गई है। हिंदू पक्ष की ओर से जितेंद्र सिंह विषेन ने अपने अधिवक्ता बरुण कुमार सिन्हा के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय में कैविएट याचिका दायर की है। इस याचिका में अनुरोध किया गया है कि हाई कोर्ट के फैसले के विरुद्ध दायर किसी भी अपील पर हिंदू पक्ष को सुने बिना एकतरफा आदेश न दिया जाए।
दिग्विजय सिंह का पक्ष
दिग्विजय सिंह ने कहा, 'वाराणसी के ज्ञानवापी मामले, संभल मस्जिद मामले और मथुरा-वृंदावन मामले समेत तीन समान मामले सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हैं और उन पर रोक लगी हुई है। भोजशाला मामले में जो फैसला आया है, उसका अध्ययन किया जाएगा।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भोजशाला एक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) संरक्षित स्मारक है और उनके अनुसार ASI की रिपोर्ट में किसी मूर्ति का उल्लेख नहीं है, जिसे उन्होंने चिंता का विषय बताया।
मुस्लिम पक्ष की प्रतिक्रिया
मुस्लिम पक्ष ने भी हाई कोर्ट के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने की घोषणा की है। धार शहर काजी वकार सादिक ने कहा कि वे ASI रिपोर्ट का गहन अध्ययन करने के बाद सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएंगे।
व्यापक कानूनी संदर्भ
गौरतलब है कि भोजशाला विवाद उन कई धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में से एक है जो देश भर में न्यायालयों में विचाराधीन हैं। ज्ञानवापी, संभल और मथुरा-वृंदावन से जुड़े मामलों पर पहले से ही सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है। यह ऐसे समय में आया है जब धार्मिक स्थलों की कानूनी स्थिति को लेकर देश में व्यापक बहस जारी है।
आगे क्या
दोनों पक्षों के सर्वोच्च न्यायालय जाने की संभावना के साथ यह मामला जल्द ही देश की सर्वोच्च अदालत में पहुँच सकता है। कांग्रेस के अनुसार फैसले का विधिक विश्लेषण जारी है और पार्टी की आगे की रणनीति उसी के आधार पर तय होगी।