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तमिलनाडु के सीएम स्टालिन का वित्त मंत्री सीतारमण पर तीखा जवाब, कृषि नीति विवाद में खड़ा किया नया मोड़

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तमिलनाडु के सीएम स्टालिन का वित्त मंत्री सीतारमण पर तीखा जवाब, कृषि नीति विवाद में खड़ा किया नया मोड़

सारांश

तमिलनाडु के सीएम स्टालिन ने केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण के कृषि प्रोत्साहनों पर बयान का खंडन किया, यह मुद्दा चुनावी राजनीति में उलझ गया है। जानें क्या है इस विवाद का असली कारण।

मुख्य बातें

सीएम स्टालिन ने निर्मला सीतारमण के बयान का खंडन किया।
कृषि प्रोत्साहनों की समीक्षा का अनुरोध किया गया है।
यह विवाद चुनावी राजनीति में उलझा हुआ है।
केंद्र और राज्य सरकार के बीच तनाव बढ़ा है।
कृषि नीतियों पर राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का महत्व है।

चेन्नई, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान का खंडन करते हुए कहा कि कृषि प्रोत्साहनों पर उनकी टिप्पणी पूरी तरह से केंद्र के आधिकारिक पत्र पर आधारित थी।

मुख्यमंत्री स्टालिन ने सोशल मीडिया पर वित्त मंत्री को संबोधित करते हुए कहा, "आपके मंत्रालय द्वारा तमिलनाडु के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि धान पर दिए जाने वाले अतिरिक्त प्रोत्साहन के कारण बंपर उत्पादन हुआ है, इसलिए राज्य सरकार को प्रोत्साहन बंद करने पर विचार करना चाहिए। मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा है जो उस पत्र में मौजूद नहीं है। हालांकि आपने अपने ट्वीट में कहा है कि धान किसानों को एमएसपी से अधिक बोनस देना राज्य सरकारों का अधिकार है, लेकिन हमें भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से हमसे राज्य सरकार की मौजूदा बोनस नीति की समीक्षा करने का अनुरोध किया गया है। यदि आपका दावा सही है, तो क्या आप वह पत्र सार्वजनिक करेंगी?"

यह खंडन उस समय आया जब सीतारमण ने कहा कि उन्होंने तमिलनाडु सहित सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कृषि प्रोत्साहन नीतियों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप बनाने का आग्रह किया है। उन्होंने दालों, तिलहन और धान की खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सीतारमण ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक प्रोत्साहन या बोनस देना राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में है और केंद्र ने इस अधिकार को कम नहीं किया है।

हालांकि, सीतारमण ने स्टालिन पर आरोप लगाया कि वे इस मुद्दे को राजनीतिक विवाद में बदलकर चुनावी लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।

सीतारमण ने डीएमके की आलोचना करते हुए कहा कि जब देश समाधान की तलाश में है, तब पार्टी अनावश्यक विवाद पैदा कर रही है। यह बयानबाजी विधानसभा चुनावों से पहले डीएमके के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार और केंद्र के बीच राजनीतिक तनाव को बढ़ा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश के कृषि नीति और केंद्र-राज्य संबंधों को भी चुनौती देता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम स्टालिन ने किस बात का खंडन किया?
सीएम स्टालिन ने वित्त मंत्री सीतारमण के कृषि प्रोत्साहनों पर बयान का खंडन किया है।
सीतारमण ने क्या कहा?
सीतारमण ने सभी राज्यों को कृषि प्रोत्साहन नीतियों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप बनाने का आग्रह किया है।
क्या यह राजनीतिक विवाद चुनावी लाभ के लिए है?
सीतारमण ने आरोप लगाया है कि स्टालिन इस मुद्दे को चुनावी लाभ के लिए राजनीतिक विवाद में बदल रहे हैं।
कृषि प्रोत्साहन का क्या महत्व है?
कृषि प्रोत्साहन किसानों की आय में सुधार करने और खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
तमिलनाडु में यह विवाद क्यों महत्वपूर्ण है?
यह विवाद तमिलनाडु में राजनीतिक तनाव को बढ़ा रहा है और यह केंद्र-राज्य संबंधों को भी प्रभावित कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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