खड़गे ने पीएम मोदी के संबोधन पर कड़ा हमला, आचार संहिता का उल्लंघन बताया
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नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन पर कड़ा विरोध व्यक्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक संबोधन को एक राजनीतिक भाषण में बदल दिया, जिसमें झूठ और नकारात्मकता का समावेश था।
खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "एक हताश और निराश पीएम मोदी, जिनके पास पिछले 12 वर्षों में कोई ठोस उपलब्धि नहीं है, ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन को राजनीतिक भाषण में बदल दिया। आचार संहिता पहले से लागू है, फिर भी उन्होंने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर अपने विरोधियों पर हमला किया। यह हमारे लोकतंत्र और भारत के संविधान का घोर अपमान है।"
खड़गे ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस का जिक्र 59 बार किया, जबकि महिलाओं का नाम बमुश्किल कुछ बार लिया। इससे उनकी प्राथमिकताएं स्पष्ट होती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं भाजपा की प्राथमिकता नहीं हैं; केवल कांग्रेस ही महिलाओं के साथ खड़ी है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है। 2010 में राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पास करवाया गया था ताकि वह विफल न हो। लेकिन भाजपा उस बिल को लोकसभा में पास नहीं करा पाई। 2023 में लाए गए बिल का भी कांग्रेस ने समर्थन किया। खड़गे ने कहा कि असली बिल अभी भी मौजूद है और 16 अप्रैल को नोटिफाई किया गया था।
खड़गे ने सरकार से मांग की कि 2023 के कानून के तहत मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तुरंत लागू करें। परिसीमन बिलों को महिला आरक्षण बिल के साथ जोड़ना बंद करें। यह परिसीमन बिल था, महिला आरक्षण का संशोधन नहीं।
खड़गे ने कांग्रेस की उपलब्धियों का भी जिक्र किया, जैसे कि हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, अंतरिक्ष कार्यक्रम, परमाणु शक्ति, 1991 की आर्थिक उदारीकरण, आरटीआई, आरटीई, मनरेगा और खाद्य सुरक्षा अधिनियम जैसे कई ऐतिहासिक कानून पास किए गए। उन्होंने महिला-हितैषी कानूनों का भी उल्लेख किया।
खड़गे ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी अपने कार्यों और रवैये दोनों में महिला-विरोधी रही है। उन्होंने हाथरस, उन्नाव, हरियाणा की महिला पहलवानों और अन्य मामलों का जिक्र किया। एनसीआरबी आंकड़ों के अनुसार, भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराध सबसे अधिक होते हैं।
अंत में खड़गे ने कहा कि 12.5 साल सत्ता में रहने के बाद भी सरकार के पास महंगाई, बिगड़ती अर्थव्यवस्था और जनता की समस्याओं का कोई समाधान नहीं है।