ओडिशा ईंधन संकट: पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, बीजद ने BJP की 'डबल-इंजन' सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के पेट्रोल पंपों पर 15 मई 2026 को लंबी कतारें लगी रहीं, जिसके बीच विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र और राज्य की 'डबल-इंजन' सरकारों पर तीखा हमला बोला। बीजद का आरोप है कि कथित ईंधन संकट सरकार की दूरदर्शिता-रहित नीतियों का सीधा नतीजा है, जिसने आम नागरिकों को घंटों कतार में खड़े होने पर मजबूर कर दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
भुवनेश्वर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजद नेताओं ने BJP की 'डबल-इंजन सरकार' को 'कतार वाली सरकार' करार दिया। उन्होंने इस स्थिति की तुलना नोटबंदी के दौरान बैंकों के बाहर लगी कतारों से की और कहा कि इतिहास एक बार फिर खुद को दोहरा रहा है। बीजद ने राज्य के खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग को इस 'अघोषित आपदा' के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।
बीजद उपाध्यक्ष के गंभीर आरोप
बीजद उपाध्यक्ष संजय कुमार दास बर्मा ने आरोप लगाया कि जब आम लोग सड़कों पर कतारों में खड़े थे, तब खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री ने यह दावा किया कि पर्याप्त ईंधन स्टॉक उपलब्ध है और कोई समस्या नहीं है। दास बर्मा ने कहा, 'पूरा ओडिशा ईंधन संकट से जूझ रहा है, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय, राज्य सरकार झूठे प्रचार में लगी हुई है। समस्या को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, सरकार सचिवालय में बार-बार उच्च-स्तरीय बैठकें करने में व्यस्त है कि अपनी दूसरी वर्षगांठ कैसे मनाई जाए।'
दास बर्मा ने एक और विरोधाभास उजागर किया — खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव जहाँ ईंधन स्टॉक को 'प्रचुर मात्रा में उपलब्ध' बता रहे हैं, वहीं आपूर्ति मंत्री कह रहे हैं कि स्टॉक केवल 13 दिनों के लिए शेष है। बीजद के अनुसार यह अंतर्विरोध सरकारी तंत्र में समन्वय की घोर कमी को दर्शाता है।
₹3 प्रति लीटर मूल्य वृद्धि पर विपक्ष का हमला
बीजद प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने शुक्रवार को घोषित ₹3 प्रति लीटर की ईंधन मूल्य वृद्धि को 'जले पर नमक छिड़कने' जैसा बताया। मोहंती ने आरोप लगाया कि जब BJP विपक्ष में थी, तब उसने पेट्रोल-डीजल पर वैट में कटौती और इन्हें वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे में लाने की माँग की थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद वह अपने उन वादों को पूरा करने में नाकाम रही। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद अतीत में ईंधन की दरें नहीं घटाई गईं, जबकि ताज़ा बढ़ोतरी तेल कंपनियों के मुनाफे को सुरक्षित रखने के लिए की गई है।
कांग्रेस भी मैदान में
विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने भी ईंधन संकट और ₹3 प्रति लीटर की मूल्य वृद्धि को लेकर राज्य और केंद्र सरकारों पर निशाना साधा। इस प्रकार ओडिशा में दोनों प्रमुख विपक्षी दल एक साथ BJP सरकार को घेरते नज़र आ रहे हैं।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा में BJP सरकार अपनी दूसरी वर्षगांठ की तैयारियों में व्यस्त है। गौरतलब है कि ईंधन आपूर्ति की यह स्थिति और विपक्ष का दबाव राज्य सरकार के लिए राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण और आपूर्ति सुधार के उपायों की घोषणा अपेक्षित है।