कर्नाटक विधानसभा में डीके शिवकुमार और मुनिरत्ना नायडू के बीच व्यक्तिगत टिप्पणियों की बहस

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कर्नाटक विधानसभा में डीके शिवकुमार और मुनिरत्ना नायडू के बीच व्यक्तिगत टिप्पणियों की बहस

सारांश

कर्नाटक विधानसभा में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और भाजपा विधायक मुनिरत्ना नायडू के बीच व्यक्तिगत टिप्पणियों ने गरमागरम बहस का कारण बना। अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा। जानें इस विवाद का पूरा मामला।

Key Takeaways

  • कर्नाटक विधानसभा में गरमागरम बहस हुई।
  • उपमुख्यमंत्री और भाजपा विधायक के बीच तीखी टिप्पणियां।
  • अध्यक्ष ने सदस्यों के आचरण की निंदा की।
  • मुनिरत्ना पर गंभीर आरोप हैं।
  • राजनीतिक संवाद की आवश्यकता है।

बेंगलुरु, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक विधानसभा में गुरुवार को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और भाजपा विधायक मुनिरत्ना नायडू के बीच व्यक्तिगत टिप्पणियों ने एक गरमागरम बहस को जन्म दिया, जिससे सदन में अव्यवस्था का माहौल बन गया। इसके परिणामस्वरूप, अध्यक्ष यूटी खादर को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने सदस्यों के व्यवहार की निंदा की।

बेंगलुरु के विकास के मुद्दे पर उठाए गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए शिवकुमार ने मुनिरत्ना की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई और कहा कि विधायक ने सदन में अपनी खुद की कहानी सुनाई। भूमि विकास से लाभ के आरोपों का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आया कि मुनिरत्ना क्या कहना चाहते थे।

शिवकुमार ने कहा, “मैं उन्हें 45 वर्षों से जानता हूं। वे मुझसे आए और अपनी समस्याएं साझा कीं। मुझे पता है कि उनकी कार में विधान सौधा स्थित उनके कार्यालय में और अन्य स्थानों पर क्या हुआ है। मैं इसे यहां नहीं उठाना चाहता, लेकिन सदन में इस पर चर्चा करने के लिए तैयार हूं।”

मुनिरत्ना ने तुरंत उठकर उपमुख्यमंत्री को उन घटनाओं के बारे में खुलकर बोलने की चुनौती दी। हालांकि, शिवकुमार ने उन्हें बैठने के लिए कहा और नाम लिए बिना स्पष्ट किया कि उन्होंने विपक्ष के नेता आर. अशोक को एड्स का इंजेक्शन लगाने की कोशिश करके नुकसान पहुंचाने का कोई प्रयास नहीं किया है, और इस संबंध में पहले से ही शिकायत और एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।

यह उल्लेखनीय है कि मुनिरत्ना पर पहले भी यौन उत्पीड़न और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप लग चुके हैं। उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों को एड्स का वायरस देकर समाप्त करने का प्रयास किया, जिसे उन्होंने नकारा है।

विपक्ष के नेता आर. अशोक ने हस्तक्षेप करते हुए शिवकुमार से व्यक्तिगत हमले न करने की अपील की। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि आप दोनों के बीच क्या हुआ है। यहां कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी है। इन मुद्दों का समाधान तुरंत नहीं हो सकता। इन दोनों को अलग से बुलाना चाहिए और उनके लिए विशेष सत्र आयोजित किया जाना चाहिए।”

बाद में, मुनिरत्ना ने अशोक से संपर्क किया और कहा कि वे अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देंगे। अध्यक्ष यूटी खादर ने भी मुनिरत्ना को अपनी सीट पर बैठने का निर्देश दिया।

Point of View

यह स्पष्ट है कि कर्नाटक विधानसभा में राजनीतिक बहस ने एक गंभीर मोड़ लिया है। व्यक्तिगत हमलों से मुद्दों की चर्चा प्रभावित हो रही है, जो लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा के लिए चिंता का विषय है। हमें सक्रिय और रचनात्मक संवाद की आवश्यकता है।
NationPress
27/03/2026

Frequently Asked Questions

कर्नाटक विधानसभा में क्या हुआ?
कर्नाटक विधानसभा में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और भाजपा विधायक मुनिरत्ना नायडू के बीच तीखी व्यक्तिगत टिप्पणियों के कारण गरमागरम बहस हुई।
अध्यक्ष ने क्या कदम उठाया?
अध्यक्ष यूटी खादर ने सदस्यों के आचरण की निंदा की और हस्तक्षेप किया।
मुनिरत्नना पर क्या आरोप हैं?
मुनिरत्ना पर यौन उत्पीड़न और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप लगे हैं।
शिवकुमार का मुनिरत्ना को लेकर क्या कहना था?
शिवकुमार ने मुनिरत्ना की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई और कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि मुनिरत्ना क्या कहना चाहते थे।
क्या इस विवाद का कोई समाधान होगा?
विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा कि इन मुद्दों पर अलग से चर्चा की जानी चाहिए।
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