टीवीके नेता आधव अर्जुन ने स्टालिन पर परिवारवाद के आरोप लगाए, डीएमके के नेतृत्व को घेरा

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टीवीके नेता आधव अर्जुन ने स्टालिन पर परिवारवाद के आरोप लगाए, डीएमके के नेतृत्व को घेरा

सारांश

आधव अर्जुन ने डीएमके नेता एम.के. स्टालिन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में परिवारवाद बढ़ रहा है। उन्होंने कनिमोझी जैसे वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार करने का आरोप लगाया और पार्टी में असंतोष की स्थिति का जिक्र किया।

Key Takeaways

  • आधव अर्जुन ने डीएमके पर परिवारवाद का आरोप लगाया।
  • कनिमोझी जैसे नेताओं को दरकिनार किया गया है।
  • महत्वपूर्ण निर्णय एक छोटे सर्कल द्वारा लिए जा रहे हैं।
  • टीवीके ने सभी 234 सीटों पर उम्मीदवारों को खड़ा किया है।
  • आंतरिक असंतोष ने राजनीतिक गठबंधन को कमजोर किया है।

चेन्नई, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिलगा वेत्त्री कजगम (टीवीके) के चुनाव अभियान के महासचिव आधव अर्जुन ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले, डीएमके नेतृत्व अपने परिवार के हितों को वरिष्ठ पार्टी नेताओं और गठबंधन सहयोगियों पर प्राथमिकता दे रहा है।

अर्जुन ने यह भी कहा कि स्टालिन ने अपनी बहन और वर्तमान सांसद कनिमोझी करुणानिधि को दरकिनार कर दिया है। मुख्यमंत्री अपने पुत्र, उदयनिधि स्टालिन, को राजनीतिक जिम्मेदारियों के लिए तैयार कर रहे हैं, जिससे पार्टी में परिवार का प्रभाव बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, "वरिष्ठ नेता जिन्होंने पार्टी में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जैसे कि कनिमोझी और महासचिव दुरैमुर्गन, उन्हें अलग कर दिया जा रहा है।" इसके साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि महत्वपूर्ण फैसले अब एक करीबी अंदरूनी सर्कल द्वारा लिए जा रहे हैं।

अर्जुन ने डीएमके के उम्मीदवार चयन प्रक्रिया की भी आलोचना की, यह दावा करते हुए कि नामांकन मुख्य रूप से उन लोगों तक सीमित हैं जिनका समर्थन उदयनिधि स्टालिन और सबरीसन करते हैं। उनके अनुसार, इससे पार्टी में असंतोष पैदा हुआ है और गठबंधन सहयोगियों में अनिश्चितता बढ़ गई है।

मुख्य सहयोगी, जैसे कांग्रेस, अभी भी कई सीटों पर उम्मीदवारों का फैसला नहीं कर पाए हैं, जिससे इस गठबंधन में आंतरिक गतिशीलता का असर जमीन पर समन्वय पर पड़ रहा है।

बिहार के राजनीतिक हालात का हवाला देते हुए, उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली पार्टियां समय के साथ अपने सहयोगियों को कमजोर कर देती हैं। उन्होंने छोटे दलों, जैसे एमडीएमके, को डीएमके के प्रतीक के तहत चुनाव लड़ने का उदाहरण दिया और कहा कि ऐसे समझौते उनके स्वतंत्र राजनीतिक पहचान को कमजोर कर देते हैं।

गठबंधन विकल्पों की आलोचना करते हुए, अर्जुन ने डीएमके-संचालित मोर्चे में डीएमडीके के शामिल होने की निंदा की और कहा कि यह इसके संस्थापक, दिवंगत विजयकांत की वैचारिक विरासत के विपरीत है। ऐसे राजनीतिक गठबंधन पार्टी के मूल दृष्टिकोण को कमजोर कर सकते हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छोटे सहयोगियों और नेताओं पर उम्मीदवार चयन और चुनाव रणनीतियों में दबाव डाला जा रहा है।

टीवीके की संभावनाओं पर विश्वास जताते हुए अर्जुन ने कहा कि पार्टी ने सभी 234 निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार खड़े किए हैं और दावा किया कि एआईएडीएमके के पारंपरिक वोट बैंक का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा टीवीके की ओर शिफ्ट हो गया है।

Point of View

बल्कि पार्टी के अंदर असंतोष को भी उजागर करता है। इस पर गहराई से विचार करने की आवश्यकता है।
NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

आधव अर्जुन ने स्टालिन पर क्या आरोप लगाए?
आधव अर्जुन ने स्टालिन पर परिवारवाद का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी में वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है।
डीएमके में असंतोष का कारण क्या है?
डीएमके में असंतोष का कारण है कि महत्वपूर्ण निर्णय एक छोटे समूह द्वारा लिए जा रहे हैं, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।
क्या कांग्रेस ने अभी तक उम्मीदवारों का चयन किया है?
नहीं, कांग्रेस कई सीटों पर उम्मीदवारों का चयन नहीं कर पाई है, जिससे गठबंधन में अनिश्चितता बढ़ गई है।
टीवीके ने कितने निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार खड़े किए हैं?
टीवीके ने सभी 234 निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार खड़े किए हैं।
परिवारवाद के आरोपों का राजनीतिक प्रभाव क्या होगा?
परिवारवाद के आरोपों का राजनीतिक प्रभाव पार्टी की विश्वसनीयता को कमजोर कर सकता है और आगामी चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
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