महिला आयोग महिलाओं के न्याय के प्रति अडिग: विजया राहटकर का बयान
सारांश
Key Takeaways
- राष्ट्रीय महिला आयोग महिलाओं के न्याय के लिए प्रतिबद्ध है।
- मीडिया का महिलाओं के मुद्दों को उजागर करने में महत्वपूर्ण योगदान है।
- कई कानून महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए गए हैं।
- आयोग ने हाल ही में एक विशेष जांच समिति का गठन किया है।
नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर राहटकर ने शुक्रवार को एक मीडिया सम्मेलन का आयोजन किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय महिला आयोग महिलाओं के लिए न्याय सुनिश्चित करने के प्रति संकल्पित है। महिलाओं के मुद्दों को उजागर करने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों के लिए कई कानून बनाए गए हैं, जिन पर चर्चा करना आवश्यक है।
महिलाओं की प्रगति के लिए हमें क्या उपाय करने चाहिए, इस पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन सभी राज्यों के मीडिया का है। यदि आवश्यकता पड़ी, तो हम भविष्य में भी राज्यों में मीडिया सम्मेलनों का आयोजन कर सकते हैं।
ज्ञात हो कि राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होते रहते हैं। फरवरी में अध्यक्ष विजया किशोर राहटकर के नेतृत्व में असम में एक जनसंपर्क कार्यक्रम हुआ था, जो तीन से छह फरवरी तक चला। इस दौरे का उद्देश्य जमीनी स्तर पर नेतृत्व को मजबूत करना और राज्य में महिला-केंद्रित कल्याण व संरक्षण तंत्रों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना था।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर राहटकर ने नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 'शक्ति वॉक' में भाग लिया।
पिछले महीने 4 फरवरी को एनसीडब्ल्यू ने तेलंगाना के मुलुगु जिले के मेदारम में आयोजित सम्मक्का सरलम्मा जतारा महोत्सव के दौरान एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन हमले की घटना पर मीडिया और सोशल मीडिया में आई रिपोर्टों का गंभीरता से संज्ञान लिया।
एनसीडब्ल्यू की चेयरपर्सन विजया राहटकर ने इस घटना की निष्पक्ष और संपूर्ण जांच के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन किया। आयोग द्वारा गठित इस समिति को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों सौंपी गई हैं।