सीएम स्टालिन ने पलानीस्वामी को घेरा, बेबुनियाद आरोपों की निंदा की
सारांश
Key Takeaways
- सीएम स्टालिन ने पलानीस्वामी पर बेबुनियाद आरोप लगाने का आरोप लगाया।
- डीएमके की कूपन योजना लोगों में लोकप्रिय हो रही है।
- सरकारी कर्मचारी एआईएडीएमके का समर्थन नहीं करेंगे।
- पलानीस्वामी की टिप्पणी करुणानिधि पर भ्रामक है।
- कामराज और जानकी रामचंद्रन के स्मारकों के आरोप गलत हैं।
विरुधुनगर, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु में चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने रविवार को विरुधुनगर के पास चथिरारेड्डियापट्टी में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) के उम्मीदवारों का परिचय कराया और विपक्ष के नेता पलानीस्वामी पर कड़ी आलोचना की।
सभा में सीएम स्टालिन ने गठबंधन की एकजुटता और मजबूती पर जोर दिया और विश्वास व्यक्त किया कि इस क्षेत्र में उनकी बड़ी जीत होगी। उन्होंने विशेष रूप से तिरुचुली सीट का उल्लेख करते हुए कहा कि डीएमके उम्मीदवार और राज्य मंत्री थंगम थेनारासु के खिलाफ विपक्षी उम्मीदवार चुनाव लड़ने से हिचकिचा रहे हैं, जो मंत्री के मजबूत जनाधार का संकेत है।
सीएम स्टालिन ने डीएमडीके उम्मीदवार विजय प्रभाकरन को 'भाई' कहकर संबोधित किया, जिससे चुनावी मुकाबले में एक नया राजनीतिक संकेत उभरा। उन्होंने एआईएडीएमके और उसके नेतृत्व की तीखी आलोचना की।
मुख्यमंत्री ने पलानीस्वामी पर आरोप लगाया कि वे अपनी उपलब्धियों का बखान करने के बजाय निराधार आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीएमके सरकार की योजनाएं, विशेषकर गृहिणियों के लिए लागू की गई कूपन योजना, जनता के बीच काफी पसंद की जा रही है। इस योजना से लोग अपनी जरूरत के अनुसार सामान खरीद पा रहे हैं।
उन्होंने कहा, "जनता इस योजना से संतुष्ट है, लेकिन पलानीस्वामी शायद इसलिए नाराज हैं क्योंकि इसमें किसी भी प्रकार के कमीशन की संभावना नहीं है।"
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकारी कर्मचारी आगामी चुनाव में एआईएडीएमके का समर्थन नहीं करेंगे, क्योंकि उनका विश्वास डीएमके सरकार में है। उन्होंने पलानीस्वामी द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि पर की गई टिप्पणियों को भ्रामक और अपमानजनक बताया।
सीएम स्टालिन ने यह स्पष्ट किया कि चेन्नई के मरीना बीच पर के. कामराज और जानकी रामचंद्रन जैसे नेताओं के स्मारकों को जगह न देने के आरोप गलत हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कामराज के निधन पर करुणानिधि ने 'एक बेटे की तरह' अंतिम सम्मान दिया था, जो डीएमके की परंपरा को दर्शाता है।