महिलाओं का राजनीतिक अधिकार: एनडीए की प्राथमिकता पर दिलीप जायसवाल की स्पष्टता
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पटना, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा नेता दिलीप जायसवाल ने महिला आरक्षण विधेयक पर समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और एनडीए का यह प्रमुख विषय रहा है कि हम महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी प्रदान करें। देश की आधी आबादी का सशक्तीकरण एनडीए की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए पीएम मोदी का मैं आभार व्यक्त करता हूं। उनकी मजबूत इच्छाशक्ति से हमारी आधी जनसंख्या, अर्थात् महिलाएं, अब सामाजिक और राजनीतिक हिस्सेदारी प्राप्त करने जा रही हैं। कांग्रेस पार्टी का महिला आरक्षण के प्रति हमेशा विरोध रहा है। आजादी से लेकर 60-65 वर्षों तक कांग्रेस का शासन रहा, लेकिन उन्होंने कभी भी महिलाओं के सशक्तीकरण और अधिकार देने की चिंता नहीं की।
दिलीप जायसवाल ने कहा कि परिसीमन के बहाने कांग्रेस महिला आरक्षण अधिनियम को रोकने का प्रयास कर रही है। देश की महिलाएं कांग्रेस के व्यवहार को ध्यान से देख रही हैं। अगर कांग्रेस पार्टी ने विरोध किया, तो महिलाएं इसे कभी नहीं भूलेंगी।
विपक्ष द्वारा परिसीमन को लेकर उठाए गए सवालों पर उन्होंने कहा कि परिसीमन एक संवैधानिक प्रक्रिया है। विपक्ष द्वारा इस विषय पर जो भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं, भाजपा सभी के विकास की पक्षधर है, इसलिए सभी को इसका हिस्सा देने की चिंता एनडीए सरकार कर रही है।
यूसीसी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जिन राज्यों को लगता है कि यूसीसी की आवश्यकता है, वे इसे लागू कर सकते हैं।
राजद के दो प्रवक्ताओं पर एफआईआर दर्ज होने के संबंध में दिलीप जायसवाल ने कहा कि लोगों को भड़काना और उकसाना कानून के दायरे में आता है। अगर नोएडा में इस तरह की कोई साजिश हुई है, तो कानून अपना कार्य करेगा। सरकार उद्योग और श्रमिकों के कल्याण की जिम्मेदारी लेती है। अगर उन्हें कोई परेशानी है, तो सरकार इसे देख रही है, लेकिन भड़काने और भ्रामक बातें फैलाना कानून के अंतर्गत आता है।