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महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन, लेकिन प्रस्तुति पर आपत्ति: मल्लिकार्जुन खड़गे

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महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन, लेकिन प्रस्तुति पर आपत्ति: मल्लिकार्जुन खड़गे

सारांश

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने महिला आरक्षण विधेयक पर समर्थन जताते हुए सरकार की प्रस्तुति को संदिग्ध बताया। उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी दल एकजुट होकर इसका विरोध करेंगे।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन, लेकिन प्रस्तुति पर आपत्ति।
सभी विपक्षी दलों का एकजुटता से विरोध।
मोदी सरकार पर राजनीतिक लाभ के आरोप।
महिलाओं के लिए प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने की आवश्यकता।
परिसीमन प्रक्रिया में बदलाव का विरोध।

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को कहा कि हम सभी महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करते हैं, लेकिन जिस तरीके से इसे प्रस्तुत किया जा रहा है, उस पर हमें आपत्ति है और हम इसका विरोध व्यक्त करेंगे।

दिल्ली में विपक्षी दलों के नेताओं की एक बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए खड़गे ने कहा कि हम सभी इस विधेयक के पक्ष में हैं। हालाँकि, इसे जिस प्रकार से पेश किया गया है, वह संदेहास्पद है और हमें इस पर गंभीर आपत्ति है। यह राजनीतिक दृष्टिकोन से प्रेरित प्रतीत होता है। केंद्र की मोदी सरकार विपक्षी दलों को निशाना बनाने और दबाने के लिए यह सब कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि हम लगातार महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करते रहे हैं और पहले पारित संशोधन के आधार पर इसे लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया है। परिसीमन के मुद्दे पर सरकार कुछ चालें चल रही है। इसीलिए सभी विपक्षी दल एकजुट होकर संसद में इसका विरोध करेंगे।

खड़गे ने स्पष्ट किया कि हम महिला आरक्षण विधेयक के खिलाफ नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि इस संशोधन को राजनीतिक हथियार के रूप में उपयोग करने के बजाए इसे लागू किया जाए। साथ ही, सरकार परिसीमन पर चालबाजी कर रही है। सभी विपक्षी सदस्य इस मुद्दे पर एकजुट हैं और हमने मिलकर इस विधेयक का विरोध करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने यह भी कहा कि हम सरकार के उस प्रयास का विरोध कर रहे हैं, जिसमें इसे एक अस्पष्ट जनगणना और भविष्य की परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। कार्यपालिका उन शक्तियों का दुरुपयोग कर रही है, जो संस्थाओं और संसद के पास रहनी चाहिए, जिससे उन्हें राजनीतिक लाभ के लिए परिसीमन में बदलाव करने का अवसर मिल रहा है। हम पहले ही असम और जम्मू-कश्मीर में इस तरह की हेराफेरी देख चुके हैं। इसलिए हम इस मुद्दे पर एकजुट होकर लड़े रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनकी चिंता इस विधेयक की प्रस्तुति के तरीके को लेकर है। यह मुद्दा राजनीतिक दृष्टिकोन से महत्वपूर्ण है और सभी विपक्षी दलों का एकजुटता दर्शाता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करना है।
मल्लिकार्जुन खड़गे का इस विधेयक पर क्या कहना है?
उन्होंने इस विधेयक का समर्थन करते हुए इसके प्रस्तुति के तरीके पर आपत्ति जताई है।
विपक्षी दलों का इस विधेयक पर क्या रुख है?
सभी विपक्षी दल एकजुट होकर इस विधेयक का विरोध करने का निर्णय लिया है।
सरकार के खिलाफ खड़गे ने क्या आरोप लगाए हैं?
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक लाभ के लिए परिसीमन में बदलाव कर रही है।
महिला आरक्षण विधेयक का महत्व क्या है?
यह विधेयक महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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