सोमालिया: बैदोआ में सैन्य अभियान में अल-शबाब के 50 लड़ाके मारे गए, हथियार और वाहन नष्ट
सारांश
मुख्य बातें
सोमालिया की राष्ट्रीय सेना (एसएनए) ने 15 मई 2026 को पुष्टि की कि साउथवेस्ट स्टेट के बैदोआ शहर के बाहरी इलाके में चलाए गए एक संयुक्त सैन्य अभियान में आतंकी संगठन अल-शबाब के 50 लड़ाके मारे गए और कई अन्य घायल हुए। रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह ऑपरेशन गुरुवार को अंजाम दिया गया और इसे हालिया महीनों की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक बताया जा रहा है।
अभियान का विवरण
सोमाली रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस ऑपरेशन में सेना ने मिलिटेंट के कई तकनीकी लड़ाकू वाहन, हथियारों के ठिकाने और अन्य सैन्य सामग्री नष्ट कर दी। अभियान संयुक्त स्वरूप का था, जिसमें जमीनी बलों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों का समर्थन भी शामिल बताया गया है।
राजनीतिक विवाद: पूर्व नेता पर आरोप
मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि साउथवेस्ट स्टेट के पूर्व नेता अब्दियाजीज हसन मोहम्मद के समर्थक हथियारबंद मिलिशिया कथित तौर पर सीधे तौर पर अल-शबाब के साथ मिले हुए थे। हालाँकि, मोहम्मद ने इन आरोपों से स्पष्ट इनकार किया है। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति या समूह राजनीतिक उद्देश्यों के लिए हथियारों या मिलिशिया का इस्तेमाल कर राष्ट्रीय सुरक्षा को कमज़ोर करने की कोशिश करेगा, उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पिछले अभियानों का संदर्भ
गौरतलब है कि पिछले महीने भी सोमाली सेना ने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों की मदद से देश के दक्षिणी इलाके में चलाए गए अभियान में अल-शबाब के 22 आतंकियों को मार गिराया था। 29 अप्रैल को रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि लोअर शबेले क्षेत्र के बुउलो कैबडाला इलाके में जमीनी कार्रवाई और हवाई हमलों के ज़रिए यह ऑपरेशन किया गया था, जिसमें स्थानीय लोगों में भय का पर्याय बन चुका कमांडर कैबडिरैक्समान जीरी भी मारा गया था।
अल-शबाब: पृष्ठभूमि और खतरा
अल-शबाब को 2011 में राजधानी मोगादिशु से बाहर खदेड़ दिया गया था, लेकिन इसके लड़ाके अब भी ग्रामीण इलाकों में सक्रिय हैं और घात लगाकर हमले करने तथा बारूदी सुरंगें बिछाने जैसी गतिविधियाँ जारी रखे हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सोमाली सरकार देश में स्थायी सुरक्षा स्थापित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर अभियानों को तेज़ कर रही है।
आगे की रणनीति
रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अल-शबाब को समाप्त कर देश में स्थिरता बनाए रखने की व्यापक रणनीति के तहत ऐसे अभियान आगे भी और तेज़ किए जाएंगे। मंत्रालय ने अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों का धन्यवाद करते हुए कहा कि शांति और स्थिरता के लिए चलाए जा रहे अभियानों में उनका निरंतर सहयोग अमूल्य है।