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परिसीमन और महिला आरक्षण का कोई संबंध नहीं, BJP फैला रही भ्रम: पृथ्वीराज चव्हाण

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परिसीमन और महिला आरक्षण का कोई संबंध नहीं, BJP फैला रही भ्रम: पृथ्वीराज चव्हाण

सारांश

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने BJP पर सीधा हमला बोला — परिसीमन और महिला आरक्षण को जोड़ना 'सरासर धोखाधड़ी' है। उन्होंने सवाल उठाया कि मौजूदा 543 सीटों में ही एक-तिहाई महिलाओं को क्यों नहीं दी जातीं, और RSS पर भी निशाना साधा।

मुख्य बातें

पृथ्वीराज चव्हाण ने 25 अगस्त को मुंबई में कहा कि परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण का 'दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं'।
महिला आरक्षण की मूल परिकल्पना राजीव गांधी की थी; पी.वी.
नरसिम्हा राव ने स्थानीय निकायों में 33% आरक्षण लागू किया था।
चव्हाण के मुख्यमंत्री कार्यकाल में महाराष्ट्र के स्थानीय निकायों में यह आरक्षण बढ़ाकर 50% किया गया था।
2023 के महिला आरक्षण विधेयक को कांग्रेस ने समर्थन दिया था; चव्हाण ने माँग की कि 543 लोकसभा सीटों में ही एक-तिहाई महिलाओं को आरक्षित किया जाए।
चव्हाण ने RSS पर सवाल उठाया — संगठन ने आज तक कोई महिला 'सरसंघचालक' नहीं बनाई।
NSA अजीत डोभाल के चीन दौरे के बाद अरुणाचल प्रदेश की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की माँग की।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने 25 अगस्त को मुंबई में स्पष्ट किया कि परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण के बीच कोई संबंध नहीं है, और दोनों को जोड़ने की कोशिश 'सरासर धोखाधड़ी' है। कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच महिला आरक्षण पर जारी जुबानी जंग के बीच चव्हाण ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा हमला बोला।

महिला आरक्षण पर कांग्रेस का रुख

चव्हाण ने कहा कि महिला आरक्षण की मूल परिकल्पना राजीव गांधी की थी। उनके निधन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव ने स्थानीय निकायों में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया। जब चव्हाण स्वयं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने स्थानीय निकायों में यह आरक्षण बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस के सत्ता काल में लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का विधेयक एक सदन में पारित हुआ था, हालांकि दूसरे सदन में यह पारित नहीं हो सका। 2023 में जब BJP सरकार महिला आरक्षण विधेयक लाई, तब कांग्रेस ने उसका पूरे जोर-शोर से समर्थन किया था।

परिसीमन से जोड़ना 'धोखाधड़ी'

चव्हाण ने तर्क दिया कि 2023 के महिला आरक्षण विधेयक में स्वयं यह शर्त लिखी गई थी कि जनगणना और परिसीमन के बाद ही आरक्षण लागू होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण के प्रति गंभीर है तो आगामी उत्तर प्रदेश और पंजाब विधानसभा चुनावों में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का प्रावधान अध्यादेश के ज़रिए क्यों नहीं किया जाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे किसी अध्यादेश का कांग्रेस समर्थन करेगी।

चव्हाण ने यह भी पूछा कि मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में ही एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने में क्या बाधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन के नाम पर सरकार दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर संविधान में बदलाव करने की कोशिश कर रही है, जिसका कांग्रेस विरोध करेगी।

संघ और फडणवीस पर सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं, लेकिन उस संगठन ने आज तक किसी महिला को 'सरसंघचालक' नहीं बनाया। उन्होंने फडणवीस से आग्रह किया कि वे महाराष्ट्र में महिलाओं की सुरक्षा और उनकी स्थिति पर ध्यान दें।

चव्हाण ने व्यक्तिगत रूप से लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 850 किए जाने का विरोध किया। उनका कहना था कि वर्तमान में 543 सांसदों को भी सदन में बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता।

डोभाल के चीन दौरे पर प्रतिक्रिया

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के चीन दौरे पर चव्हाण ने कहा कि भारत-चीन सीमा विवाद अभी भी अनसुलझा है। अनुच्छेद 370 हटाए जाने और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद विवादित सीमा क्षेत्र को लेकर नए नक्शे सामने आए थे। उन्होंने माँग की कि डोभाल चीन से लौटने के बाद अरुणाचल प्रदेश की वास्तविक स्थिति के बारे में देश को जानकारी दें।

महंगाई और मंत्रिमंडल पर टिप्पणी

चव्हाण ने आरोप लगाया कि सरकार के पास योग्य मंत्रियों की कमी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ऐसा होना चाहिए जो छात्रों से संवाद कर उनका विश्वास जीत सके, और युवाओं को अधिक अवसर दिए जाने की ज़रूरत है। चीनी और प्याज के बढ़ते दामों पर उन्होंने कहा कि इथेनॉल उत्पादन के कारण चीनी की कीमतें बढ़ी हैं और मौजूदा सरकार के रहते महंगाई से राहत मिलना मुश्किल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो मौजूदा 543 सीटों में आरक्षण क्यों नहीं — यह प्रश्न सरकार के पास अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पृथ्वीराज चव्हाण ने परिसीमन और महिला आरक्षण पर क्या कहा?
चव्हाण ने स्पष्ट किया कि परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण का कोई संबंध नहीं है और दोनों को जोड़ना 'सरासर धोखाधड़ी' है। उन्होंने कहा कि BJP इस मुद्दे पर केवल भ्रम फैला रही है।
महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस का ऐतिहासिक रुख क्या रहा है?
चव्हाण के अनुसार महिला आरक्षण की मूल परिकल्पना राजीव गांधी की थी और पी.वी. नरसिम्हा राव ने स्थानीय निकायों में 33% आरक्षण लागू किया था। कांग्रेस ने 2023 के महिला आरक्षण विधेयक का भी पूरा समर्थन किया था।
चव्हाण ने मौजूदा 543 सीटों में महिला आरक्षण की माँग क्यों उठाई?
उनका तर्क है कि परिसीमन का इंतज़ार किए बिना मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में ही एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अध्यादेश लाए तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी।
चव्हाण ने RSS और फडणवीस पर क्या आरोप लगाए?
चव्हाण ने कहा कि RSS ने आज तक कोई महिला 'सरसंघचालक' नहीं बनाई, इसलिए उस पृष्ठभूमि से आने वाले फडणवीस का महिला सशक्तिकरण पर बोलना विरोधाभासी है। उन्होंने फडणवीस से महाराष्ट्र में महिला सुरक्षा पर ध्यान देने को कहा।
NSA डोभाल के चीन दौरे पर चव्हाण की क्या माँग है?
चव्हाण ने माँग की कि अजीत डोभाल चीन से लौटने के बाद अरुणाचल प्रदेश की वास्तविक सीमा स्थिति के बारे में देश को जानकारी दें। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने के बाद सामने आए विवादित नक्शों का भी उल्लेख किया।
राष्ट्र प्रेस
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