भारत बना अर्जेंटीना का पाँचवाँ सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार, जनवरी-जुलाई 2026 में 4.335 मिलियन डॉलर का व्यापार
सारांश
मुख्य बातें
भारत और अर्जेंटीना के बीच द्विपक्षीय व्यापार ने 2026 के पहले सात महीनों में नई ऊँचाई छुई है। भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कॉसिनो द्वारा साझा आँकड़ों के अनुसार, जनवरी से जुलाई 2026 के बीच दोनों देशों के बीच व्यापार 4.335 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹41 करोड़ 27 लाख) तक पहुँच गया, जिससे भारत अर्जेंटीना का पाँचवाँ सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है। यह उपलब्धि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है।
राजदूत का बयान और व्यापार के आँकड़े
राजदूत मारियानो कॉसिनो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'अर्जेंटीना हाल के सालों के व्यापार को जारी रखते हुए भारत के साथ अपने व्यापारिक संबंध को मजबूत कर रहा है। 2026 के पहले सात महीनों के दौरान भारत हमारे देश का पाँचवाँ सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया, जो जनवरी-जुलाई 2026 के बीच 4.335 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया।' गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 6 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का है, जो इस द्विपक्षीय संबंध की गहराई को दर्शाता है।
पूरक अर्थव्यवस्थाएँ और रणनीतिक साझेदारी
नई दिल्ली में जनरल जोस डी सैन मार्टिन को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर राजदूत कॉसिनो ने कहा था, 'दोनों देशों के बीच संबंध बहुत अच्छे हैं। अर्जेंटीना और भारत छह अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के व्यापारिक संबंध का आनंद ले रहे हैं। दोनों अर्थव्यवस्थाएँ एक-दूसरे की पूरक हैं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत-अर्जेंटीना के बीच द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने के बाद दोनों देश अलग-अलग लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
मर्कोसुर और अधिमान्य व्यापार समझौते की संभावना
राजदूत कॉसिनो ने बताया कि अर्जेंटीना, मर्कोसुर का संस्थापक सदस्य है — जो अर्जेंटीना, ब्राज़ील, पराग्वे और उरुग्वे के बीच एक आर्थिक व्यापार ब्लॉक है। उन्होंने कहा, 'भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए सदस्यों के बीच आमतौर पर अच्छी सहमति है, ताकि वर्तमान अधिमान्य व्यापार समझौते (पीटीए) का विस्तार किया जा सके।' उन्होंने स्वीकार किया कि यह समझौता अभी कुछ उत्पादों तक ही सीमित है, परन्तु इसके विस्तार को लेकर वे आशावादी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक स्तर पर अपने व्यापारिक साझेदारों का दायरा बढ़ाने में सक्रिय है।
आगे की राह
दोनों देशों के बीच व्यापार की यह रफ़्तार संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय संबंध और गहरे हो सकते हैं। मर्कोसुर-भारत पीटीए के विस्तार पर बातचीत यदि आगे बढ़ती है, तो यह न केवल भारत-अर्जेंटीना, बल्कि पूरे दक्षिण अमेरिकी क्षेत्र के साथ भारत के व्यापारिक समीकरण को नया आयाम दे सकती है।