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महिला आरक्षण और परिसीमन पर गौरव गोगोई का महत्वपूर्ण बयान

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महिला आरक्षण और परिसीमन पर गौरव गोगोई का महत्वपूर्ण बयान

सारांश

महिला आरक्षण को परिसीमन से न जोड़ने की अपील करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में तीखी बहस में भाग लिया। जानें इस मुद्दे पर उनके विचार और सरकार के जवाब।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण को परिसीमन से नहीं जोड़ने की अपील।
कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण के लिए हमेशा से समर्थन में रही है।
केसी वेणुगोपाल का विधेयक का विरोध।
अमित शाह ने विपक्ष को दी चुनौती।
गौरव गोगोई का स्पष्ट दृष्टिकोण।

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में परिसीमन और महिला आरक्षण से संबंधित विधेयकों पर चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से नहीं जोड़ना चाहिए।

गोगोई ने यह भी उल्लेख किया कि कानून मंत्री की टिप्पणियों से ऐसा प्रतीत होता था जैसे सदन में पहली बार महिला आरक्षण पर चर्चा हो रही हो। उन्होंने बताया कि तीन वर्ष पूर्व गृह मंत्री ने भी इसी तरह के बयान दिए थे, जिनमें काफी समानताएँ थीं।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण के पक्ष में रही है, लेकिन अब उनकी मांग है कि इसे सरल बनाया जाए ताकि यह बिल पारित होते ही लागू हो सके। उन्होंने कहा कि इसे परिसीमन के साथ जोड़ना उचित नहीं है।

इसके अलावा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने भी संविधान (131वां संशोधन) विधेयक का विरोध किया और इसे गैरकानूनी तथा असंवैधानिक करार दिया। वेणुगोपाल ने बताया कि वर्ष 2023 में उनकी पार्टी ने 2024 के आम चुनाव से महिला आरक्षण लागू करने का समर्थन किया था, लेकिन सरकार ने उनकी मांग को नजरअंदाज कर दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि अब सरकार महिला आरक्षण के मुद्दे का उपयोग एक 'खतरनाक परिसीमन प्रक्रिया' को लागू करने के लिए कर रही है, जिससे पूरे देश में राजनीतिक सीमाओं को अपने अनुसार परिवर्तित किया जा सके, जैसा कि जम्मू-कश्मीर और असम में किया गया।

वेणुगोपाल ने कहा कि यह विधेयक भारत के संघीय ढांचे पर सीधा हमला है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।

इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि केसी वेणुगोपाल इस चरण में विधेयक के गुण-दोष पर प्रश्न नहीं उठा सकते, केवल तकनीकी आपत्तियाँ ही दर्ज कर सकते हैं। अमित शाह ने यह भी कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान विपक्ष को 'करारा जवाब' देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह महिला सशक्तिकरण के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण क्या है?
महिला आरक्षण का मतलब है कि महिला उम्मीदवारों के लिए विशेष सीटें निर्धारित करना ताकि राजनीतिक प्रतिनिधित्व में सुधार हो सके।
क्या परिसीमन और महिला आरक्षण एक साथ लागू हो सकते हैं?
गौरव गोगोई का मानना है कि इन दोनों को एक साथ जोड़ना उचित नहीं है, क्योंकि इससे महिला आरक्षण का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है।
क्यों है महिला आरक्षण का समर्थन?
महिला आरक्षण का समर्थन इसलिए किया जाता है ताकि महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ सके और उनके अधिकारों की रक्षा हो सके।
केसी वेणुगोपाल ने क्या कहा?
केसी वेणुगोपाल ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक का विरोध करते हुए इसे असंवैधानिक बताया।
अमित शाह का इस पर क्या कहना था?
अमित शाह ने कहा कि विपक्ष इस मामले पर केवल तकनीकी आपत्तियाँ दर्ज कर सकते हैं, गुण-दोष पर नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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