26 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

उरुग्वे में भारत खोलेगा दूतावास, 75 साल के राजनयिक रिश्ते नए मोड़ पर: राजदूत अमरिला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
उरुग्वे में भारत खोलेगा दूतावास, 75 साल के राजनयिक रिश्ते नए मोड़ पर: राजदूत अमरिला

सारांश

75 साल के राजनयिक रिश्तों के बाद भारत उरुग्वे में पहली बार दूतावास खोलने जा रहा है। राजदूत अमरिला ने विदेश मंत्री जयशंकर के उद्घाटन में शामिल होने की उम्मीद जताई और 2030 तक भारत-दक्षिण अमेरिका व्यापार को $100 अरब तक ले जाने का लक्ष्य रखा।

मुख्य बातें

भारत जल्द ही उरुग्वे में अपना दूतावास खोलेगा; उद्घाटन में विदेश मंत्री डॉ.
जयशंकर के शामिल होने की उम्मीद।
दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो चुके हैं।
भारत और दक्षिण अमेरिका के बीच मौजूदा व्यापार लगभग $50 अरब ; 2030 तक $100 अरब का लक्ष्य।
राष्ट्रपति यामांडू ओरसी और PM मोदी पिछले वर्ष ब्राजील में मिले थे; दोनों देशों में राष्ट्राध्यक्ष दौरों की उम्मीद।
उरुग्वे ने अमेरिका-ईरान तनाव पर शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया।

भारत जल्द ही उरुग्वे में अपना दूतावास खोलने जा रहा है — यह जानकारी नई दिल्ली में उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो एंटोनियो गुआनी अमरिला ने दी। 26 अगस्त को ओरिएंटल रिपब्लिक ऑफ उरुग्वे के राष्ट्रीय दिवस समारोह के बाद राजदूत अमरिला ने कहा कि दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो चुके हैं और अब यह साझेदारी एक निर्णायक मोड़ पर है।

दूतावास उद्घाटन और जयशंकर की भूमिका

राजदूत अमरिला ने बताया कि नए दूतावास के उद्घाटन समारोह में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, "हम पहले ही अपने दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्तों के 75 साल पूरे होने का जश्न मना चुके हैं। साथ ही, हम एक अहम मोड़ पर हैं, क्योंकि भारत उरुग्वे में एक दूतावास खोलने जा रहा है — हमें इससे बहुत उम्मीदें हैं।"

इस समारोह में विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह कार्यक्रम दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक जुड़ाव का प्रतीक माना जा रहा है।

मोदी-ओरसी मुलाकात और राष्ट्राध्यक्षों के दौरों की उम्मीद

राजदूत अमरिला ने बताया कि उरुग्वे के राष्ट्रपति यामांडू ओरसी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले वर्ष ब्राजील में मिले थे और दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भरे संबंध हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति ओरसी को भारत आने और प्रधानमंत्री मोदी को उरुग्वे जाने का अवसर मिलेगा।

भारत-दक्षिण अमेरिका व्यापार: 2030 तक $100 अरब का लक्ष्य

व्यापारिक संबंधों पर राजदूत अमरिला ने कहा कि फिलहाल भारत और दक्षिण अमेरिका के बीच व्यापार लगभग $50 अरब का है और उन्हें उम्मीद है कि 2030 तक यह $100 अरब तक पहुँच जाएगा। उन्होंने कहा, "हमें भरोसा है कि हमारे इलाकों के बीच जबरदस्त तालमेल है और सहयोग के कई मौके हैं। मेरा मानना है कि यह तो बस शुरुआत है।"

गौरतलब है कि यह लक्ष्य ऐसे समय में रखा गया है जब भारत वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ अपनी कूटनीतिक और आर्थिक उपस्थिति लगातार मजबूत कर रहा है।

वैश्विक शांति और ऊर्जा संक्रमण पर उरुग्वे का रुख

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव पर राजदूत अमरिला ने कहा, "भारत की तरह, उरुग्वे भी शांति को महत्व देने वाला देश है। हम देशों के बीच झगड़ों का समर्थन नहीं करते। हमारा मानना है कि मतभेदों को बातचीत और शांतिपूर्ण तरीकों से सुलझाया जाना चाहिए।"

नवीकरणीय ऊर्जा पर उन्होंने कहा कि तेल अभी भी एक जरूरी ऊर्जा संसाधन है, लेकिन नवीकरणीय स्रोतों में निवेश बढ़ाना जरूरी है ताकि संघर्षों की वजह बनने वाले संसाधनों पर निर्भरता घटाई जा सके।

दोनों देशों के बीच यह कूटनीतिक सक्रियता आने वाले वर्षों में भारत-लैटिन अमेरिका संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि लैटिन अमेरिका के साथ $100 अरब व्यापार लक्ष्य के लिए केवल राजनयिक उपस्थिति पर्याप्त है या नहीं। भारत और दक्षिण अमेरिका के बीच व्यापार लंबे समय से क्षमता से कम रहा है, और इसकी बड़ी वजह संस्थागत ढाँचे की कमी रही है। दूतावास इस खाई को पाटने की शुरुआत हो सकता है, लेकिन असली परीक्षा व्यापार समझौतों, निवेश प्रोत्साहनों और लोगों के बीच जुड़ाव में होगी। राजनयिक गर्मजोशी को आर्थिक नतीजों में बदलने का काम अभी बाकी है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उरुग्वे में भारत का दूतावास कब खुलेगा?
उद्घाटन की सटीक तारीख की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो एंटोनियो गुआनी अमरिला ने बताया कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने की उम्मीद है।
भारत और उरुग्वे के राजनयिक संबंध कितने पुराने हैं?
भारत और उरुग्वे के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो चुके हैं। राजदूत अमरिला ने इसे एक ऐतिहासिक पड़ाव बताते हुए कहा कि अब ये संबंध एक नए और अहम मोड़ पर हैं।
भारत और दक्षिण अमेरिका के बीच व्यापार का लक्ष्य क्या है?
फिलहाल भारत और दक्षिण अमेरिका के बीच व्यापार लगभग $50 अरब का है। राजदूत अमरिला ने उम्मीद जताई कि 2030 तक यह आँकड़ा लगभग $100 अरब तक पहुँच जाएगा।
PM मोदी और उरुग्वे के राष्ट्रपति ओरसी की मुलाकात कब हुई थी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उरुग्वे के राष्ट्रपति यामांडू ओरसी पिछले वर्ष ब्राजील में मिले थे। राजदूत अमरिला ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति ओरसी भारत आएँगे और प्रधानमंत्री मोदी को भी उरुग्वे जाने का अवसर मिलेगा।
अमेरिका-ईरान तनाव पर उरुग्वे का क्या रुख है?
उरुग्वे ने स्पष्ट किया कि वह शांति को प्राथमिकता देने वाला देश है और देशों के बीच झगड़ों का समर्थन नहीं करता। राजदूत अमरिला ने कहा कि मतभेदों को बातचीत और शांतिपूर्ण तरीकों से सुलझाया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले