श्रीनगर में 'शक्ति संवाद' का चौथा संस्करण: NCW और राज्य महिला आयोग 16-17 मई को करेंगे विचार-विमर्श

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श्रीनगर में 'शक्ति संवाद' का चौथा संस्करण: NCW और राज्य महिला आयोग 16-17 मई को करेंगे विचार-विमर्श

सारांश

राष्ट्रीय महिला आयोग का 'शक्ति संवाद' इस बार श्रीनगर पहुँचा — और यह महज़ एक सम्मेलन नहीं है। अयोध्या, मुंबई और दिल्ली के बाद चौथे संस्करण का जम्मू-कश्मीर में आयोजन, महिला अधिकारों की बहस को देश के उस कोने तक ले जाने का संकेत है जहाँ संस्थागत भागीदारी अब तेज़ हो रही है।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) 16-17 मई 2026 को श्रीनगर में 'शक्ति संवाद' का चौथा संस्करण आयोजित कर रहा है।
इससे पहले यह परामर्श श्रृंखला अयोध्या , मुंबई और नई दिल्ली में आयोजित हो चुकी है।
उद्घाटन सत्र को केंद्रीय मंत्री डॉ.
जितेंद्र सिंह और NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर संबोधित करेंगी।
चर्चा के विषयों में Stalking का कानूनी समाधान, नए श्रम संहिता में महिला अधिकार और हालिया न्यायालय फैसले शामिल हैं।
NCW अध्यक्ष 19 मई को शेर-ए-कश्मीर विश्वविद्यालय में POSH जागरूकता कार्यक्रम और श्रीनगर में जन सुनवाई में भी भाग लेंगी।
सम्मेलन के अंत में देशभर के लिए महिला सशक्तीकरण का रोडमैप और सिफारिशें जारी की जाएंगी।

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) 16-17 मई 2026 को श्रीनगर में अपनी प्रमुख परामर्श पहल 'शक्ति संवाद' का चौथा संस्करण आयोजित कर रहा है, जिसमें देशभर के राज्य महिला आयोगों के प्रतिनिधि महिला अधिकारों, संस्थागत समन्वय और महिला सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने पर मंथन करेंगे। यह आयोजन जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय स्तर की नीतिगत भागीदारी का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

शक्ति संवाद: पहल की पृष्ठभूमि

'शक्ति संवाद' NCW की एक केंद्रीय परामर्श श्रृंखला है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय और राज्य महिला आयोगों के बीच नीतिगत समन्वय और निरंतर संवाद को प्रगाढ़ करना है। इस पहल का पहला संस्करण अयोध्या में आयोजित हुआ था, इसके बाद मुंबई और नई दिल्ली में इसके संस्करण सम्पन्न हुए। श्रीनगर में इसका आयोजन जम्मू-कश्मीर के संस्थानों और हितधारकों की बढ़ती राष्ट्रीय भागीदारी को रेखांकित करता है।

गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और कार्यस्थल पर उत्पीड़न जैसे मुद्दे राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में हैं।

उद्घाटन सत्र और प्रमुख वक्ता

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह — जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्मिक, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री हैं — संबोधित करेंगे। NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर भी सभा को संबोधित करेंगी और महिलाओं की गरिमा एवं अधिकारों की रक्षा के लिए उत्तरदायी शासन, मजबूत संस्थागत सहयोग तथा जमीनी स्तर के तंत्र की आवश्यकता पर जोर देंगी।

इस दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर से वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, कानूनी विशेषज्ञ, कानून प्रवर्तन प्रतिनिधि, नीति निर्माता और राज्य महिला आयोगों के सदस्य भाग लेंगे।

विचार-विमर्श के प्रमुख विषय

दो दिवसीय परामर्श सत्र में निम्नलिखित विषयों पर केंद्रित चर्चा होगी:

राज्य की प्रगति का संक्षिप्त विवरण; महिलाओं के अधिकारों के परिप्रेक्ष्य से राज्य कानून की समीक्षा; महिलाओं से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के हालिया फैसले; पीछा करने (Stalking) की समस्या का कानूनी और संस्थागत समाधान; तथा नए श्रम संहिता के अंतर्गत महिलाओं के अधिकार, कल्याण और कार्यस्थल की गरिमा की सुरक्षा। इन चर्चाओं का लक्ष्य शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ करना, कानूनी जागरूकता बढ़ाना और महिला-केंद्रित कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।

NCW अध्यक्ष की जम्मू-कश्मीर यात्रा के अन्य कार्यक्रम

अपनी जम्मू-कश्मीर यात्रा के अंतर्गत NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर 19 मई को कई संस्थागत कार्यक्रमों में भाग लेंगी। इनमें शेर-ए-कश्मीर विश्वविद्यालय, कश्मीर में लैंगिक संवेदनशीलता और POSH जागरूकता कार्यक्रम 'कैंपस कॉलिंग', श्रीनगर में महिलाओं के साथ सीधे संवाद के लिए जन सुनवाई, मुख्य सचिव और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक तथा 'लाल डेड राष्ट्रीय पुरस्कार' का वितरण शामिल है।

समापन और आगे की राह

परामर्श का समापन एक विदाई समारोह और समापन सत्र के साथ होगा, जिसमें NCW और राज्य महिला आयोगों के बीच निरंतर सहयोग के लिए प्रमुख सिफारिशों और रोडमैप की रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी। यह आयोजन देशभर में महिला सशक्तीकरण की नीतिगत दिशा को और अधिक समावेशी और समन्वित बनाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि इन परामर्श सत्रों से निकली सिफारिशें ज़मीन पर कितनी उतरती हैं। पिछले तीन संस्करणों के बाद भी राज्य महिला आयोगों के पास संसाधनों और स्वायत्तता की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। Stalking और साइबर उत्पीड़न जैसे विषयों पर चर्चा समय की माँग है, परंतु बिना क्रियान्वयन ढाँचे और जवाबदेही तंत्र के, ये संवाद केवल नीतिगत दस्तावेज़ों तक सिमट जाते हैं।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'शक्ति संवाद' क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
'शक्ति संवाद' राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की एक प्रमुख परामर्श पहल है, जिसका उद्देश्य NCW और राज्य महिला आयोगों के बीच नीतिगत समन्वय और संस्थागत सहयोग को मजबूत करना है। इसके माध्यम से महिला अधिकारों, सुरक्षा और सशक्तीकरण पर साझा रणनीतियाँ तैयार की जाती हैं।
श्रीनगर में 'शक्ति संवाद' का आयोजन कब और कहाँ होगा?
यह आयोजन 16-17 मई 2026 को श्रीनगर में होगा। यह इस परामर्श श्रृंखला का चौथा संस्करण है — इससे पहले अयोध्या, मुंबई और नई दिल्ली में आयोजन हो चुके हैं।
इस सम्मेलन में किन विषयों पर चर्चा होगी?
सम्मेलन में Stalking का कानूनी और संस्थागत समाधान, नए श्रम संहिता में महिला अधिकार, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के हालिया फैसले, राज्य कानून की समीक्षा और महिला-केंद्रित कल्याणकारी उपायों के क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श होगा। साइबर सुरक्षा और कार्यस्थल पर गरिमा भी प्रमुख विषय हैं।
NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर जम्मू-कश्मीर यात्रा में क्या करेंगी?
NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर 19 मई को शेर-ए-कश्मीर विश्वविद्यालय में POSH जागरूकता कार्यक्रम 'कैंपस कॉलिंग', श्रीनगर में जन सुनवाई, मुख्य सचिव से बैठक और 'लाल डेड राष्ट्रीय पुरस्कार' वितरण में भाग लेंगी।
इस सम्मेलन का जम्मू-कश्मीर में आयोजन क्यों महत्वपूर्ण है?
श्रीनगर में इस राष्ट्रीय स्तर के परामर्श का आयोजन जम्मू-कश्मीर में संस्थानों और हितधारकों की बढ़ती राष्ट्रीय भागीदारी को दर्शाता है। यह महिला अधिकारों और न्याय तक पहुँच के लिए समावेशी संवाद और समन्वित शासन के महत्व को भी रेखांकित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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