ईरानी शासन को समाप्त करने की दिशा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई तेज: नेतन्याहू
सारांश
Key Takeaways
- नेतन्याहू ने ईरान पर हमले तेज करने का ऐलान किया है।
- ईरानी वायुसेना ठिकानों और परिवहन साधनों को निशाना बनाया गया है।
- यह कार्रवाई ईरानी शासन को कमजोर करने के लिए की जा रही है।
- इजरायल ने सभी मोर्चों पर हमले जारी रखने की योजना बनाई है।
- रक्षा मंत्री के साथ इन कार्रवाइयों को मंजूरी दी गई है।
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर चल रही कार्रवाई का संदर्भ देते हुए कहा कि ईरानी शासन को कुचलने के लिए अभियान को और तेज़ी और शक्ति के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली पायलटों ने ईरानी वायुसेना के ठिकानों, हेलीकॉप्टरों और परिवहन विमानों पर हमले किए हैं। इसके अलावा, उन रेल पटरियों और पुलों को भी निशाना बनाया गया है, जिनका उपयोग रिवोल्यूशनरी गार्ड्स हथियारों और सैनिकों के आवागमन के लिए करते थे।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर यह भी कहा, "मैं हमेशा कहता हूं कि हम ईरानी शासन को कुचल रहे हैं। हम इसे और भी अधिक ताकत और उत्साह के साथ कर रहे हैं।"
उन्होंने बताया कि एक दिन पहले इजरायली पायलटों ने एक ईरानी वायुसेना अड्डे पर ट्रांसपोर्ट विमानों और कई हेलीकॉप्टरों को नष्ट कर दिया। मंगलवार को रेल पटरियों और पुलों पर हमले किए गए, जिनका इस्तेमाल रिवोल्यूशनरी गार्ड्स करते हैं। ये हथियारों के लिए कच्चा माल और उन लड़ाकों को लाने-ले जाने में सहायक होते हैं, जो हम पर, अमेरिका पर और इस क्षेत्र के अन्य देशों पर हमले करते थे।
नेतन्याहू ने बताया कि इन कार्रवाइयों को मैंने रक्षा मंत्री के साथ मिलकर मंजूरी दी है। ये कार्रवाई ईरानी लोगों के खिलाफ नहीं है, बल्कि उनका उद्देश्य उस शासन को कमजोर करना है, जो 47 वर्षों से उन पर अत्याचार कर रहा है।
उन्होंने कहा, "अब यह वह ईरान नहीं रहा और न ही यह वह इजरायल है। हम सत्ता के संतुलन को एक सिरे से दूसरे सिरे तक बदलने में लगे हैं।"
एक दिन पहले सोमवार को नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल सभी मोर्चों पर पूरी ताकत से ईरान पर हमला जारी रखेगा, जब तक कि खतरा समाप्त नहीं हो जाता और युद्ध के लक्ष्य पूरे नहीं होते। उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के खुफिया प्रमुख माजिद खादेमी और कुद्स फोर्स की यूनिट 840 के कमांडर असगर बाघेरी के मारे जाने की भी सराहना की।
उन्होंने उन लोगों को गंभीर परिणामों की चेतावनी दी जो इजरायल के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं या 'ईरानी दुष्ट धुरी' का निर्माण करते हैं।