झालावाड़ में साइबर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा, तीन लोग गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- भवानीमंडी पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया।
- तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
- गिरोह के पास से कई एटीएम कार्ड और नकदी बरामद हुई।
- साइबर ठगों ने म्यूल बैंक खातों का उपयोग किया।
- पुलिस की कार्रवाई सराहनीय है।
जयपुर, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के झालावाड़ जिले की भवानीमंडी पुलिस ने एक बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक प्रभावी सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के माध्यम से देशभर में ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह के तीन प्रमुख आरोपियों को पकड़ा है। तलाशी के दौरान अपराधियों के पास से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, चेकबुक और नकदी बरामद की गई है, जो इस बात का संकेत है कि यह गिरोह कितनी बड़ी मात्रा में सक्रिय था।
जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि ये आरोपी लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे या लाखों रुपये का लालच देकर लोगों के बैंक खाते खरीद लेते थे। साइबर ठग इन खातों का उपयोग 'म्यूल अकाउंट' के रूप में करते थे।
अपराधियों द्वारा साइबर ठगी की राशि को कानूनी एजेंसियों की नजरों से बचाने के लिए इन खातों में पैसे का ट्रांसफर किया जाता था और फिर विभिन्न शहरों से एटीएम के माध्यम से इसे निकाला जाता था। गिरफ्तार आरोपियों के खातों का संबंध देश के कई राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों से पाया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ललित राणा, अजय विश्वकर्मा और राजेश कुमार के रूप में हुई है। ये तीनों भवानीमंडी क्षेत्र के निवासी हैं, जिनके पास से 53 एटीएम कार्ड (विभिन्न बैंकों के), 35 चेक बुक, 6 बैंक पासबुक, 9 मोबाइल सिम, 1 लैपटॉप (जो साइबर धोखाधड़ी के लिए उपयोग किया जा रहा था) और 1,54,800 रुपये नगद जब्त किए गए हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है और गिरोह के बारे में अधिक जानकारी हासिल कर रही है।