कुमारस्वामी की आलोचना पर डीके शिवकुमार का पलटवार: 'बिना हमें कोसे उनकी राजनीति नहीं चलती'
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी पर तीखा पलटवार किया। शिवकुमार ने कहा कि कुमारस्वामी की राजनीतिक जीवनरेखा ही कांग्रेस सरकार की आलोचना पर टिकी है — इसके बिना वे प्रासंगिक नहीं रह सकते।
मुख्य घटनाक्रम
शिवकुमार ने बेंगलुरु के सदाशिवनगर स्थित अपने आवास के निकट संवाददाताओं से कहा, 'अगर कुमारस्वामी हमारी आलोचना नहीं करेंगे, तो वे राजनीतिक रूप से टिक नहीं पाएंगे। हम अच्छा काम करते हैं और वे इसका विरोध करते हैं।' यह बयान उस समय आया जब कुमारस्वामी ने बिदादी टाउनशिप परियोजना के प्रस्ताव को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की थी।
बिदादी परियोजना विवाद
आधिकारिक रूप से ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप (GBIT) के नाम से जानी जाने वाली यह परियोजना बेंगलुरु के निकट एक नया 'काम-रहने-मनोरंजन' केंद्रित शहर विकसित करने की महत्वाकांक्षी शहरी पहल है। शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना कुमारस्वामी के अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में शुरू हुई थी।
शिवकुमार ने कुमारस्वामी से सीधा सवाल किया: 'क्या कुमारस्वामी स्वयं भूमि को विसूचित नहीं कर सकते थे? उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया? मैं इसे विसूचित करने को तैयार नहीं हूँ। वे जानते हैं कि विसूचित करने के क्या परिणाम होते हैं — येदियुरप्पा भी जानते हैं, और मैं भी।'
किसानों से मिलने का संकल्प
परियोजना से प्रभावित किसानों के विरोध की संभावना पर शिवकुमार ने दृढ़ता दिखाई। उन्होंने कहा, 'मैं तारीख और समय तय करके किसानों से व्यक्तिगत रूप से मिलूंगा। चाहे वे मुझे दो बार पीटें, मेरे कपड़े फाड़ दें, मुझ पर पत्थर फेंकें या मेरे खिलाफ नारे लगाएं — क्या हम इन सब से डर सकते हैं?' उन्होंने जोड़ा कि जो मायने रखता है वह है लोगों का भविष्य, उनके बच्चों का भविष्य और उनकी संपत्ति का भविष्य। उन्होंने दावा किया कि बिदादी और दक्षिण बेंगलुरु के लोग उन्हें 20 साल बाद भी याद रखेंगे।
महंगाई पर केंद्र सरकार को घेरा
शिवकुमार ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि महंगाई और बढ़ती कीमतें केंद्र सरकार की नीतिगत विफलताओं का नतीजा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अन्य देशों के साथ संबंध बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय संकटों को संभालने में नाकाम रही है, इसीलिए जनता को बिजली बचाने और पेट्रोल का उपयोग कम करने की सलाह दी जा रही है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और विपक्षी जनता दल (सेक्युलर)–भाजपा गठबंधन के बीच नीतिगत टकराव लगातार जारी है। कुमारस्वामी केंद्र में मंत्री होने के साथ-साथ राज्य की कांग्रेस सरकार के मुखर आलोचक भी रहे हैं। शिवकुमार का यह बयान इसी राजनीतिक तनाव की ताज़ा कड़ी है।