कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश के लिए 24,815 करोड़ रुपए के दो प्रमुख रेलवे प्रोजेक्ट्स को दी स्वीकृति
सारांश
Key Takeaways
- कैबिनेट ने 24,815 करोड़ रुपए के रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी।
- प्रोजेक्ट्स से 601 किलोमीटर रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा।
- धार्मिक और पर्यटन स्थलों की पहुंच में सुधार होगा।
- नए स्टेशन और बायपास बनाए जाएंगे।
- आर्थिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश के लिए 24,815 करोड़ रुपए की लागत वाले दो महत्वपूर्ण रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है।
इन प्रोजेक्ट्स के जरिए दोनों राज्यों के 15 जिलों में रेलवे नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा, जिससे भारतीय रेलवे का नेटवर्क लगभग 601 किलोमीटर तक बढ़ेगा। इसमें गाजियाबाद-सीतापुर के बीच तीसरी और चौथी लाइन (403 किमी) और राजमुंद्री (निदादवोलू)–विशाखापत्तनम (दुव्वाडा) के बीच तीसरी और चौथी लाइन (198 किमी) शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इन प्रोजेक्ट्स से देश के कई प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच में सरलता आएगी। इनमें दूधेश्वरनाथ मंदिर, गढ़मुक्तेश्वर गंगा घाट, अमरोहा की दरगाह शाह विलायत जामा मस्जिद, नैमिषारण्य (सीतापुर), अन्नवरम, अंतरवेदी और द्राक्षारामम जैसे स्थान शामिल हैं।
ये रेल मार्ग आवश्यक सामानों की ढुलाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, जैसे कि कोयला, अनाज, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद (पीओएल), लोहा-इस्पात, कंटेनर, उर्वरक, चीनी, रसायन और चूना पत्थर।
गाजियाबाद-सीतापुर रूट पहले से ही डबल लाइन है और यह दिल्ली-गुवाहाटी हाई डेंसिटी नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस रूट पर 14,926 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा, जिससे उत्तर और पूर्वी भारत के बीच कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी।
यह प्रोजेक्ट गाजियाबाद (मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा), मुरादाबाद (पीतल और हस्तशिल्प), बरेली (फर्नीचर, टेक्सटाइल), शाहजहांपुर (कालीन और सीमेंट) और रोजा (थर्मल पावर प्लांट) जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से होकर गुजरेगा।
भीड़भाड़ को कम करने के लिए इस प्रोजेक्ट में हापुड़, सिम्भावली, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर और सीतापुर जैसे स्टेशनों को बायपास किया जाएगा। इसके लिए छह नए स्टेशन भी बनाए जाएंगे।
वहीं, राजमुंद्री-विशाखापत्तनम रूट हावड़ा-चेन्नई हाई डेंसिटी नेटवर्क का हिस्सा है। इस पर 9,889 करोड़ रुपए का खर्च आएगा और यह ईस्ट कोस्ट रेल कॉरिडोर का एक प्रमुख माल ढुलाई मार्ग है।
यह प्रोजेक्ट आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी, कोनसीमा, काकीनाडा, अनाकापल्ले और विशाखापत्तनम जिलों से होकर गुजरेगा। साथ ही, यह अन्नवरम, अंतरवेदी और द्राक्षारामम जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच को और सरल बनाएगा।
सरकार का मानना है कि इन रेलवे परियोजनाओं से न केवल माल ढुलाई और कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा।