ओडिशा ईंधन संकट: पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, बीजद ने BJP की 'डबल-इंजन' सरकार को घेरा

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ओडिशा ईंधन संकट: पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, बीजद ने BJP की 'डबल-इंजन' सरकार को घेरा

सारांश

ओडिशा में पेट्रोल पंपों पर घंटों की कतारें और ₹3 प्रति लीटर की मूल्य वृद्धि ने विपक्ष को BJP की 'डबल-इंजन' सरकार पर हमले का मौका दे दिया। बीजद ने मंत्री और सचिव के परस्पर विरोधी बयानों को उजागर करते हुए सरकारी अव्यवस्था का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

ओडिशा के पेट्रोल पंपों पर 15 मई 2026 को लंबी कतारें लगी रहीं, जिसे विपक्ष ने कथित ईंधन संकट का प्रमाण बताया।
बीजू जनता दल (बीजद) ने BJP की 'डबल-इंजन' सरकार को 'कतार वाली सरकार' करार देते हुए तीखी आलोचना की।
बीजद उपाध्यक्ष संजय कुमार दास बर्मा ने बताया कि खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव और मंत्री के बयानों में विरोधाभास है — सचिव स्टॉक 'प्रचुर' बता रहे हैं, जबकि मंत्री के अनुसार केवल 13 दिन का स्टॉक शेष है।
₹3 प्रति लीटर की ताज़ा ईंधन मूल्य वृद्धि को बीजद ने आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया।
कांग्रेस ने भी ईंधन संकट और मूल्य वृद्धि को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

ओडिशा के पेट्रोल पंपों पर 15 मई 2026 को लंबी कतारें लगी रहीं, जिसके बीच विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र और राज्य की 'डबल-इंजन' सरकारों पर तीखा हमला बोला। बीजद का आरोप है कि कथित ईंधन संकट सरकार की दूरदर्शिता-रहित नीतियों का सीधा नतीजा है, जिसने आम नागरिकों को घंटों कतार में खड़े होने पर मजबूर कर दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

भुवनेश्वर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजद नेताओं ने BJP की 'डबल-इंजन सरकार' को 'कतार वाली सरकार' करार दिया। उन्होंने इस स्थिति की तुलना नोटबंदी के दौरान बैंकों के बाहर लगी कतारों से की और कहा कि इतिहास एक बार फिर खुद को दोहरा रहा है। बीजद ने राज्य के खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग को इस 'अघोषित आपदा' के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।

बीजद उपाध्यक्ष के गंभीर आरोप

बीजद उपाध्यक्ष संजय कुमार दास बर्मा ने आरोप लगाया कि जब आम लोग सड़कों पर कतारों में खड़े थे, तब खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री ने यह दावा किया कि पर्याप्त ईंधन स्टॉक उपलब्ध है और कोई समस्या नहीं है। दास बर्मा ने कहा, 'पूरा ओडिशा ईंधन संकट से जूझ रहा है, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय, राज्य सरकार झूठे प्रचार में लगी हुई है। समस्या को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, सरकार सचिवालय में बार-बार उच्च-स्तरीय बैठकें करने में व्यस्त है कि अपनी दूसरी वर्षगांठ कैसे मनाई जाए।'

दास बर्मा ने एक और विरोधाभास उजागर किया — खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव जहाँ ईंधन स्टॉक को 'प्रचुर मात्रा में उपलब्ध' बता रहे हैं, वहीं आपूर्ति मंत्री कह रहे हैं कि स्टॉक केवल 13 दिनों के लिए शेष है। बीजद के अनुसार यह अंतर्विरोध सरकारी तंत्र में समन्वय की घोर कमी को दर्शाता है।

₹3 प्रति लीटर मूल्य वृद्धि पर विपक्ष का हमला

बीजद प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने शुक्रवार को घोषित ₹3 प्रति लीटर की ईंधन मूल्य वृद्धि को 'जले पर नमक छिड़कने' जैसा बताया। मोहंती ने आरोप लगाया कि जब BJP विपक्ष में थी, तब उसने पेट्रोल-डीजल पर वैट में कटौती और इन्हें वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे में लाने की माँग की थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद वह अपने उन वादों को पूरा करने में नाकाम रही। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद अतीत में ईंधन की दरें नहीं घटाई गईं, जबकि ताज़ा बढ़ोतरी तेल कंपनियों के मुनाफे को सुरक्षित रखने के लिए की गई है।

कांग्रेस भी मैदान में

विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने भी ईंधन संकट और ₹3 प्रति लीटर की मूल्य वृद्धि को लेकर राज्य और केंद्र सरकारों पर निशाना साधा। इस प्रकार ओडिशा में दोनों प्रमुख विपक्षी दल एक साथ BJP सरकार को घेरते नज़र आ रहे हैं।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा में BJP सरकार अपनी दूसरी वर्षगांठ की तैयारियों में व्यस्त है। गौरतलब है कि ईंधन आपूर्ति की यह स्थिति और विपक्ष का दबाव राज्य सरकार के लिए राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण और आपूर्ति सुधार के उपायों की घोषणा अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राज्य सरकार के भीतर समन्वय की विफलता का संकेत है — जब एक ही विभाग के सचिव और मंत्री परस्पर विरोधी बयान दें, तो जवाबदेही का सवाल अपने आप खड़ा हो जाता है। BJP ने विपक्ष में रहते हुए GST और वैट कटौती के जो वादे किए थे, सत्ता में आने के बाद उनसे पीछे हटना उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। ₹3 प्रति लीटर की मूल्य वृद्धि ऐसे समय में आई है जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें अपेक्षाकृत नियंत्रित हैं — इसका औचित्य सरकार को स्पष्ट करना होगा। यदि सरकार अपनी दूसरी वर्षगांठ से पहले इस संकट का ठोस समाधान नहीं निकालती, तो यह प्रशासनिक कमज़ोरी की एक स्थायी छाप छोड़ सकता है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें क्यों लग रही हैं?
बीजद के अनुसार, ओडिशा में कथित ईंधन संकट के कारण पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं, जिसे वे राज्य सरकार की दूरदर्शिता-रहित नीतियों का नतीजा बताते हैं। हालाँकि राज्य सरकार के मंत्री और विभागीय सचिव के बयान परस्पर विरोधी हैं — एक 'पर्याप्त स्टॉक' का दावा करता है तो दूसरा केवल 13 दिन का स्टॉक बचे होने की बात कहता है।
बीजद ने BJP सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
बीजद ने BJP की 'डबल-इंजन' सरकार को 'कतार वाली सरकार' कहते हुए आरोप लगाया कि ईंधन संकट के बावजूद सरकार समाधान की जगह प्रचार और वर्षगांठ समारोह की तैयारी में व्यस्त है। बीजद उपाध्यक्ष संजय कुमार दास बर्मा ने मंत्री और सचिव के बीच तालमेल की कमी को भी उजागर किया।
ओडिशा में ईंधन की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
15 मई 2026 को ओडिशा में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की गई। बीजद ने इसे आम जनता पर 'जले पर नमक छिड़कने' जैसा बताया, क्योंकि लोग पहले से ही ईंधन के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं।
बीजद ने BJP के GST और वैट वादों पर क्या कहा?
बीजद प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने कहा कि BJP ने विपक्ष में रहते हुए पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने और वैट घटाने की माँग की थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद वह इन वादों को पूरा करने में विफल रही। उन्होंने इसे BJP का 'दोहरा रवैया' बताया।
कांग्रेस ने ओडिशा ईंधन संकट पर क्या रुख अपनाया?
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भी ईंधन संकट और ₹3 प्रति लीटर की मूल्य वृद्धि को लेकर राज्य और केंद्र सरकार दोनों पर निशाना साधा। इस प्रकार ओडिशा के दोनों प्रमुख विपक्षी दल एकजुट होकर BJP सरकार को घेर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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