उरुग्वे के राजदूत ने की PM मोदी के 'वसुधैव कुटुंबकम्' विजन की तारीफ, बोले — दुनिया को बेहतर भविष्य की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
भारत में उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो एंटोनियो गुआनी अमारिला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक स्थापित वैश्विक नेता बताते हुए कहा कि उनके 'वसुधैव कुटुंबकम्' के विजन ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि समूची मानवता एक परिवार है। बेंगलुरु में 10 जून को दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में अमारिला ने कहा कि मोदी ने वैश्विक चुनौतियों के समाधान और शांति की स्थापना के प्रति जो प्रतिबद्धता दिखाई है, वह उन्हें अन्य नेताओं से अलग करती है।
मोदी का वैश्विक नेतृत्व और 'वसुधैव कुटुंबकम्'
अमारिला ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखने का विचार आगे बढ़ाया है। उन्होंने लगातार वैश्विक चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया है और शांति के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दिखाई है। मेरा मानना है कि वह एक वैश्विक नेता के रूप में स्थापित हो चुके हैं और दुनिया भर के लोगों को उम्मीद है कि उनका योगदान सभी के लिए बेहतर भविष्य बनाने में सहायक होगा।"
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व मंच पर भारत की स्थिति को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ किया है और विकासशील देशों के हितों की प्रभावी ढंग से वकालत की है।
भारत-दक्षिण अमेरिका सहयोग: ₹50 अरब डॉलर से ₹100 अरब डॉलर का लक्ष्य
अमारिला ने प्रधानमंत्री मोदी की ब्राजील और अर्जेंटीना यात्राओं को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन दौरों ने दक्षिण अमेरिका और भारत के बीच सहयोग को नई ऊर्जा दी है।
उन्होंने कहा, "वर्तमान में भारत और दक्षिण अमेरिका के बीच लगभग 50 अरब डॉलर का व्यापार है, जिसे 2030 तक करीब 100 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। दोनों क्षेत्रों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं और यह तो केवल शुरुआत है।"
गौरतलब है कि यह वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक दक्षिण (Global South) के साथ अपने आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है।
भारत-उरुग्वे द्विपक्षीय संबंध: 75 वर्ष और नया दूतावास
द्विपक्षीय संबंधों के मोर्चे पर अमारिला ने बताया कि दोनों देशों ने हाल ही में राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया है। इससे भी बड़ी खबर यह है कि भारत उरुग्वे में अपना दूतावास खोलने जा रहा है, जिसे दोनों देशों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक पड़ाव माना जा रहा है।
अमारिला ने कहा, "हम बेहद आशावान हैं क्योंकि भारत उरुग्वे में अपना दूतावास खोलने जा रहा है। विशेष रूप से विदेश मंत्री एस. जयशंकर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने की संभावना है।"
नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंध और आगामी यात्राओं की उम्मीद
राजदूत ने यह भी बताया कि उरुग्वे के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मोदी की पिछले वर्ष ब्राजील में मुलाकात हो चुकी है। भविष्य में उरुग्वे के राष्ट्रपति की भारत यात्रा और प्रधानमंत्री मोदी की उरुग्वे यात्रा की संभावना को लेकर भी सकारात्मक उम्मीदें जताई गई हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत लैटिन अमेरिका में अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को व्यापक बना रहा है और उरुग्वे जैसे देशों के साथ संस्थागत संवाद को गहरा कर रहा है। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय आदान-प्रदान की संभावनाएं इस साझेदारी को नई दिशा दे सकती हैं।