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सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग उद्घाटन: रुबियो और राजदूत गोर ने कहा — भारत-अमेरिका साझेदारी और मज़बूत होगी

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सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग उद्घाटन: रुबियो और राजदूत गोर ने कहा — भारत-अमेरिका साझेदारी और मज़बूत होगी

सारांश

अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो की पहली भारत यात्रा में नई दिल्ली दूतावास की 'सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग' का उद्घाटन हुआ, PM मोदी को व्हाइट हाउस का न्योता मिला और भारतीय कंपनियों के $20 अरब निवेश का ज़िक्र हुआ — संकेत है कि दोनों देशों के बीच कई बड़ी घोषणाएं क़रीब हैं।

मुख्य बातें

अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने 24 मई 2025 को नई दिल्ली में अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा के दौरान 'सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग' का उद्घाटन किया।
इमारत में दूतावास के प्रबंधन और कांसुलर विभाग संचालित होंगे; यह नई दिल्ली में अमेरिकी कांसुलर क्षमता का विस्तार है।
रुबियो ने राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से PM मोदी को व्हाइट हाउस आने का आमंत्रण दिया।
भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में $20 अरब से अधिक निवेश किया है — रुबियो ने इसे साझेदारी की गहराई का प्रमाण बताया।
'अमेरिका फर्स्ट' वीज़ा शेड्यूलिंग टूल लॉन्च किया जाएगा, जो व्यापारिक पेशेवरों को प्राथमिकता देगा।

अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने 24 मई 2025 को नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास परिसर में नई 'सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग' का संयुक्त रूप से लोकार्पण किया। राजदूत गोर ने इस अवसर पर कहा कि यह आधुनिक केंद्र दोनों देशों के नागरिकों को अधिक प्रभावी सेवाएं देने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है और भारत-अमेरिका की दीर्घकालिक साझेदारी को नई मज़बूती प्रदान करता है।

नई इमारत में क्या होगा

राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि नई सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग में नई दिल्ली दूतावास के प्रबंधन और कांसुलर विभाग संचालित होंगे। उन्होंने कहा, 'यह आधुनिक केंद्र अमेरिकी और भारतीय नागरिकों की अधिक प्रभावी ढंग से सेवा करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही, यह अमेरिका-भारत साझेदारी की स्थायी मज़बूती को भी संबल प्रदान करती है।'

रुबियो की पहली भारत यात्रा और PM मोदी से मुलाकात

विदेश सचिव मार्को रुबियो शनिवार को अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, रुबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की जानकारी दी। इस दौरान रुबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को जल्द ही व्हाइट हाउस आने का आमंत्रण भी दिया।

रुबियो ने इमारत के उद्घाटन से पूर्व कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच व्यक्तिगत संबंध भी दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊर्जा दे रहे हैं। उन्होंने कहा, 'दोनों नेताओं के बीच संबंध पहले कार्यकाल से ही मज़बूत रहे हैं, जब राष्ट्रपति ट्रंप को भारत आने का अवसर मिला था। यह रिश्ता अब दूसरे कार्यकाल में भी जारी है और दोनों नेताओं के बीच गहरा जुड़ाव साफ दिखाई देता है। ये दोनों गंभीर नेता हैं, जो केवल अल्पकालिक नहीं बल्कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ काम कर रहे हैं।'

व्यापार, सुरक्षा और वीज़ा — साझेदारी के तीन स्तंभ

रुबियो ने रेखांकित किया कि भारत-अमेरिका साझेदारी कई ऐसे क्षेत्रों में गहरी हुई है जो अक्सर सुर्खियों में नहीं आते। उनके अनुसार भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यासों के ज़रिए सुरक्षा साझेदारी भी सुदृढ़ हुई है।

कांसुलर सेवाओं के संदर्भ में रुबियो ने 'अमेरिका फर्स्ट' वीज़ा शेड्यूलिंग टूल की घोषणा की, जो व्यापारिक पेशेवरों को वीज़ा आवेदन में प्राथमिकता देगा। यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारत से अमेरिका में वीज़ा प्रतीक्षा अवधि लंबी रही है और व्यापारिक समुदाय लंबे समय से त्वरित प्रक्रिया की माँग कर रहा था।

आगे क्या होगा

रुबियो ने संकेत दिया कि आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच संबंधों को लेकर 'कई नई और महत्वपूर्ण घोषणाएं' की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देना है। प्रधानमंत्री मोदी की संभावित व्हाइट हाउस यात्रा और व्यापार वार्ता की प्रगति इन घोषणाओं का केंद्र हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक व्हाइट हाउस आमंत्रण, और 'आने वाले महीनों में बड़ी घोषणाओं' का वादा। लेकिन असली परीक्षा व्यापार वार्ता में है, जहाँ टैरिफ और बाज़ार पहुँच पर दोनों देशों के बीच अभी भी मतभेद बने हुए हैं। $20 अरब के भारतीय निवेश का उल्लेख ट्रंप प्रशासन की 'अमेरिका फर्स्ट' कथा को साधने की कोशिश लगती है। 'अमेरिका फर्स्ट' वीज़ा टूल की घोषणा स्वागत योग्य है, पर यह स्पष्ट नहीं है कि यह मौजूदा प्रतीक्षा अवधि को कितना कम करेगा — विवरण अभी आना बाकी है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई दिल्ली में 'सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग' क्या है और इसका उद्घाटन किसने किया?
यह अमेरिकी दूतावास, नई दिल्ली की एक नई इमारत है जिसमें दूतावास के प्रबंधन और कांसुलर विभाग संचालित होंगे। इसका उद्घाटन 24 मई 2025 को अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो और राजदूत सर्जियो गोर ने संयुक्त रूप से किया।
मार्को रुबियो की भारत यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
रुबियो की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा थी, जिसका उद्देश्य भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करना और नई दिशा देना था। इस दौरान उन्होंने PM मोदी से मुलाकात की और राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से व्हाइट हाउस आमंत्रण दिया।
PM मोदी को व्हाइट हाउस का न्योता क्यों दिया गया?
रुबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से PM मोदी को जल्द ही व्हाइट हाउस आने का आमंत्रण दिया, जो दोनों नेताओं के व्यक्तिगत और राजनयिक संबंधों की गहराई को दर्शाता है। रुबियो ने कहा कि दोनों नेता दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ काम कर रहे हैं।
'अमेरिका फर्स्ट' वीज़ा शेड्यूलिंग टूल क्या है और इससे किसे फायदा होगा?
यह एक नया वीज़ा आवेदन प्रणाली टूल है जिसे रुबियो ने घोषित किया। यह व्यापारिक पेशेवरों को वीज़ा प्रक्रिया में प्राथमिकता देगा, जिससे भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों को और गति मिलने की उम्मीद है।
भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंध कितने मज़बूत हैं?
रुबियो के अनुसार भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में $20 अरब से अधिक का निवेश किया है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सैन्य अभ्यासों के ज़रिए सुरक्षा साझेदारी भी मज़बूत हुई है और आने वाले महीनों में कई नई घोषणाओं की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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