गिरिडीह के घने जंगल में हाईटेक साइबर ठगी का 'कंट्रोल रूम' ध्वस्त, 6 अपराधी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के गिरिडीह जिले में साइबर अपराधियों ने पुलिस की पकड़ से बचने के लिए घने जंगलों को अपना ऑपरेशन बेस बना लिया था। गिरिडीह पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. बिमल कुमार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने 13 मई 2026 को बेंगाबाद थाना क्षेत्र के चरनबारी और कोठाहरिया जंगल में संचालित एक हाईटेक 'जंगल कंट्रोल रूम' का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में 6 शातिर साइबर अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
कौन हैं गिरफ्तार अपराधी
पुलिस ने जिन छह अपराधियों को हिरासत में लिया है, उनकी पहचान महेंद्र कुमार मंडल, कृष्णा कुमार मंडल, ईश्वर मंडल, पंकज कुमार मंडल, रंजीत कुमार मंडल और आदित्य कुमार मंडल के रूप में हुई है। एसपी डॉ. बिमल कुमार के अनुसार, इनमें से कई हिस्ट्रीशीटर हैं जो दिल्ली और गिरिडीह के विभिन्न थानों से पहले भी जेल जा चुके हैं। जेल से रिहाई के बाद इन्होंने एक बार फिर गिरोह बनाया और इस बार ठिकाने के रूप में जंगल को चुना।
ठगी की शातिर कार्यप्रणाली
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह आबादी वाले इलाकों से दूर घने जंगलों में इसलिए बैठकर काम करता था ताकि पुलिस की आवाजाही पर दूर से नज़र रखी जा सके और नेटवर्क सिग्नल का उपयोग कर बिना किसी शोर-शराबे के ठगी को अंजाम दिया जा सके। ये अपराधी लोगों के मोबाइल पर फर्जी एपीके फाइल का लिंक भेजते थे। जैसे ही कोई अनजान व्यक्ति उस लिंक को खोलता, जंगल में बैठे इन ठगों के पास उस व्यक्ति के मोबाइल का पूरा एक्सेस पहुँच जाता था।
मोबाइल का नियंत्रण मिलते ही ये अपराधी हैक किए गए फोन के जरिए बैंक खातों से चंद मिनटों में रकम साफ कर देते थे। इस तरह देशभर के निर्दोष लोगों की मेहनत की कमाई लूटी जा रही थी।
बरामदगी और जाँच
पुलिस ने मौके से 11 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड और 5 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। बाइकों का उपयोग जंगल तक पहुँचने और ठगी के उपकरणों को छिपाने में किया जाता था। पुलिस अब गिरफ्तार अपराधियों के बैंक खातों और अन्य संपत्तियों की भी गहन जाँच कर रही है।
आम जनता पर असर और सावधानी
यह मामला इस बात की ओर ध्यान दिलाता है कि साइबर अपराधी अब शहरों से निकलकर दुर्गम जंगलों में भी अपने नेटवर्क फैला रहे हैं, जिससे उनका पता लगाना और भी कठिन हो जाता है। गौरतलब है कि झारखंड का जामताड़ा पहले से ही साइबर अपराध का केंद्र माना जाता रहा है, और अब गिरिडीह जैसे जिलों में भी इस तरह के गिरोह सक्रिय हो रहे हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। आगे की जाँच जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।