विदेश यात्रा पर टैक्स की खबर निराधार: PM मोदी ने एक्स पर किया स्पष्ट खंडन

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विदेश यात्रा पर टैक्स की खबर निराधार: PM मोदी ने एक्स पर किया स्पष्ट खंडन

सारांश

विदेश यात्रा पर टैक्स लगाने की मीडिया रिपोर्ट सामने आते ही PM मोदी ने एक्स पर सीधा खंडन किया — 'जरा भी सच्चाई नहीं।' यह प्रकरण अपुष्ट सूत्र-आधारित रिपोर्टिंग और सरकार की 'इज ऑफ लिविंग' प्रतिबद्धता के बीच टकराव को उजागर करता है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 15 मई 2025 को एक्स पर विदेश यात्रा टैक्स की खबर को 'पूरी तरह गलत' बताकर खारिज किया।
मीडिया रिपोर्ट में दावा था कि विदेश यात्रा पर अस्थायी सेस/टैक्स/सरचार्ज का प्रस्ताव उच्चतम स्तर पर विचाराधीन है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह कर राज्यों के साझा पूल से बाहर होता और युद्ध-जनित वित्तीय दबाव कम करने के लिए एक वर्ष के लिए लागू होता।
PM ने कहा — सरकार 'इज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'इज ऑफ लिविंग' के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वित्त मंत्रालय ने रिपोर्ट प्रकाशन से पूर्व मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 मई 2025 को एक मीडिया रिपोर्ट का सीधा खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि विदेश यात्रा पर किसी भी प्रकार का टैक्स, सेस या सरचार्ज लगाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने इस खबर को 'पूरी तरह से गलत' करार दिया और कहा कि इसमें 'जरा भी सच्चाई नहीं है।'

क्या थी मीडिया रिपोर्ट में

सूत्रों के हवाले से प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि केंद्र सरकार विदेशी यात्रा पर अस्थायी सेस, टैक्स या सरचार्ज लगाने के प्रस्ताव पर उच्चतम स्तर पर विचार कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम युद्ध से जुड़े वित्तीय दबाव तथा कच्चे तेल एवं आयात की बढ़ती लागत के असर को कम करने के उद्देश्य से उठाया जा सकता था।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि यह सेस या टैक्स राज्यों के साथ साझा किए जाने वाले पूल का हिस्सा नहीं होता, बल्कि सीधे केंद्र सरकार के खाते में जाता। इसे संभवतः एक वर्ष के लिए अस्थायी रूप से लागू किए जाने की बात कही गई थी। उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्रालय ने रिपोर्ट प्रकाशित होने से पहले मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया था।

PM मोदी की एक्स पर प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री मोदी ने उक्त मीडिया रिपोर्ट को एक्स पर कोट करते हुए लिखा, 'यह पूरी तरह से गलत है। इसमें जरा भी सच्चाई नहीं है। विदेश यात्रा पर इस तरह की पाबंदियां लगाने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता। हम अपने लोगों के लिए 'इज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'इज ऑफ लिविंग' को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।'

यह ऐसे समय में आया है जब सरकार पर राजकोषीय दबाव को लेकर अटकलें तेज हैं, और कोई भी नई कर-घोषणा संवेदनशील राजनीतिक प्रतिक्रिया को जन्म दे सकती है।

सरकार का रुख और 'इज ऑफ लिविंग' प्रतिबद्धता

प्रधानमंत्री के बयान में 'इज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'इज ऑफ लिविंग' का उल्लेख सरकार की उस व्यापक नीतिगत प्राथमिकता को रेखांकित करता है, जिसके तहत नागरिकों पर अतिरिक्त अनुपालन बोझ या यात्रा-संबंधी प्रतिबंध लगाने से परहेज किया जाता है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी अपुष्ट मीडिया रिपोर्ट को सरकार ने सर्वोच्च स्तर से सीधे खारिज किया हो।

आगे क्या

प्रधानमंत्री के स्पष्ट खंडन के बाद विदेश यात्रा पर टैक्स का प्रस्ताव अब निराधार सिद्ध हो चुका है। हालांकि, राजकोषीय संतुलन और युद्ध-जनित आर्थिक दबाव के मद्देनज़र विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार वैकल्पिक राजस्व उपायों पर विचार जारी रख सकती है — जिनका खुलासा संभवतः आगामी बजट प्रक्रिया में होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि वित्त मंत्रालय ने पहले कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। राजकोषीय दबाव वास्तविक है — कच्चे तेल की लागत और युद्ध-जनित आयात बोझ सरकार के लिए चुनौती बने हुए हैं। खंडन से दबाव खत्म नहीं होता; यह केवल इस विशेष उपाय को खारिज करता है। वैकल्पिक राजस्व रास्तों पर बहस अगले बजट तक जारी रहेगी।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भारत सरकार विदेश यात्रा पर टैक्स लगाने वाली है?
नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 मई 2025 को एक्स पर स्पष्ट किया कि विदेश यात्रा पर किसी भी प्रकार का टैक्स, सेस या सरचार्ज लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने इस खबर को 'पूरी तरह गलत' बताया।
विदेश यात्रा टैक्स की मीडिया रिपोर्ट में क्या दावा किया गया था?
सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया था कि केंद्र सरकार विदेश यात्रा पर अस्थायी सेस या सरचार्ज लगाने पर उच्चतम स्तर पर विचार कर रही है, जो युद्ध-जनित वित्तीय दबाव और कच्चे तेल की बढ़ती लागत को कम करने के लिए एक वर्ष तक लागू हो सकता था। यह कर राज्यों के साझा पूल से बाहर होता।
PM मोदी ने एक्स पर इस खबर के बारे में क्या लिखा?
मोदी ने मीडिया रिपोर्ट को कोट करते हुए लिखा कि यह 'पूरी तरह से गलत है' और 'इसमें जरा भी सच्चाई नहीं है।' उन्होंने यह भी कहा कि सरकार नागरिकों के लिए 'इज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'इज ऑफ लिविंग' बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
वित्त मंत्रालय ने इस मामले में क्या कहा?
वित्त मंत्रालय ने रिपोर्ट प्रकाशित होने से पहले मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया था। खंडन सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से एक्स पोस्ट के माध्यम से आया।
क्या भविष्य में विदेश यात्रा पर कोई नया कर लग सकता है?
प्रधानमंत्री के स्पष्ट खंडन के बाद फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि राजकोषीय दबाव को देखते हुए वैकल्पिक राजस्व उपायों पर चर्चा आगामी बजट प्रक्रिया में हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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