जम्मू-कश्मीर के बडगाम में १०० दिवसीय 'नशा मुक्त अभियान' की अनूठी शुरुआत

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जम्मू-कश्मीर के बडगाम में १०० दिवसीय 'नशा मुक्त अभियान' की अनूठी शुरुआत

सारांश

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बडगाम में १०० दिवसीय 'नशा मुक्त अभियान' का शुभारंभ किया। यह पहल नशामुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Key Takeaways

  • नशा मुक्त अभियान का शुभारंभ बडगाम में हुआ।
  • उपायुक्त ने अभियान की व्यापकता पर जोर दिया।
  • समाज के सभी वर्गों को शामिल किया गया है।
  • कार्यक्रम में पौधारोपण अभियान भी शामिल है।
  • आगे बढ़ने के लिए सामुदायिक सहयोग आवश्यक है।

बडगाम, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा आरंभ किए गए केंद्र शासित प्रदेश-व्यापी १०० दिवसीय गहन 'नशा मुक्त अभियान' का औपचारिक शुभारंभ शनिवार को बडगाम जिला प्रशासन द्वारा किया गया।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य नशे की बढ़ती समस्या को जड़ से समाप्त करके एक स्वस्थ और नशामुक्त समाज का निर्माण करना है।

जिले में इस अभियान का उद्घाटन उपायुक्त अथर आमिर खान और एसएसपी हरिप्रसाद केके ने संयुक्त रूप से ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर बडगाम में किया। इस कार्यक्रम का आयोजन समाज कल्याण विभाग, जिला सूचना केंद्र, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के सहयोग से किया गया।

उद्घाटन समारोह में उपायुक्त अथर आमिर खान ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए एकजुट और निरंतर प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें रोकथाम, सख्त कानून प्रवर्तन, उपचार और पुनर्वास जैसे सभी पहलुओं को शामिल किया गया है।

उन्होंने कहा कि नशे की लत समाज के ताने-बाने के लिए गंभीर खतरा है, जिसका सबसे ज्यादा प्रभाव युवाओं पर पड़ता है। उपायुक्त ने अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और समुदाय के नेताओं से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने प्रारंभिक हस्तक्षेप, नियमित काउंसलिंग और सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया, ताकि प्रभावित व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाया जा सके।

प्रशासन की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान के तहत जागरूकता फैलाने के साथ-साथ नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। जहां एक ओर कानून प्रवर्तन एजेंसियों को ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत कर बेहतर नशामुक्ति सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

कार्यक्रम के पश्चात उपायुक्त ने ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं, उपचार प्रणाली और पुनर्वास सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्टाफ से बातचीत करते हुए मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, पेशेवर काउंसलिंग और निरंतर फॉलो-अप की आवश्यकता पर जोर दिया।

एसएसपी हरिप्रसाद केके ने भी अपने संबोधन में पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है और समाज की भागीदारी इस लड़ाई में बेहद अहम है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे नशा कारोबारियों की पहचान कर पुलिस का सहयोग करें।

इसके बाद उपायुक्त और एसएसपी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल बडगाम में पौधारोपण अभियान का नेतृत्व किया। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण, बल्कि एक स्वस्थ और नशामुक्त भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। छात्रों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया और उन्हें समाज में बदलाव के दूत बनने के लिए प्रेरित किया।

इस १०० दिवसीय गहन अभियान की शुरुआत बडगाम में नशे के खिलाफ एक संगठित और मिशन मोड प्रयास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो जिले के लोगों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगा।

कार्यक्रम में एडीसी बडगाम, संयुक्त निदेशक योजना, मुख्य शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, एसीडी, बीडीओ बडगाम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Point of View

जिसमें विभिन्न विभागों का सहयोग शामिल है। यह पहल युवाओं के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने का प्रयास करती है।
NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

नशा मुक्त अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नशे की समस्या को खत्म करके एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना है।
इस अभियान का शुभारंभ कब हुआ?
यह अभियान ११ अप्रैल को बडगाम में शुरू किया गया।
इस अभियान में कौन-कौन से विभाग शामिल हैं?
इसमें समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, और पुलिस विभाग शामिल हैं।
उपायुक्त का इस अभियान के बारे में क्या कहना है?
उपायुक्त ने कहा कि निरंतर प्रयास और जागरूकता आवश्यक है।
इस अभियान का प्रभाव किस पर पड़ता है?
यह अभियान विशेष रूप से युवाओं पर सकारात्मक प्रभाव डालने का प्रयास करता है।
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